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एनएचएम कर्मियों व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में बढ़ी तनातनी
Updated Tue, 12 Dec 2017 12:59 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से हड़ताल पर उतरे एनएचएम कर्मियों व स्वास्थ्य विभाग के बीच तनातनी और भी बढ़ गई। विभाग की ओर से 291 कर्मियों की छुट्टी कर दिए जाने के बाद कर्मचारी अब और भी उग्र स्थिति में आ गए हैं, जिसके चलते ही सोमवार को कर्मचारियों के तेवर तल्ख हो गए और उन्होंने अस्पताल परिसर में न केवल तंबू गाढ़ लिया। वहीं कर्मचारियों के रुख को देख विभाग के अधिकारियों के भी पसीने छूटे हुए है। हालांकि सोमवार को अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने के लिए ऑफर दी गई, लेकिन कर्मचारियों ने यह ऑफर भी ठुकरा दी और जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी की। बता दें कि नियमित किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर पिछले करीब एक सप्ताह से कर्मचारी सड़कों पर उतरे हुए है। रविवार तक कर्मचारी सामान्य प्रदर्शन करते रहे तो सोमवार को तंबू गाढ़ कर कर्मचारी जम गए और बूंदाबांदी के बावजूद भी कर्मचारियों का हौसला कमजोर नहीं हो पाया। कर्मचारियों को स्टॉफ नर्स प्रधान कुलविंद्र कौर, एएनएम प्रधान सुभाषवति, कंट्रोल रूम कर्मचारी संघ के प्रधान प्रवीण सैनी, डॉ सुरेश शर्मा सहित अन्य संगठनों के कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया। उन्होंने एलान किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी वे अपना आंदोलन कमजोर नहीं होने देंगे।
जरूरत लगें तो सीएचसी व पीएचसी स्तर पर भी करें भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के कड़े रुख का अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है कि जहां 291 कर्मियों की छुट्टी कर दी गई तो वहीं सीएचसी व पीएचसी पर भी निर्देश जारी कर दिए गए है कि जरूरत अनुसार डेलीवेज कर्मियों की भर्ती की जाए। इसी के चलते ही अभी तक आधा दर्जन से अधिक चालक व अन्य कर्मियों को भर्ती किया जा चुका है। यहीं नहीं सीएचसी व पीएचसी को एंबुलेंस भी हायर कर बिल भेजे जाने के निर्देश दिए गए है, जिसकी पुष्टि जिला सिविल सर्जन ने भी की है।
सीएमओ बुलाते रहे, कर्मी बोले दरी पर आकर करें बात
सीएमओ डॉ एसके नैन की ओर से श्यापा कर रहे कर्मियों को कई बार मिलने के लिए बुलाया गया, ताकि बातचीत की जा सके, लेकिन कर्मचारी अड़े रहे और कहा कि अब वे किसी कार्यालय में बातचीत नहीं करेंगे। किसी अधिकारी को बातचीत करनी है तो धरने के लिए बिछाई दरी पर ही आना होगा। इसी स्थिति के चलते ही घंटो भर अधिकारी बाट जोहते रहे तो कर्मचारी धरना स्थल पर अड़े रहे।
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अधिकारी बोले बर्खास्त किए जाने के लैटर लेकर जाओ
हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों के पास दिन भर सीएचसी व पीएचसी की ओर से बर्खास्त किए जाने के लैटर ले जाने के संदेश आते रहे, लेकिन कर्मचारी ये लैटर धरना स्थल पर ही लेने के लिए अड़े रहे। जिला सिविल सर्जन की ओर से इस संबंध में सभी पीएचसी व सीएचसी पर मेल भेजकर निर्देश दिए गए है, लेकिन अभी तक भी कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने के लैटर नहीं पहुंच पाए।
धारा 144 लागू करने पर भी जारी रहेगा आंदोलन : कुलविंद्र
स्टाफ नर्स एसोसिएशन की प्रधान कुलविंद्र कौर ने बातचीत करते हुए कहा कि अभी उन्हें सूचना मिली है कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल परिसरों के आसपास धारा 144 लागू कर धरने हटवाने के निर्देश दिए है, लेकिन उनका आंदोलन कमजोर नहीं होगा और अब कर्मचारी किसी भी स्थिति का सामना करने से पीछे नहीं हटेंगे।
भटकते रहे लोग, भागते रहे अधिकारी
