{"_id":"5bf4569abdec22693f5f7161","slug":"151542739610-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"-रोडवेज चालक-परिचालकों को रूटेशन पूरी किए बिना बसें न खड़ी करने का जारी करना पड़ा नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
-रोडवेज चालक-परिचालकों को रूटेशन पूरी किए बिना बसें न खड़ी करने का जारी करना पड़ा नोटिस
Updated Wed, 21 Nov 2018 12:19 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार की ओर से रोडवेज चालकों-परिचालकों को ओवरटाइम न देने के आदेशों के चलते एक बार फिर रोडवेज व्यवस्था गड़बड़ाने लगी है। विभाग के फरमान के बाद चालकों-परिचालकों ने आठ घंटे की ड्यूटी पूरी होते ही बसें खड़ी करनी शुरू कर दीं। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं अधिकारियों की भी सांसें फूलने लगीं। आनन-फानन में डिपो महाप्रबंधक ने सभी चालकों-परिचालकों के नाम नोटिस जारी किया।
इसमें आदेश दिए गए कि रोटेशन पूरी किए बिना कोई भी बस खड़ी नहीं कर सकेगा। बस खड़ी करने वाला चालक-परिचालक इसके लिए खुद जिम्मेदार होगा। चालक-परिचालकों को बिना अनुमति के रोटेशन में बदलाव न करने के भी आदेश दिए हैं। हालांकि इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि आठ घंटे से अधिक समय रोटेशन पूरी करने में लगता है तो इसे रेस्ट में एड्जस्ट कर दिया जाएगा। चालकों-परिचालकों की मानें तो स्थानीय रूटों पर चलने वाली बसें अधिक प्रभावित रहीं। इससे विभिन्न रूटों पर बसों की संख्या कम हो गई और यात्री बसों को इंतजार करते रहे। वहीं रोडवेज यूनियन प्रदेश महासचिव माया राम उनियाल, प्रदेश प्रवक्ता नरेश कुमार का कहना है कि सरकार व विभाग की ओर से हर रोज नया फरमान जारी कर कर्मियों को परेशान करने का कार्य किया जा रहा है, जिसके साथ ही जनता भी परेशान हो रही है। इससे कर्मचारियों व जनता में रोष बढ़ता जा रहा है।
नहीं रुकने दीं बसें, अधिक समय लगा तो बदले में मिलेगा रेस्ट : टीएम
टीएम मेजर सिंह का कहना है कि बसें नहीं रुकने दीं। चालक-परिचालकों को स्पष्ट कर दिया गया है कि रोटेशन पूरी होने में लगने वाले अधिक समय के बदले रेस्ट दे दिया जाएगा। इस पर चालक-परिचालक सहमत हैं और सभी बसें सामान्य दिनों की तरह ही चलती रहीं।
विज्ञापन
कपाल मोचन मेले में गईं 15 बसें
टीएम के अनुसार, डिपो की 158 बसें सड़कों पर सामान्य तौर पर चलती रहीं। वहीं 15 बसें यमुनानगर में आयोजित कपालमोचन मेले में भेजी गई हैं। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में पहुंचे।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार की ओर से रोडवेज चालकों-परिचालकों को ओवरटाइम न देने के आदेशों के चलते एक बार फिर रोडवेज व्यवस्था गड़बड़ाने लगी है। विभाग के फरमान के बाद चालकों-परिचालकों ने आठ घंटे की ड्यूटी पूरी होते ही बसें खड़ी करनी शुरू कर दीं। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं अधिकारियों की भी सांसें फूलने लगीं। आनन-फानन में डिपो महाप्रबंधक ने सभी चालकों-परिचालकों के नाम नोटिस जारी किया।
इसमें आदेश दिए गए कि रोटेशन पूरी किए बिना कोई भी बस खड़ी नहीं कर सकेगा। बस खड़ी करने वाला चालक-परिचालक इसके लिए खुद जिम्मेदार होगा। चालक-परिचालकों को बिना अनुमति के रोटेशन में बदलाव न करने के भी आदेश दिए हैं। हालांकि इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि आठ घंटे से अधिक समय रोटेशन पूरी करने में लगता है तो इसे रेस्ट में एड्जस्ट कर दिया जाएगा। चालकों-परिचालकों की मानें तो स्थानीय रूटों पर चलने वाली बसें अधिक प्रभावित रहीं। इससे विभिन्न रूटों पर बसों की संख्या कम हो गई और यात्री बसों को इंतजार करते रहे। वहीं रोडवेज यूनियन प्रदेश महासचिव माया राम उनियाल, प्रदेश प्रवक्ता नरेश कुमार का कहना है कि सरकार व विभाग की ओर से हर रोज नया फरमान जारी कर कर्मियों को परेशान करने का कार्य किया जा रहा है, जिसके साथ ही जनता भी परेशान हो रही है। इससे कर्मचारियों व जनता में रोष बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
नहीं रुकने दीं बसें, अधिक समय लगा तो बदले में मिलेगा रेस्ट : टीएम
टीएम मेजर सिंह का कहना है कि बसें नहीं रुकने दीं। चालक-परिचालकों को स्पष्ट कर दिया गया है कि रोटेशन पूरी होने में लगने वाले अधिक समय के बदले रेस्ट दे दिया जाएगा। इस पर चालक-परिचालक सहमत हैं और सभी बसें सामान्य दिनों की तरह ही चलती रहीं।
विज्ञापन
कपाल मोचन मेले में गईं 15 बसें
टीएम के अनुसार, डिपो की 158 बसें सड़कों पर सामान्य तौर पर चलती रहीं। वहीं 15 बसें यमुनानगर में आयोजित कपालमोचन मेले में भेजी गई हैं। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में पहुंचे।