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अतिक्रमण विरोधी अभियान बना गले की फांस, ‘खास’ को नहीं आ रहा रास

Fri, 06 Oct 2017 12:20 AM IST
Updated Fri, 06 Oct 2017 12:20 AM IST
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अतिक्रमण विरोधी अभियान बना गले की फांस, ‘खास’ को नहीं आ रहा रास
अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र।
धर्मनगरी में मुख्य बाजार से लेकर छोटे बाजारों तक में किया गया अतिक्रमण प्रशासन के गले की फांस बन चुका है। प्रशासन ने इसे हटाने के लिए दो दिन पहले अभियान शुरू किया था, लेकिन इसके लिए न कोई तैयारी की गई और न ही इसे सफल बनाने की कोई योजना प्रशासन के पास दिखाई दी। इस वजह से यह अभियान शुरू होने के बाद फुस्स हो गया। इस अभियान के तहत प्रशासन न तो कोई सख्त कदम उठा सका और न ही दुकानदारों पर प्रशासन की अपील का कोई असर पड़ा। अभियान के तीन दिन बाद भी बाजारों में पहले जैसी स्थिति है। दुकानदार भी प्रशासन की इस कार्रवाई को औपचारिकता मान रहे है। यही कारण है कि अतिक्रमण विरोधी अभियान समाप्त होने के बाद दुकानदार पहले की तरह ही सामान को दुकानों के बाहर सजा देते हैं।
वर्तमान में शहर के मुख्य बाजार, पालिका बाजार, छोटा बाजार, गोशाला बाजार रोटरी चौक, बिरला मंदिर, अंबेडकर चौक बाजार, सेक्टरों में स्थित बाजारों में सरेआम अतिक्रमण किया हुआ है। इससे सड़कें संकरी हो चुकी हैं और राहगीरों का निकलना भी दूभर हो चुका है।
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अपना ही आंगन दुरुस्त नहीं करवा पाई नप
नगर परिषद पर भले ही पूरे शहर भर में अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी, लेकिन वास्तव में अपना आंगन भी दुरुस्त नहीं कर पा रही है। पालिका कंप्लेक्स के चारों ओर बनी मार्केट में ही अतिक्रमण धड़ल्ले से किया हुआ है। यहां तक कि प्रशासन का वाहन पार्किंग को लेकर लगाया गया चेतावनी बोर्ड भी दिखावा ही साबित हो रहा है।
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दुकानदारों की पहुंच बनी रोड़ा
दुकानदारों पर नगर परिषद से लेकर जिला और पुलिस प्रशासन अतिक्रमण हटाने के लिए सख्ती नहीं कर पा रहा। प्रशासन के अतिक्रमण विरोधी अभियान में दुकानदारों की पहुंच रोड़ा बन चुकी है। यही वजह रही कि दो दिन पहले शुरू किया गया अभियान उस समय ठंडा पड़ गया, जब अधिकारियों के मोबाइल फोन और कार्यालयों के टेलीफोन की घंटी घनघनाने लगी। बताया जा रहा है कि दुकानदार अपने रसूख का पूरा फायदा उठा रहे हैं। उन्हें बचाने के लिए वीआईपी भी फोन लगा रहे हैं। इससे प्रशासन दोराहे पर खड़ा है।

वीआईपी फोन नहीं करने दे रहे कार्रवाई
अभियान से ही जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसे अभियान शुरू होते ही वीआईपी के फोन आने लगते हैं। जब गलत कार्य कर रहे लोगों के समर्थन में ही वीआईपी खड़े हो जाते है तो अधिकारियों को पीछे हटना ही बेहतर लगता है। उन्होंने माना कि मंगलवार को शुरू किए गए अभियान में भी वीआईपी फोन आड़े आ गए।

डीसी, एसपी ने दी थी कड़ी चेतावनी
बता दें कि डीसी और एसपी ने सोमवार को विभिन्न बाजारों का जायजा लिया। इस दौरान अतिक्रमण को देख उन्होंने दुकानदारों को चेतावनी दी थी। साथ ही अगले दिन अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें कार्रवाई के लिए भेज दी थीं। पहले दिन इन कर्मियों ने भी पूरा उत्साह दिखाया। इससे आम लोगों में भी सुधार की उम्मीद जगी। लेकिन, तीसरे दिन कर्मियों से लेकर अधिकारियों तक में कोई उत्साह नहीं दिखाई दिया।

इन्हें नियुक्त किया था ड्यूटी मजिस्ट्रेट
जिला उपायुक्त के विशेष संज्ञान लिए जाने पर मंगलवार को चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के लिए तहसीलदार थानेसर परमिंद्र सिंह, नायब तहसीलदार पिहोवा राजेंद्र कुमार, तहसीलदार शाहाबाद तरुण सहोत्रा, तहसीलदार लाडवा हरीश कालड़ा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था।

लगातार चलाया जाएगा अभियान : भारती
नगर परिषद के ईओ बीएन भारती का कहना है कि अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार चलाया जाएगा। अभी दुकानदारों पर अधिक सख्ती नहीं की गई है। उन्हें चेतावनी देने के साथ अपील भी की जा रही है। मौके पर पहुंचा सामान उठवाया जा रहा है। इसके बावजूद दुकानदारों ने फिर से सामान बाहर रख अतिक्रमण किया तो नियमानुसार कार्रवाई अवश्य की जाएगी।

अवैध पार्क किए वाहन नहीं छोड़ेंगे : देवेंद्र
दुकानदारों से लेकर सड़कों पर अवैध रूप से पार्किंग करने वाले वाहन चालकों को चेतावनी देने में लगे ट्रैफिक थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार का दावा है कि वे अवैध पार्किंग किए वाहनों को नहीं छोड़ेंगे। आज तक करीब 225 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस ने पिपली- कुरुक्षेत्र रोड, झांसा रोड, रेलवे रोड आदि क्षेत्रों में यह मुहिम चलाई। इसके बावजूद इन क्षेत्रों में कोई असर दिखाई नहीं पड़ रहा। न दुकानों के बाहर से सामान हटा और न ही वाहनों की अवैध पार्किंग ही रुक गई है।

त्योहारों के चलते उठाया कदम : डीसी
जिला उपायुक्त सुुमेधा कटारिया का कहना है कि प्रशासन ने यह अभियान त्योहारों के चलते शुरू किया था। उसका उद्देश्य आम लोगों को राहत देना था। उन्होंने माना कि बाजारों में दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। इस वजह से लोगों को राहगीरों का निकलना तक मुश्किल है।


बेहद कड़ी कार्रवाई करे प्रशासन: गांधी
व्यापार मंडल प्रधान और दुकानदार फतेह चंद गांधी का कहना है कि अतिक्रमण बड़ी समस्या बन चुका है। इससे आम लोगों के साथ दुकानदारों को भी परेशानी होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए बेहद कड़ी कार्रवाई प्रशासन को करनी चाहिए।
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