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जहां अनेकों आपात सुविधाओं के लिए भी लोग दिन भर भटकते रहे और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा वहीं अधिकारी भी स्थिति को संभालने के लिए भागते रहे। छुट्टी पर होने के बावजूद सीएमओ को घंटो भर तक कार्यालय में बैठना पड़ा तो उनके साथ-साथ अन्य अधिकारी भी मरीजों के परिजनों को संयम बरतने की गुहार लगाते रहे। बता दें कि एलएनजेपी अस्पताल में ही मरीजों के साथ परिजन समय पर सुविधा न मिल पाने के चलते भड़क उठे थे, जिन्हें उसी समय शांत कर दिया गया।
आईएमए भी विभाग के साथ खड़ी : सीएमओ
सीएमओ डॉ एसके नैन का कहना है कि विभाग की ओर से सोमवार को भी ड्यूटी पर लौटने की ऑफर दी गई, लेकिन आज भी 291 कर्मी हड़ताल पर ही रहे। हालांकि कई कर्मियों ने ड्यूटी ज्वाइन की तो वहीं कई कर्मी हड़ताल में भी चले गए। सरकार की ओर से जब कर्मचारियों को लेकर कोई आदेश आए तो उसे तत्काल ही लागू किया जाएगा।
आशा वर्कर भी उतरी सड़कों पर, जमकर जताया रोष
जहां एनएचएम कर्मी पिछले एक सप्ताह से हड़ताल पर उतरे हुए है वहीं सोमवार को आशा वर्कर भी उनके समर्थन में उतर आई। यूनियन प्रधान रानी देवी के नेतृत्व में जिला भर की आशा वर्कर जिला सचिवालय में एकत्रित हुई और जमकर नारेबाजी कर सीएम मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जहां अपनी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया तो वहीं एनएचएम कर्मियों की मांगों को भी पूरा करने की मांग उठाई।
आशा वर्करों की ये रही मुख्य मांगे मांगे
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को स्थाई कार्यक्रम बनाया जाए
- 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करते हुए आशा वर्करों को स्थाई कर्मी नियुक्त किया जाए।
- आशा वर्करों को पेंशन, प्रसूति अवकाश व स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाए।
- सरकार द्वारा घोषित वेतन बढ़ोतरी को जल्द लागू किया जाए।
- आशा वर्करों को योग्यता अनुसार पदोन्नति दी जाए।
- स्वास्थ्य विभाग का निजीकरण बंद किया जाए
- एनजीओ के माध्यम से आशा वर्करों का काम लेना बंद किया जाए।
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कुरुक्षेत्र।
अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से हड़ताल पर उतरे एनएचएम कर्मियों व स्वास्थ्य विभाग के बीच तनातनी और भी बढ़ गई। विभाग की ओर से 291 कर्मियों की छुट्टी कर दिए जाने के बाद कर्मचारी अब और भी उग्र स्थिति में आ गए हैं, जिसके चलते ही सोमवार को कर्मचारियों के तेवर तल्ख हो गए और उन्होंने अस्पताल परिसर में न केवल तंबू गाढ़ लिया। वहीं कर्मचारियों के रुख को देख विभाग के अधिकारियों के भी पसीने छूटे हुए है। हालांकि सोमवार को अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने के लिए ऑफर दी गई, लेकिन कर्मचारियों ने यह ऑफर भी ठुकरा दी और जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी की। बता दें कि नियमित किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर पिछले करीब एक सप्ताह से कर्मचारी सड़कों पर उतरे हुए है। रविवार तक कर्मचारी सामान्य प्रदर्शन करते रहे तो सोमवार को तंबू गाढ़ कर कर्मचारी जम गए और बूंदाबांदी के बावजूद भी कर्मचारियों का हौसला कमजोर नहीं हो पाया। कर्मचारियों को स्टॉफ नर्स प्रधान कुलविंद्र कौर, एएनएम प्रधान सुभाषवति, कंट्रोल रूम कर्मचारी संघ के प्रधान प्रवीण सैनी, डॉ सुरेश शर्मा सहित अन्य संगठनों के कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया। उन्होंने एलान किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी वे अपना आंदोलन कमजोर नहीं होने देंगे।
जरूरत लगें तो सीएचसी व पीएचसी स्तर पर भी करें भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के कड़े रुख का अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है कि जहां 291 कर्मियों की छुट्टी कर दी गई तो वहीं सीएचसी व पीएचसी पर भी निर्देश जारी कर दिए गए है कि जरूरत अनुसार डेलीवेज कर्मियों की भर्ती की जाए। इसी के चलते ही अभी तक आधा दर्जन से अधिक चालक व अन्य कर्मियों को भर्ती किया जा चुका है। यहीं नहीं सीएचसी व पीएचसी को एंबुलेंस भी हायर कर बिल भेजे जाने के निर्देश दिए गए है, जिसकी पुष्टि जिला सिविल सर्जन ने भी की है।
