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स्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी के बीच खींचतान
Updated Mon, 09 Jul 2018 06:20 PM IST
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कुरुक्षेत्र। लोक नायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल में सड़क व पार्किंग निर्माण का कार्य स्वास्थ्य विभाग व पीडब्ल्यूडी के बीच बजट को लेकर चल रही खींचतान में फंसकर रह गया है, जिसके चलते यह निर्माण कार्य करीब दो माह से अधूरा पड़ा हुआ है। अब दोनों विभाग अपना-अपना पल्ला झाड़ते हुए एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे है जबकि पार्किंग निर्माण न होने का खामियाजा मरीजों व उनके साथ आने वाले परिजनों को भी भुगतना पड़ रहा है। दोनों विभागों की खींचतान के चलते यह कार्य कब तक पूरा हो पाएगा यह कोई भी अधिकारी स्पष्ट नहीं कर पा रहा है।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अमित झा ने जनवरी माह में अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। पार्किंग व सड़कों की हालत देख वे भड़क उठे थे तो उन्होंने पीडब्ल्यूडी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दस दिन में सड़क निर्माण कार्य करने के सख्त आदेश भी दिए थे, मगर प्रधान सचिव के आदेशों के छह माह बीतने के बाद भी सड़क व पार्किंग का निर्माण कार्य आज तक अटका पड़ा है, जिसका खामियाजा अस्पताल में इलाज के लिये आ रहे मरीजों व तिमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिर्फ 12 लाख रुपये आए है, मगर अस्पताल परिसर सहित चिकित्सक आवास तक की सड़क निर्माण कार्य पर अतिरिक्त 18 से 20 लाख रुपये का लागत आ चुकी है। अस्पताल में रोजाना करीब 2 हजार ओपीडी होती है और अस्पताल परिसर में अटके सड़क निर्माण कार्य के चलते परिसर में ब्लॉक बिखरे हुए है जो सरेआम हादसे को न्योता दे रहे हैं।
15 दिनों में किया जाना था निर्माण कार्य
प्रधान सचिव अमित झा ने 22 जनवरी मेें औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की टूटी सड़क व खस्ता हाल पार्किंग को देख पीडब्ल्यूडी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भेजने व 15 दिनों में सड़क निर्माण करने के निर्देश दिए थे। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीडब्ल्यूडी को इस कार्य के लिए 12 लाख रुपये देने के आदेश भी दिए थे।
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पार्किंग को लेकर कई बार हो चुके हैं झगड़े
अस्पताल परिसर में पार्किंग का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है, जिसके चलते अस्पताल में आने मरीज व उनके परिजन अस्पताल में अपने वाहनों को अव्यवस्थित तरीके से वाहनों को खड़ा कर देते है। हालांकि पार्किंग को लेकर कई बार झगड़े हो चुके है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले पुलिस कर्मी व एंबुलेंस में मरीज लेकर आये परिजनों में कहासूनी हुई थी।
मिले 12 लाख, लागत आ चुकी 18 से 20 लाख रुपये : कंबोज
पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता जेपी कंबोज ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिर्फ एक बार ही 12 लाख रुपये दिये गये है। हालांकि अस्पताल में चल रहे सड़क निर्माण कार्य में अतिरिक्त 18 से 20 लाख रुपये के करीब लागत आ चुकी है। उन्होंने कहा कि पार्किंग निर्माण कार्य स्वास्थ्य विभाग ने ही किसी ठेकेदार को ठेका दिया हुआ है।
पार्किंग का निर्माण कार्य कराना पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी : डॉ एनपी सिंह
उप सिविल सर्जन डॉ एनपी सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर की पार्किंग का निर्माण कार्य कराना पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी है। जो स्वास्थ्य विभाग द्वारा नये अस्पताल निर्माण के लिए बजट पास हुआ है, उसी बजट में से पीडब्ल्यूडी को अस्पताल परिसर की पार्किंग का निर्माण कार्य करवाना पड़ेगा।
