{"_id":"59d914954f1c1bb6678b49c4","slug":"161507398805-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरु रामदास का प्रकाशोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरु रामदास का प्रकाशोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया
Updated Sat, 07 Oct 2017 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरु रामदास का प्रकाशोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया
अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद।
गुरु नानक वाटिका पब्लिक स्कूल में चौथी पातशाही गुरु रामदास का प्रकाशोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस मौके पर कार्यक्रम भी हुआ। इसमें विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर गुरु रामदास की महिमा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कक्षा चौथी से महलीन ने गुरु रामदास की शिक्षाओं को कविता के माध्यम से प्रस्तुत कर सबका मन को मोह लिया। कविता के माध्यम से उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश भी दिया। इसके अलावा इस मौके पर स्कूली छात्रों द्वारा शब्द कीर्तन के द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब और गुरु रामदास के द्वारा दिए गए संदेशों का बखान किया। इस मौके पर स्कूल चेयरमैन गोबिंद्र सिंह, प्रधान अमरीक सिंह, मोहिंद्र सिंह आदि ने गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में स्कूल की प्रिंसिपल निशी बवेजा ने कहा कि हमें सभी पर्व समान रूप से मनाने चाहिए।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद।
गुरु नानक वाटिका पब्लिक स्कूल में चौथी पातशाही गुरु रामदास का प्रकाशोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस मौके पर कार्यक्रम भी हुआ। इसमें विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर गुरु रामदास की महिमा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कक्षा चौथी से महलीन ने गुरु रामदास की शिक्षाओं को कविता के माध्यम से प्रस्तुत कर सबका मन को मोह लिया। कविता के माध्यम से उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश भी दिया। इसके अलावा इस मौके पर स्कूली छात्रों द्वारा शब्द कीर्तन के द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब और गुरु रामदास के द्वारा दिए गए संदेशों का बखान किया। इस मौके पर स्कूल चेयरमैन गोबिंद्र सिंह, प्रधान अमरीक सिंह, मोहिंद्र सिंह आदि ने गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में स्कूल की प्रिंसिपल निशी बवेजा ने कहा कि हमें सभी पर्व समान रूप से मनाने चाहिए।