{"_id":"5ac3d1984f1c1bc2618b5598","slug":"151522782616-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरपंचों ने की सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरपंचों ने की सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धरने में शामिल न होने वाले सरपंचों को 5100 रुपये जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद । मांगों को लेकर मंगलवार को पांचवें दिन भी धरने पर बैठे सरंपचों ने प्रदेश सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं सरकारी कार्यक्रमों में शामिल न होने का भी निर्णय लिया। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान मलकीत सिंह ने कहा कि सरंपच पूरी तरह से हरियाणा सरकार से बायकॉट रखेंगे और किसी भी सरकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।
प्रधान मलकीत सिंह ने कहा कि सरकार जानबूझकर पंचायतों के कार्य में बाधा डाल रही है, जोकि सरासर अनुचित है। पांचवें दिन भी सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय पर ताला जड़ कर किसी भी को भी कार्यालय के अंदर नहीं घुसने दिया। प्रधान मलकीत व रिंकू झरौली ने बताया कि जो सरपंच धरने में शामिल नहीं हो रहे उन पर 5100-5100 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ऐसे चार सरपंचों पर जुर्माना किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जुर्माना के बाद वह सरपंच धरने में पूरी तरह से शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरपंच एसोसिएशन अपने धरने को कड़ा रूप देने के लिए तैयार है। आज नपा के पूर्व प्रधान सुदर्शन कक्कड़ ने भी सरपंचों का समर्थन किया। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान ने कहा कि जब तक सरकार सस्पेंड किए गए ग्राम सचिवों को बहाल नहीं करती तथा ई प्रणाली वापस नहीं लेती तब तक उनका विरोध व धरना जारी रहेगा। इस अवसर पर रिंकू झरौली, विक्रम अटवान, उपप्रधान ओमप्रकाश बड़ाम, विक्रम सिंह बीबीपुर, करनैल हरिपुर, ब शीश नलवी, अमरेंद्र कठवा, विक्रमजीत रत्नगढ, दलजीत बकाना, केसर सिंह त्यौडा, देवेंद्र शर्मा, सुबेग ङ्क्षसह सहित बड़ी सं या में सरपंच मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद । मांगों को लेकर मंगलवार को पांचवें दिन भी धरने पर बैठे सरंपचों ने प्रदेश सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं सरकारी कार्यक्रमों में शामिल न होने का भी निर्णय लिया। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान मलकीत सिंह ने कहा कि सरंपच पूरी तरह से हरियाणा सरकार से बायकॉट रखेंगे और किसी भी सरकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।
प्रधान मलकीत सिंह ने कहा कि सरकार जानबूझकर पंचायतों के कार्य में बाधा डाल रही है, जोकि सरासर अनुचित है। पांचवें दिन भी सरपंचों ने बीडीपीओ कार्यालय पर ताला जड़ कर किसी भी को भी कार्यालय के अंदर नहीं घुसने दिया। प्रधान मलकीत व रिंकू झरौली ने बताया कि जो सरपंच धरने में शामिल नहीं हो रहे उन पर 5100-5100 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ऐसे चार सरपंचों पर जुर्माना किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि जुर्माना के बाद वह सरपंच धरने में पूरी तरह से शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरपंच एसोसिएशन अपने धरने को कड़ा रूप देने के लिए तैयार है। आज नपा के पूर्व प्रधान सुदर्शन कक्कड़ ने भी सरपंचों का समर्थन किया। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान ने कहा कि जब तक सरकार सस्पेंड किए गए ग्राम सचिवों को बहाल नहीं करती तथा ई प्रणाली वापस नहीं लेती तब तक उनका विरोध व धरना जारी रहेगा। इस अवसर पर रिंकू झरौली, विक्रम अटवान, उपप्रधान ओमप्रकाश बड़ाम, विक्रम सिंह बीबीपुर, करनैल हरिपुर, ब शीश नलवी, अमरेंद्र कठवा, विक्रमजीत रत्नगढ, दलजीत बकाना, केसर सिंह त्यौडा, देवेंद्र शर्मा, सुबेग ङ्क्षसह सहित बड़ी सं या में सरपंच मौजूद रहे।
विज्ञापन