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हमीरपुर के 50 किसानों का प्रतिनिधिमंडल महिलाओं समेत पहुंचा गुरुकुल
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हमीरपुर के किसानों ने जानी कम लागत पर खेती
- 50 किसानों का प्रतिनिधिमंडल महिलाओं समेत पहुंचा गुरुकुल
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। गुरुकुल संरक्षक एवं हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की प्रेरणा से किसानों में कम लागत प्राकृतिक कृषि पद्धति को लेकर क्रेज बढ़ने लगा है। बुधवार को हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के बिझड़ी विकास खंड के लगभग 50 किसान गुरुकुल पहुंचे और कृषि फार्म का भ्रमण करते हुए विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी ली।
प्रधान कुलवंत सिंह सैनी, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरिओम, सहप्राचार्य शमशेर सिंह एवं फार्म मैनेजर गुरदीप सिंह ने किसानों को उक्त विषय के संदर्भ में बताते हुए विभिन्न शंकाओं को शांत किया। साथ ही किसानों को खेती की परंपरागत तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरणा भी दी। कुलवंत सैनी ने कहा कि रासायनिक खेती ने किसान को बर्बाद कर दिया है। इससे किसान को न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि यूरिया, पेस्टीसाइड, डीएपी के प्रयोग से खेत की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ भूमि का जलस्तर भी गिरता जा रहा है। वहीं मित्र जीव भी समाप्त हो गए हैं, जिस कारण पर्यावरण में असंतुलन की स्थिति बनने लगी है। इन सारी समस्याओं से बचने के लिए कम लागत प्राकृतिक खेती बेहतरीन एवं कारगर उपाय है।
गुरुकुल फार्म मैनेजर गुरदीप सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को भ्रमण कराया। फार्म पर गन्ना, गेहूं एवं सब्जियों की फसलों को दिखाया गया। इसपर किसानों ने आश्वासन दिया वे कम लागत प्राकृतिक कृषि मॉडल को अपनाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल महिलाओं ने भी कम लागत प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत, घनजीवामृत एवं अन्य उपयोगी उत्पादों में रूचि दिखाई। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में आत्मा प्रोजेक्ट से आरती शर्मा, ज्योति शर्मा सहित किसान विपिन, अनिल, जनकराज, देवेंद्र, रामपाल, सरला शर्मा, बीना देवी, शकुंतला देवी, शीला देवी तथा निर्मला सहित अन्य मौजूद रहे।
- 50 किसानों का प्रतिनिधिमंडल महिलाओं समेत पहुंचा गुरुकुल
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। गुरुकुल संरक्षक एवं हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत की प्रेरणा से किसानों में कम लागत प्राकृतिक कृषि पद्धति को लेकर क्रेज बढ़ने लगा है। बुधवार को हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के बिझड़ी विकास खंड के लगभग 50 किसान गुरुकुल पहुंचे और कृषि फार्म का भ्रमण करते हुए विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी ली।
प्रधान कुलवंत सिंह सैनी, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरिओम, सहप्राचार्य शमशेर सिंह एवं फार्म मैनेजर गुरदीप सिंह ने किसानों को उक्त विषय के संदर्भ में बताते हुए विभिन्न शंकाओं को शांत किया। साथ ही किसानों को खेती की परंपरागत तकनीक को अपनाने के लिए प्रेरणा भी दी। कुलवंत सैनी ने कहा कि रासायनिक खेती ने किसान को बर्बाद कर दिया है। इससे किसान को न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि यूरिया, पेस्टीसाइड, डीएपी के प्रयोग से खेत की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ भूमि का जलस्तर भी गिरता जा रहा है। वहीं मित्र जीव भी समाप्त हो गए हैं, जिस कारण पर्यावरण में असंतुलन की स्थिति बनने लगी है। इन सारी समस्याओं से बचने के लिए कम लागत प्राकृतिक खेती बेहतरीन एवं कारगर उपाय है।
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गुरुकुल फार्म मैनेजर गुरदीप सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को भ्रमण कराया। फार्म पर गन्ना, गेहूं एवं सब्जियों की फसलों को दिखाया गया। इसपर किसानों ने आश्वासन दिया वे कम लागत प्राकृतिक कृषि मॉडल को अपनाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल महिलाओं ने भी कम लागत प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत, घनजीवामृत एवं अन्य उपयोगी उत्पादों में रूचि दिखाई। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में आत्मा प्रोजेक्ट से आरती शर्मा, ज्योति शर्मा सहित किसान विपिन, अनिल, जनकराज, देवेंद्र, रामपाल, सरला शर्मा, बीना देवी, शकुंतला देवी, शीला देवी तथा निर्मला सहित अन्य मौजूद रहे।
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