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आंगनबाड़ी वर्करों ने फूंका महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन का पुतला
Updated Thu, 15 Feb 2018 12:34 AM IST
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आंगनबाड़ी वर्करों ने फूंका महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन का पुतला
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
सरकारी कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम वेतनमान देने सहित अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्करों, हेल्परों और खाना बनाने वाली मदर ग्रुप की महिलाओं ने जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रखा। बुधवार को आंगनबाड़ी और हेल्पर्स यूनियन ने नए बस अड्डे के समीप नारेबाजी कर महिला और बाल विकास मंत्री कविता जैन का पुतला फूंका। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज कर देंगी। वह जीटी रोड जाम करने से भी गुरेज नहीं करेंगी। महिलाओं ने तहसीलदार को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों ने निर्णय लिया है कि वे 15 फरवरी को काला दिवस मनाएंगी और काले कपड़े पहनकर अपना विरोध प्रदर्शन करेंगी। इस धरना प्रदर्शन में जिले भर से सैकड़ों वर्करों और हेल्परों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि उनका यह धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती। इससे पहले जिले भर की आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्पर और मदर ग्रुप की महिलाएं द्रोणाचार्य स्टेडियम में एकत्रित हुईं। वहां से पुतले के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सेक्टर-13 के मार्केट से होते हुए नए बस अड्डे के पास पहुंचीं। सभी ने वहां पुतला फूंका। जिला सचिव कलावती ने कहा कि अब सरकार से अपना हक लेकर ही चेन से बैठेंगी। इसलिए जब तक उनको सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि वे केवल अपना हक मांग रही हैं। सरकार उनसे सरकारी कामों जैसे जनगणना, सर्वे, पोलियो उन्मूलन अभियान में काम लेती है तो फिर उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित क्यों नहीं किया जा रहा। वेतनमान भी उन्हें समय पर नहीं मिलता। हर बार बजट न आने के नाम पर कईमाह का वेतन नहीं दिया जाता।
तीन साल पहले किए गए जनगणना सर्वे का पैसा नहीं मिला
जिला सचिव कलावती ने बताया कि सरकार ने लगभग तीन साल पहले जनगणना का सर्वे कराया था। इसमें आंगनबाड़ी वर्करों की ड्यूटियां लगाई गई थीं। आज तक उन्हें उनका मेहनताना नहीं मिला। वह अधिकारियों के बार-बार चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
सरकारी कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम वेतनमान देने सहित अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्करों, हेल्परों और खाना बनाने वाली मदर ग्रुप की महिलाओं ने जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रखा। बुधवार को आंगनबाड़ी और हेल्पर्स यूनियन ने नए बस अड्डे के समीप नारेबाजी कर महिला और बाल विकास मंत्री कविता जैन का पुतला फूंका। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज कर देंगी। वह जीटी रोड जाम करने से भी गुरेज नहीं करेंगी। महिलाओं ने तहसीलदार को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों ने निर्णय लिया है कि वे 15 फरवरी को काला दिवस मनाएंगी और काले कपड़े पहनकर अपना विरोध प्रदर्शन करेंगी। इस धरना प्रदर्शन में जिले भर से सैकड़ों वर्करों और हेल्परों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि उनका यह धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती। इससे पहले जिले भर की आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्पर और मदर ग्रुप की महिलाएं द्रोणाचार्य स्टेडियम में एकत्रित हुईं। वहां से पुतले के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सेक्टर-13 के मार्केट से होते हुए नए बस अड्डे के पास पहुंचीं। सभी ने वहां पुतला फूंका। जिला सचिव कलावती ने कहा कि अब सरकार से अपना हक लेकर ही चेन से बैठेंगी। इसलिए जब तक उनको सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि वे केवल अपना हक मांग रही हैं। सरकार उनसे सरकारी कामों जैसे जनगणना, सर्वे, पोलियो उन्मूलन अभियान में काम लेती है तो फिर उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित क्यों नहीं किया जा रहा। वेतनमान भी उन्हें समय पर नहीं मिलता। हर बार बजट न आने के नाम पर कईमाह का वेतन नहीं दिया जाता।
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तीन साल पहले किए गए जनगणना सर्वे का पैसा नहीं मिला
जिला सचिव कलावती ने बताया कि सरकार ने लगभग तीन साल पहले जनगणना का सर्वे कराया था। इसमें आंगनबाड़ी वर्करों की ड्यूटियां लगाई गई थीं। आज तक उन्हें उनका मेहनताना नहीं मिला। वह अधिकारियों के बार-बार चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला।
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