उच्चाधिकारी देंगे पीडब्ल्यूडी को बजट: सीएमओ
सीएमओ डॉ सुखबीर सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर राशि पीडब्ल्यूडी के खाते में नहीं डाली जाती। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी ही पीडब्ल्यूडी को बजट उपलब्ध कराते हैं। हालांकि इस मामले की फिलहाल ज्यादा जानकारी नहीं है। जल्द ही इस संबंध अधिकारियों से बातचीत कर समाधान किया जाएगा।
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बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अमित झा ने जनवरी माह में अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। पार्किंग व सड़कों की हालत देख वे भड़क उठे थे तो उन्होंने पीडब्ल्यूडी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दस दिन में सड़क निर्माण कार्य करने के सख्त आदेश भी दिए थे, मगर प्रधान सचिव के आदेशों के छह माह बीतने के बाद भी सड़क व पार्किंग का निर्माण कार्य आज तक अटका पड़ा है, जिसका खामियाजा अस्पताल में इलाज के लिये आ रहे मरीजों व तिमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिर्फ 12 लाख रुपये आए है, मगर अस्पताल परिसर सहित चिकित्सक आवास तक की सड़क निर्माण कार्य पर अतिरिक्त 18 से 20 लाख रुपये का लागत आ चुकी है। अस्पताल में रोजाना करीब 2 हजार ओपीडी होती है और अस्पताल परिसर में अटके सड़क निर्माण कार्य के चलते परिसर में ब्लॉक बिखरे हुए है जो सरेआम हादसे को न्योता दे रहे हैं।
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15 दिनों में किया जाना था निर्माण कार्य
प्रधान सचिव अमित झा ने 22 जनवरी मेें औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की टूटी सड़क व खस्ता हाल पार्किंग को देख पीडब्ल्यूडी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भेजने व 15 दिनों में सड़क निर्माण करने के निर्देश दिए थे। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीडब्ल्यूडी को इस कार्य के लिए 12 लाख रुपये देने के आदेश भी दिए थे।
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पार्किंग को लेकर कई बार हो चुके हैं झगड़े
अस्पताल परिसर में पार्किंग का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है, जिसके चलते अस्पताल में आने मरीज व उनके परिजन अस्पताल में अपने वाहनों को अव्यवस्थित तरीके से वाहनों को खड़ा कर देते है। हालांकि पार्किंग को लेकर कई बार झगड़े हो चुके है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले पुलिस कर्मी व एंबुलेंस में मरीज लेकर आये परिजनों में कहासूनी हुई थी।
मिले 12 लाख, लागत आ चुकी 18 से 20 लाख रुपये : कंबोज
पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता जेपी कंबोज ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिर्फ एक बार ही 12 लाख रुपये दिये गये है। हालांकि अस्पताल में चल रहे सड़क निर्माण कार्य में अतिरिक्त 18 से 20 लाख रुपये के करीब लागत आ चुकी है। उन्होंने कहा कि पार्किंग निर्माण कार्य स्वास्थ्य विभाग ने ही किसी ठेकेदार को ठेका दिया हुआ है।
पार्किंग का निर्माण कार्य कराना पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी : डॉ एनपी सिंह
उप सिविल सर्जन डॉ एनपी सिंह ने बताया कि अस्पताल परिसर की पार्किंग का निर्माण कार्य कराना पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी है। जो स्वास्थ्य विभाग द्वारा नये अस्पताल निर्माण के लिए बजट पास हुआ है, उसी बजट में से पीडब्ल्यूडी को अस्पताल परिसर की पार्किंग का निर्माण कार्य करवाना पड़ेगा।
उच्चाधिकारी देंगे पीडब्ल्यूडी को बजट: सीएमओ
सीएमओ डॉ सुखबीर सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर राशि पीडब्ल्यूडी के खाते में नहीं डाली जाती। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी ही पीडब्ल्यूडी को बजट उपलब्ध कराते हैं। हालांकि इस मामले की फिलहाल ज्यादा जानकारी नहीं है। जल्द ही इस संबंध अधिकारियों से बातचीत कर समाधान किया जाएगा।