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सीएमओ डॉ एसके नैन की ओर से श्यापा कर रहे कर्मियों को कई बार मिलने के लिए बुलाया गया, ताकि बातचीत की जा सके, लेकिन कर्मचारी अड़े रहे और कहा कि अब वे किसी कार्यालय में बातचीत नहीं करेंगे। किसी अधिकारी को बातचीत करनी है तो धरने के लिए बिछाई दरी पर ही आना होगा। इसी स्थिति के चलते ही घंटो भर अधिकारी बाट जोहते रहे तो कर्मचारी धरना स्थल पर अड़े रहे।
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हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों के पास दिन भर सीएचसी व पीएचसी की ओर से बर्खास्त किए जाने के लैटर ले जाने के संदेश आते रहे, लेकिन कर्मचारी ये लैटर धरना स्थल पर ही लेने के लिए अड़े रहे। जिला सिविल सर्जन की ओर से इस संबंध में सभी पीएचसी व सीएचसी पर मेल भेजकर निर्देश दिए गए है, लेकिन अभी तक भी कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने के लैटर नहीं पहुंच पाए।
धारा 144 लागू करने पर भी जारी रहेगा आंदोलन : कुलविंद्र
स्टाफ नर्स एसोसिएशन की प्रधान कुलविंद्र कौर ने बातचीत करते हुए कहा कि अभी उन्हें सूचना मिली है कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल परिसरों के आसपास धारा 144 लागू कर धरने हटवाने के निर्देश दिए है, लेकिन उनका आंदोलन कमजोर नहीं होगा और अब कर्मचारी किसी भी स्थिति का सामना करने से पीछे नहीं हटेंगे।
भटकते रहे लोग, भागते रहे अधिकारी
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जहां अनेकों आपात सुविधाओं के लिए भी लोग दिन भर भटकते रहे और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा वहीं अधिकारी भी स्थिति को संभालने के लिए भागते रहे। छुट्टी पर होने के बावजूद सीएमओ को घंटो भर तक कार्यालय में बैठना पड़ा तो उनके साथ-साथ अन्य अधिकारी भी मरीजों के परिजनों को संयम बरतने की गुहार लगाते रहे। बता दें कि एलएनजेपी अस्पताल में ही मरीजों के साथ परिजन समय पर सुविधा न मिल पाने के चलते भड़क उठे थे, जिन्हें उसी समय शांत कर दिया गया।
आईएमए भी विभाग के साथ खड़ी : सीएमओ
सीएमओ डॉ एसके नैन का कहना है कि विभाग की ओर से सोमवार को भी ड्यूटी पर लौटने की ऑफर दी गई, लेकिन आज भी 291 कर्मी हड़ताल पर ही रहे। हालांकि कई कर्मियों ने ड्यूटी ज्वाइन की तो वहीं कई कर्मी हड़ताल में भी चले गए। सरकार की ओर से जब कर्मचारियों को लेकर कोई आदेश आए तो उसे तत्काल ही लागू किया जाएगा।
आशा वर्कर भी उतरी सड़कों पर, जमकर जताया रोष
जहां एनएचएम कर्मी पिछले एक सप्ताह से हड़ताल पर उतरे हुए है वहीं सोमवार को आशा वर्कर भी उनके समर्थन में उतर आई। यूनियन प्रधान रानी देवी के नेतृत्व में जिला भर की आशा वर्कर जिला सचिवालय में एकत्रित हुई और जमकर नारेबाजी कर सीएम मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जहां अपनी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया तो वहीं एनएचएम कर्मियों की मांगों को भी पूरा करने की मांग उठाई।
आशा वर्करों की ये रही मुख्य मांगे मांगे
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को स्थाई कार्यक्रम बनाया जाए
- 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करते हुए आशा वर्करों को स्थाई कर्मी नियुक्त किया जाए।
- आशा वर्करों को पेंशन, प्रसूति अवकाश व स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाए।
- सरकार द्वारा घोषित वेतन बढ़ोतरी को जल्द लागू किया जाए।
- आशा वर्करों को योग्यता अनुसार पदोन्नति दी जाए।
- स्वास्थ्य विभाग का निजीकरण बंद किया जाए
- एनजीओ के माध्यम से आशा वर्करों का काम लेना बंद किया जाए।