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मारकंडा नदी में आया उफान
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:04 AM IST
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मारकंडा नदी में आया उफान
पहुंचा 8720 क्यूसिक पानी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। शाहाबाद की मारकंडा नदी में वीरवार को सुबह अचानक 8720 क्यूसिक पानी आ गया। इससे मारकंडा नदी के मुहाने बसे डेरों और गांवों में हड़कंप मच गया।
गेज रीडर रोशन लाल ने बताया कि प्रात: पानी आना शुरू हुआ और करीब 8720 क्यूसिक तक पहुंच गया। उन्होंने बताया कि यह पिछले दो दिनों से यमुनानगर व अन्य स्थानों पर हुई बरसात का पानी है। उन्होंने बताया कि काले आंब से प्राप्त सूचना के मुताबिक पानी आने की कोई उम्मीद नहीं है, लेकिन अगर ज्यादा बरसात होती है तो पानी की मात्रा बढ़ सकती है। हालांकि नदी में आया पानी साथ लगती गोशालाओं तक जरूर पहुंचा लेकिन जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ है। वहीं अगर नदी का जलस्तर बढ़ता है तो इसके पानी से अरूप नगर, कठवा, मलिक पुर, गुमटी, मदन पुर, कलसाना, आदि गांवों व साथ लगते डेरों पर इसकी मार पड़ सकती है। लेकिन फिलहाल नदी में जलस्तर बढने की कोई संभावना नहीं है। लेकिन अगर बरसात के कारण पानी बढ़ता है तो इससे नुकसान हो सकता है। हालांकि प्रशासन ने भी राहत के पूरे प्रबंध किए हुए हैं तथा प्रशासन की नजर लगातार जल स्तर पर है। गांववासी भी अपने स्तर पर नदी पर नजर रखे हुए हैं क्योंकि रात के समय अगर पानी मात्रा बढ़ती है तो गांववासी भी अपने स्तर पर राहत के प्रबंध कर सकते हैं। वहीं नदी में पानी आने से श्रद्धालु प्रसन्न हैं और वह नदी पर पहुंचकर पूजा करने में जुट गए हैं। जनश्रुति के मुताबिक मारकंडा नदी के पानी में स्नान करने से शरीर के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
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मारकंडा नदी में आया उफान
पहुंचा 8720 क्यूसिक पानी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। शाहाबाद की मारकंडा नदी में वीरवार को सुबह अचानक 8720 क्यूसिक पानी आ गया। इससे मारकंडा नदी के मुहाने बसे डेरों और गांवों में हड़कंप मच गया।
गेज रीडर रोशन लाल ने बताया कि प्रात: पानी आना शुरू हुआ और करीब 8720 क्यूसिक तक पहुंच गया। उन्होंने बताया कि यह पिछले दो दिनों से यमुनानगर व अन्य स्थानों पर हुई बरसात का पानी है। उन्होंने बताया कि काले आंब से प्राप्त सूचना के मुताबिक पानी आने की कोई उम्मीद नहीं है, लेकिन अगर ज्यादा बरसात होती है तो पानी की मात्रा बढ़ सकती है। हालांकि नदी में आया पानी साथ लगती गोशालाओं तक जरूर पहुंचा लेकिन जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ है। वहीं अगर नदी का जलस्तर बढ़ता है तो इसके पानी से अरूप नगर, कठवा, मलिक पुर, गुमटी, मदन पुर, कलसाना, आदि गांवों व साथ लगते डेरों पर इसकी मार पड़ सकती है। लेकिन फिलहाल नदी में जलस्तर बढने की कोई संभावना नहीं है। लेकिन अगर बरसात के कारण पानी बढ़ता है तो इससे नुकसान हो सकता है। हालांकि प्रशासन ने भी राहत के पूरे प्रबंध किए हुए हैं तथा प्रशासन की नजर लगातार जल स्तर पर है। गांववासी भी अपने स्तर पर नदी पर नजर रखे हुए हैं क्योंकि रात के समय अगर पानी मात्रा बढ़ती है तो गांववासी भी अपने स्तर पर राहत के प्रबंध कर सकते हैं। वहीं नदी में पानी आने से श्रद्धालु प्रसन्न हैं और वह नदी पर पहुंचकर पूजा करने में जुट गए हैं। जनश्रुति के मुताबिक मारकंडा नदी के पानी में स्नान करने से शरीर के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।