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कुरुक्षेत्र में डेंगू के मरीज 15 पॉजीटिव, 7 संदिग्ध
ब्यूरो/अमर उजाला कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 09 Sep 2015 12:29 AM IST
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जिले में डेंगू के डंक की चुभन तेज होती जा रही है। जिले में अभी तक 15 पॉजीटिव मरीज मिल चुके हैं, जबकि सात मरीजों में संभावित लक्षणों के चलते उनके टेस्ट करवाए जा रहे हैं।
शहर के निजी अस्पतालों में भी डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग केवल 13 मरीजों को ही पॉजीटिव मान रहा है। मंगलवार को भी दो मरीज एलएनजेपी अस्पताल में डेंगू वार्ड में दाखिल किए गए हैं। इन मरीजों के टेस्ट बुधवार को कराए जाएंगे।
मरीजों का कहना है कि निजी अस्पताल के टेस्ट में डेंगू पॉजीटिव आया है। डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। टीमों को फील्ड में भेजकर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया गया है।
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जिले में डेंगू वर्ष 2013 में भी आतंक मचा चुका है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उनके पास इसके लिए भरपूर दवाइयां हैं, लेकिन हकीकत में यह केवल दावे ही नजर आ रहे हैं।
कुछ दिनों में डेंगू के 15 पॉजीटिव केस सामने आ चुके हैं। इनमें लाडवा और कुरुक्षेत्र शहर के मरीजों की संख्या ज्यादा है।
अभी तक मिले डेंगू के मरीज
स्थान डेंगू पीड़ितों की संख्या
लाडवा 06
कुरुक्षेत्र 05+02=07
पिहोवा 01
मथाना 01
ये है पिछले वर्षों का रिकॉर्ड
वर्ष डेंगू पीड़ित
2012 02
2013 47
2014 06
2015 15 (अभी तक)
महामारी विशेषज्ञ बिंदू राय ने बताया कि एडिस मच्छर सात दिनों में ही प्रजनन प्रक्रिया पूरी कर लेता। प्रजनन के दौरान 200 से 300 तक अंडे देता है। इस कारण डेंगू के पीड़ित अधिक हो जाते हैं। यह केवल दिन में ही काटता है। एक बार काटने के बाद ठंडे स्थान पर जाकर आराम करता है। इसके बाद फिर अगले दिन अपना शिकार करने के लिए निकलता है। ये मच्छर साफ पानी में ही पैदा होता है।
ये है एडिस मच्छर की पहचान
- एडिस केवल तीन फुट तक ही उड़ सकता है।
- दिन की रोशनी में ही काटता है।
- साफ पानी में ही पैदा होता है।
- आकार में अन्य मच्छरों से बड़ा होने के कारण टाइगर मच्छर भी कहते हैं।
- इसके पैर लाल रंग के होते है।
ऐसे करें बचाव
- किसी भी स्थान पर पानी एकत्र न होने दें।
- कूलरों, टायरों, छत आदि पर बर्तनों आदि का ध्यान रखें।
- आसपास पानी एकत्र है, तो वहां मिट्टी का तेल या दवाई का छिड़काव करवाएं।
- तेज बुखार और शरीर पर लाल चकत्ते आदि होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
डेंगू वार्ड में ही सफाई का बुरा हाल
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है, लेकिन इस वार्ड में सफाई व्यवस्था बदहाल है।
बेड और डेस्क पर मिट्टी जमा है। एलएनजेपी अस्पताल के डेंगू वार्ड में दाखिल मरीज के बेटे विनोद कुमार बंसल ने कहा कि उनके पिता और भाई को डेंगू हो गया है। मंगलवार को ही एलएनजेपी अस्पताल में दाखिल करवाया है। इससे पहले निजी अस्पताल से इलाज चल रहा था।
वहां पर डेंगू टेस्ट कराने के बाद सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया है। वार्ड में सफाई नहीं है। बेडों और मेजों पर मिट्टी जमा है।
मरीज बढ़े तो याद आई जागरूकता
जिला में डेंगू के पैर पसारने और पॉजीटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ते जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी नींद से जाग गया है।
मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब जिले के विभिन्न ऑफिसों, कॉलोनी और शहर में जाकर एडिस मच्छर की पहचान और उसे पैदा होने से रोकने के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करने में जुट गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की महामारी विशेषज्ञ बिंदू राय ने बताया कि डीसी ऑफिस और एनआईसी ऑफिस के सभी कर्मचारियों को डेंगू के प्रति जागरूक किया गया है।
जिले में डेंगू की आशंका के चलते अभी तक 41 सैंपल लिए गए है। 13 मरीजों में डेंगू पॉजीटिव मिला है। सात अन्य की रिपोर्ट आना बाकी है। जहां के व्यक्ति में डेंगू मिलता है, उसके परिवार के सभी सदस्यों और पड़ोसियों के ब्लड सैंपल लेकर जांच की जा रही है। विभाग की ओर से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
