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पहले डंपिंग पॉईट, फिर बारिश अब सफाई कर्मियों की हड़ताल के पहले दिन से ही चरमराने लगी शहर में सफाई व्यवस्था
Updated Thu, 04 Oct 2018 01:08 AM IST
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पहले डंपिंग पॉइंट, फिर बारिश और अब सफाई कर्मी तीन दिन की हड़ताल पर, पहले दिन से ही चरमराई शहर में सफाई व्यवस्था
- हड़ताल पर रहे नगर परिषद के अधिकतर सफाई कर्मचारी, नप प्रशासन के फूली सांसें
- तीन दिन रहेगी हड़ताल, शहर में गहरा सकती है सफाई व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। अगस्त में मथाना डंपिंग पॉइंट को लेकर विवाद, फिर बारिश के चलते शहर में कचरे की समस्या गहरा गई थी। इस दौरान शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर उतरी भी नहीं थी कि अब सफाई कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं।
हड़ताल के पहले दिन से ही शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। ऐसे में अगले दो दिन में तो हालात और भी खराब होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पहले दिन ही सबसे अधिक असर शहर के पुराने क्षेत्र के अलावा दीदार नगर, शांति नगर, कल्याण नगर, प्रोफेसर कॉलोनी सहित दर्जन भर कॉलोनियों में माना गया है। अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर उतरे सफाई कर्मचारियों ने दावा किया है कि अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर रहे हैं जबकि अधिकारियों की मानें तो 396 में से 120 कर्मचारी ड्यूटी पर रहे।
ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- समान काम-समान वेतन दिया जाए।
- पुरानी पेंशन स्कीम बहाल कर नई रद्द की जाए।
- एक्सग्रेशिया रोजगार योजना 1995 बहाल की जाए।
24 मई को हुए समझौते को लागू करे सरकार : सुभाष
नगर परिषद कार्यालय पर नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों के धरने की अध्यक्षता करते हुए राज्य उपप्रधान सुभाष गुंसर ने कहा कि कर्मचारियों ने मई में भी आंदोलन चलाया था, जिसके चलते ही सरकार के साथ 24 मई को समझौता हुआ था, लेकिन सरकार आज तक भी इसे लागू नहीं कर पाई है, जिससे कर्मचारियों में रोष गहराया हुआ है। इसी के चलते ही अब कर्मचारी हड़ताल पर उतरने को मजबूर हुए हैं।
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इन कर्मचारी नेताओं ने भी किया संबोधित
धरनारत कर्मचारियों को सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुरेश गुढ़ा, ओमप्रकाश, आनंद, फतेह सिंह, गुरचरण सिंह, राजेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया जबकि इस दौरान सुभाष चंद, सतीश कुमार, मीरा, बिमला, रेणू, बबली, जीतो, कांता, कमलेश सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे।
6 सितंबर को निपट चुका था डंपिंग पॉइंट विवाद, आज तक नहीं उठ पाए कई जगहों से कचरे के ढेर
बता दें कि अगस्त में करीब 15 दिन तक मथाना डंपिंग पॉइंट विवाद के चलते शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। विधायक सुभाष सुधा से लेकर नप व जिला प्रशासनिक अधिकारियों के कड़े प्रयासों के चलते 6 सितंबर को इसके लिए मुकीमपुरा में 6 एकड़ 3 कनाल जमीन दो वर्ष के एग्रीमेंट पर ली गई। हालांकि इसके बाद वहां पर कचरा डालना शुरू कर दिया था, लेकिन सप्ताह भर पहले चार दिन लगातार बारिश से यहां रास्ते पर पानी भर जाने से फिर कचरा डाला जाना बाधित हो गया था। मौसम साफ होने के बाद फिर से वहां कचरा डाला जाने लगा, लेकिन अब तक कोर्ट रोड, सेक्टर 10 रोड सहित कई जगहों पर लगे कचरे के ढेर नहीं उठाए जा सके हैं। अब सफाई कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर उतर आए हैं।
276 कर्मचारी रहे गैर हाजिर तो 120 ने दी ड्यूटी : बिश्नोई
बुधवार को 234 कच्चे व 42 पक्के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिन्हें अनुपस्थित दिखाया गया। 70 कच्चे व 50 पक्के कर्मचारी ड्यूटी पर रहे। सफाई व्यवस्था ज्यादा खराब न हो, इसके लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक तौर पर किए जा रहे प्रयासों के साथ हालात को देख आम जन को भी सहयोग करना चाहिए।
