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आखिरकार केयू प्रशासन हरकत में आया चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन
Updated Sat, 14 Jul 2018 12:41 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। नेट के पेपर में नकल मामले में भले सीबीएसई की भूमिका गौण हो, मगर केयू प्रशासन ने इस मामले में पहल कर डीन अकेडमिक अफेयर के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। अमर उजाला द्वारा यह मामला उजागर किये जाने के बाद छात्र संगठनों और केयू के शिक्षक इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं। वीरवार को कॉलेज प्रिंसीपल से रिपोर्ट तलब करने के बाद शुक्रवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा के आदेश पर जांच कमेटी गठित की गई । यह कमेटी 8 जुलाई 2018 को केयू के यूनिवर्सिटी कॉलेज में बने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के सेंटर में हुई गड़बड़ी की अपने स्तर पर जांच करेगी। इसकी पुष्टि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के निदेशक जनसंपर्क विभाग डॉ. तेजेंद्र शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि डीन अकेडमिक अफेयर श्याम कुमार, चीफ सिक्योरिटी आफिसर डॉ. अनिल गुप्ता, प्रॉक्टर डॉ. आरके देसवाल, डिपार्टमेंट आफ लॉ डॉ. प्रीति जैन को शामिल किया गया है। इस कमेटी ने डीन अकेडमिक अफेयर डॉ. श्याम कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार से ही जांच शुरू कर दी है। बता दें कि वीरवार को वीसी ने नेट के पेपर में नकल प्रकरण पर सेंटर सुप्रीडेंट यूनिवर्सिटी कालेज के प्रिंसिपल डॉ. एसबी मलिक से रिपोर्ट मांगी थी,यह रिपोर्ट शुक्रवार को वीसी डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा को सौंप दी गई है।
करीब 25 प्रोफेसर मिले प्रिंसिपल से, घंटेभर चली बैठक
शुक्रवार को यूनिवर्सिटी कालेज में शैक्षणिक सत्र का पहला दिन था, लेकिन कॉलेज के अधिकांश शिक्षकों के चेहरे रविवार को नेट के पेपर में नकल मामले की सुर्खियों से तमतमाए हुए थे। इन्होने प्रिंसिपल से पूरे मामले पर प्रकाश डालने को कहा, लेकिन प्रिंसिपल ने यही जवाब दिया कि उनसे जो रिपोर्ट मांगी थी वह वीसी को दे चुके हैं। हालांकि इनमें से कुछ प्रोफेसरों ने इस रिपोर्ट की जानकारी इस बैठक के दौरान मांगी थी, लेकिन उन्हें रिपोर्ट बारे कोई जानकारी नहीं दी गई।
प्रिंसिपल के समक्ष ही प्रोफेसर बोला मैने देखा था मोबाइल पर...
बताया गया है कि कुछ शिक्षकों के सामने एक प्रोफेसर ने प्रिंसिपल को यहां तक कहा कि नेट के पेपर की ड्यूटी के दौरान उसने खुद केयू डिपार्टमेंट के एक प्रोफेसर को मोबाइल पर बात करते हुए देखा था। इस प्रोफेसर ने अन्य शिक्षकों के बीच यह सवाल भी उठाया कि नेट के पेपर में ड्यूटी पर मौजूद व्यक्ति मोबाइल का उपयोग कैसे कर रहा था ? इसके जवाब में कोई ठोस उत्तर नहीं मिला,जिसके बाद यह बात खूब चर्चा रही।
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रजिस्ट्रार से मिलेगा शिष्टमंडल
शुक्रवार को यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्रोफेसर ने बातचीत कर यह भी निर्णय लिया गया कि शिक्षकों का एक शिष्टमंडल जल्द केयू रजिस्ट्रार से मिलेगा। केयू ईसी की मेंबर एवं यूनिवर्सिटी कॉलेज स्टाफ सेक्रेटरी डॉ. अनिता दुआ की अगुवाई में छह प्रोफेसरों से रजिस्ट्रार से निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। इनका मानना है कि नेट के पेपर में माहौल खराब करने वालों की बदौलत यूनिवर्सिटी कालेज और उसके शिक्षकों के सम्मान पर चोट पहुंच रही है।
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कुरुक्षेत्र। नेट के पेपर में नकल मामले में भले सीबीएसई की भूमिका गौण हो, मगर केयू प्रशासन ने इस मामले में पहल कर डीन अकेडमिक अफेयर के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। अमर उजाला द्वारा यह मामला उजागर किये जाने के बाद छात्र संगठनों और केयू के शिक्षक इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं। वीरवार को कॉलेज प्रिंसीपल से रिपोर्ट तलब करने के बाद शुक्रवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा के आदेश पर जांच कमेटी गठित की गई । यह कमेटी 8 जुलाई 2018 को केयू के यूनिवर्सिटी कॉलेज में बने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के सेंटर में हुई गड़बड़ी की अपने स्तर पर जांच करेगी। इसकी पुष्टि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के निदेशक जनसंपर्क विभाग डॉ. तेजेंद्र शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि डीन अकेडमिक अफेयर श्याम कुमार, चीफ सिक्योरिटी आफिसर डॉ. अनिल गुप्ता, प्रॉक्टर डॉ. आरके देसवाल, डिपार्टमेंट आफ लॉ डॉ. प्रीति जैन को शामिल किया गया है। इस कमेटी ने डीन अकेडमिक अफेयर डॉ. श्याम कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार से ही जांच शुरू कर दी है। बता दें कि वीरवार को वीसी ने नेट के पेपर में नकल प्रकरण पर सेंटर सुप्रीडेंट यूनिवर्सिटी कालेज के प्रिंसिपल डॉ. एसबी मलिक से रिपोर्ट मांगी थी,यह रिपोर्ट शुक्रवार को वीसी डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा को सौंप दी गई है।
करीब 25 प्रोफेसर मिले प्रिंसिपल से, घंटेभर चली बैठक
शुक्रवार को यूनिवर्सिटी कालेज में शैक्षणिक सत्र का पहला दिन था, लेकिन कॉलेज के अधिकांश शिक्षकों के चेहरे रविवार को नेट के पेपर में नकल मामले की सुर्खियों से तमतमाए हुए थे। इन्होने प्रिंसिपल से पूरे मामले पर प्रकाश डालने को कहा, लेकिन प्रिंसिपल ने यही जवाब दिया कि उनसे जो रिपोर्ट मांगी थी वह वीसी को दे चुके हैं। हालांकि इनमें से कुछ प्रोफेसरों ने इस रिपोर्ट की जानकारी इस बैठक के दौरान मांगी थी, लेकिन उन्हें रिपोर्ट बारे कोई जानकारी नहीं दी गई।
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प्रिंसिपल के समक्ष ही प्रोफेसर बोला मैने देखा था मोबाइल पर...
बताया गया है कि कुछ शिक्षकों के सामने एक प्रोफेसर ने प्रिंसिपल को यहां तक कहा कि नेट के पेपर की ड्यूटी के दौरान उसने खुद केयू डिपार्टमेंट के एक प्रोफेसर को मोबाइल पर बात करते हुए देखा था। इस प्रोफेसर ने अन्य शिक्षकों के बीच यह सवाल भी उठाया कि नेट के पेपर में ड्यूटी पर मौजूद व्यक्ति मोबाइल का उपयोग कैसे कर रहा था ? इसके जवाब में कोई ठोस उत्तर नहीं मिला,जिसके बाद यह बात खूब चर्चा रही।
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रजिस्ट्रार से मिलेगा शिष्टमंडल
शुक्रवार को यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्रोफेसर ने बातचीत कर यह भी निर्णय लिया गया कि शिक्षकों का एक शिष्टमंडल जल्द केयू रजिस्ट्रार से मिलेगा। केयू ईसी की मेंबर एवं यूनिवर्सिटी कॉलेज स्टाफ सेक्रेटरी डॉ. अनिता दुआ की अगुवाई में छह प्रोफेसरों से रजिस्ट्रार से निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। इनका मानना है कि नेट के पेपर में माहौल खराब करने वालों की बदौलत यूनिवर्सिटी कालेज और उसके शिक्षकों के सम्मान पर चोट पहुंच रही है।