डॉ. एनपी सिंह, कार्यवाहक सिविल सर्जन, कुरुक्षेत्र।
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शहर के निजी अस्पतालों में भी डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग केवल 13 मरीजों को ही पॉजीटिव मान रहा है। मंगलवार को भी दो मरीज एलएनजेपी अस्पताल में डेंगू वार्ड में दाखिल किए गए हैं। इन मरीजों के टेस्ट बुधवार को कराए जाएंगे।
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मरीजों का कहना है कि निजी अस्पताल के टेस्ट में डेंगू पॉजीटिव आया है। डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। टीमों को फील्ड में भेजकर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया गया है।
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जिले में डेंगू वर्ष 2013 में भी आतंक मचा चुका है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उनके पास इसके लिए भरपूर दवाइयां हैं, लेकिन हकीकत में यह केवल दावे ही नजर आ रहे हैं।
कुछ दिनों में डेंगू के 15 पॉजीटिव केस सामने आ चुके हैं। इनमें लाडवा और कुरुक्षेत्र शहर के मरीजों की संख्या ज्यादा है।
अभी तक मिले डेंगू के मरीज
स्थान डेंगू पीड़ितों की संख्या
लाडवा 06
कुरुक्षेत्र 05+02=07
पिहोवा 01
मथाना 01
ये है पिछले वर्षों का रिकॉर्ड
वर्ष डेंगू पीड़ित
2012 02
2013 47
2014 06
2015 15 (अभी तक)
महामारी विशेषज्ञ बिंदू राय ने बताया कि एडिस मच्छर सात दिनों में ही प्रजनन प्रक्रिया पूरी कर लेता। प्रजनन के दौरान 200 से 300 तक अंडे देता है। इस कारण डेंगू के पीड़ित अधिक हो जाते हैं। यह केवल दिन में ही काटता है। एक बार काटने के बाद ठंडे स्थान पर जाकर आराम करता है। इसके बाद फिर अगले दिन अपना शिकार करने के लिए निकलता है। ये मच्छर साफ पानी में ही पैदा होता है।
ये है एडिस मच्छर की पहचान
- एडिस केवल तीन फुट तक ही उड़ सकता है।
- दिन की रोशनी में ही काटता है।
- साफ पानी में ही पैदा होता है।
- आकार में अन्य मच्छरों से बड़ा होने के कारण टाइगर मच्छर भी कहते हैं।
- इसके पैर लाल रंग के होते है।
ऐसे करें बचाव
- किसी भी स्थान पर पानी एकत्र न होने दें।
- कूलरों, टायरों, छत आदि पर बर्तनों आदि का ध्यान रखें।
- आसपास पानी एकत्र है, तो वहां मिट्टी का तेल या दवाई का छिड़काव करवाएं।
- तेज बुखार और शरीर पर लाल चकत्ते आदि होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
डेंगू वार्ड में ही सफाई का बुरा हाल
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है, लेकिन इस वार्ड में सफाई व्यवस्था बदहाल है।
बेड और डेस्क पर मिट्टी जमा है। एलएनजेपी अस्पताल के डेंगू वार्ड में दाखिल मरीज के बेटे विनोद कुमार बंसल ने कहा कि उनके पिता और भाई को डेंगू हो गया है। मंगलवार को ही एलएनजेपी अस्पताल में दाखिल करवाया है। इससे पहले निजी अस्पताल से इलाज चल रहा था।
वहां पर डेंगू टेस्ट कराने के बाद सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया है। वार्ड में सफाई नहीं है। बेडों और मेजों पर मिट्टी जमा है।
मरीज बढ़े तो याद आई जागरूकता
जिला में डेंगू के पैर पसारने और पॉजीटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ते जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी नींद से जाग गया है।
मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब जिले के विभिन्न ऑफिसों, कॉलोनी और शहर में जाकर एडिस मच्छर की पहचान और उसे पैदा होने से रोकने के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करने में जुट गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की महामारी विशेषज्ञ बिंदू राय ने बताया कि डीसी ऑफिस और एनआईसी ऑफिस के सभी कर्मचारियों को डेंगू के प्रति जागरूक किया गया है।
जिले में डेंगू की आशंका के चलते अभी तक 41 सैंपल लिए गए है। 13 मरीजों में डेंगू पॉजीटिव मिला है। सात अन्य की रिपोर्ट आना बाकी है। जहां के व्यक्ति में डेंगू मिलता है, उसके परिवार के सभी सदस्यों और पड़ोसियों के ब्लड सैंपल लेकर जांच की जा रही है। विभाग की ओर से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
डॉ. एनपी सिंह, कार्यवाहक सिविल सर्जन, कुरुक्षेत्र।