- रूप रविंद्र बिश्नोई, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद
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पहले डंपिंग पॉइंट, फिर बारिश और अब सफाई कर्मी तीन दिन की हड़ताल पर, पहले दिन से ही चरमराई शहर में सफाई व्यवस्था
- हड़ताल पर रहे नगर परिषद के अधिकतर सफाई कर्मचारी, नप प्रशासन के फूली सांसें
- तीन दिन रहेगी हड़ताल, शहर में गहरा सकती है सफाई व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। अगस्त में मथाना डंपिंग पॉइंट को लेकर विवाद, फिर बारिश के चलते शहर में कचरे की समस्या गहरा गई थी। इस दौरान शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर उतरी भी नहीं थी कि अब सफाई कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं।
हड़ताल के पहले दिन से ही शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। ऐसे में अगले दो दिन में तो हालात और भी खराब होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पहले दिन ही सबसे अधिक असर शहर के पुराने क्षेत्र के अलावा दीदार नगर, शांति नगर, कल्याण नगर, प्रोफेसर कॉलोनी सहित दर्जन भर कॉलोनियों में माना गया है। अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर उतरे सफाई कर्मचारियों ने दावा किया है कि अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर रहे हैं जबकि अधिकारियों की मानें तो 396 में से 120 कर्मचारी ड्यूटी पर रहे।
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ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- समान काम-समान वेतन दिया जाए।
- पुरानी पेंशन स्कीम बहाल कर नई रद्द की जाए।
- एक्सग्रेशिया रोजगार योजना 1995 बहाल की जाए।
24 मई को हुए समझौते को लागू करे सरकार : सुभाष
नगर परिषद कार्यालय पर नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों के धरने की अध्यक्षता करते हुए राज्य उपप्रधान सुभाष गुंसर ने कहा कि कर्मचारियों ने मई में भी आंदोलन चलाया था, जिसके चलते ही सरकार के साथ 24 मई को समझौता हुआ था, लेकिन सरकार आज तक भी इसे लागू नहीं कर पाई है, जिससे कर्मचारियों में रोष गहराया हुआ है। इसी के चलते ही अब कर्मचारी हड़ताल पर उतरने को मजबूर हुए हैं।
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इन कर्मचारी नेताओं ने भी किया संबोधित
धरनारत कर्मचारियों को सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुरेश गुढ़ा, ओमप्रकाश, आनंद, फतेह सिंह, गुरचरण सिंह, राजेंद्र सिंह सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया जबकि इस दौरान सुभाष चंद, सतीश कुमार, मीरा, बिमला, रेणू, बबली, जीतो, कांता, कमलेश सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे।
6 सितंबर को निपट चुका था डंपिंग पॉइंट विवाद, आज तक नहीं उठ पाए कई जगहों से कचरे के ढेर
बता दें कि अगस्त में करीब 15 दिन तक मथाना डंपिंग पॉइंट विवाद के चलते शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। विधायक सुभाष सुधा से लेकर नप व जिला प्रशासनिक अधिकारियों के कड़े प्रयासों के चलते 6 सितंबर को इसके लिए मुकीमपुरा में 6 एकड़ 3 कनाल जमीन दो वर्ष के एग्रीमेंट पर ली गई। हालांकि इसके बाद वहां पर कचरा डालना शुरू कर दिया था, लेकिन सप्ताह भर पहले चार दिन लगातार बारिश से यहां रास्ते पर पानी भर जाने से फिर कचरा डाला जाना बाधित हो गया था। मौसम साफ होने के बाद फिर से वहां कचरा डाला जाने लगा, लेकिन अब तक कोर्ट रोड, सेक्टर 10 रोड सहित कई जगहों पर लगे कचरे के ढेर नहीं उठाए जा सके हैं। अब सफाई कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर उतर आए हैं।
276 कर्मचारी रहे गैर हाजिर तो 120 ने दी ड्यूटी : बिश्नोई
बुधवार को 234 कच्चे व 42 पक्के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिन्हें अनुपस्थित दिखाया गया। 70 कच्चे व 50 पक्के कर्मचारी ड्यूटी पर रहे। सफाई व्यवस्था ज्यादा खराब न हो, इसके लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक तौर पर किए जा रहे प्रयासों के साथ हालात को देख आम जन को भी सहयोग करना चाहिए।
- रूप रविंद्र बिश्नोई, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद