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धर्मशाला से बिना कोई कार्यवाही किए महज 20 मिनट में प्रशासक को लौटना पड़ा बैरंग

Tue, 14 Aug 2018 12:40 AM IST
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:40 AM IST
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धर्मशाला से बिना कोई कार्यवाही किए महज 20 मिनट में प्रशासक को लौटना पड़ा बैरंग
फोटो 49
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धर्मशाला से बिना कोई कार्यवाही किए महज 20 मिनट में प्रशासक को लौटना पड़ा बैरंग
- पुलिस बल के साथ प्रशासक जाट धर्मशाला पहुंचे तो भड़के समाज के लोग
- बोले, बिना अनुमति धर्मशाला में नहीं आने देंगे
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। सोमवार को अचानक पुलिस बल के साथ जाट धर्मशाला पहुंचे प्रशासक एसडीएम अनिल कुमार का समाज के लोगों ने विरोध कर दिया। विरोध के बीच प्रशासक 20 मिनट भी धर्मशाला में नहीं रुक सके और उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
एसडीएम करीब साढ़े 12 बजे अचानक ही पहुंच गए। उनके साथ डीएसपी गुरमेल सिंह, एसएचओ केयूके सतीश कुमार थे। वे सीधे एक विशेष कमरे में पहुंचे। धर्मशाला मैनेजर को बुलाया ही था कि नवनियुक्त कार्यकारिणी के प्रधान कर्मवीर घराड़सी सहित समाज के अन्य लोग भी भड़क उठे। समाज के लोगों ने स्पष्ट कर दिया कि धर्मशाला समाज की है और इसका समाज के लोग अच्छी तरह से संचालन कर सकते हैं। इस तरह बिना अनुमति धर्मशाला में आने भी नहीं दिया जाएगा वहीं बहस के बीच ही धर्मशाला का मुख्य गेट भी एक बार बंद कर दिया गया। अचानक हुई इस स्थिति को देख प्रशासक एवं एसडीएम अनिल यादव भी हैरान रह गए तो लोगों ने उनके समक्ष मतदाता सूची जारी करने का सवाल खड़ा कर दिया, जिसका जवाब भी वे नहीं दे पाए। एसडीएम के जाने के बाद भी समाज के लोगों में काफी देर तक चर्चा चलती रही। नवनियुक्त प्रधान कर्मवीर घराड़सी का कहना है कि एसडीएम ने पहले की तरह उनसे बातचीत भी नहीं की। उनके अजीब रवैये को देख समाज के लोग हैरत में पड़ गए। इसके बाद विरोध किया गया।
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25 जुलाई को नियुक्ति, आज तक मतदाता सूची तक जारी नहीं कर पाए प्रशासक : कर्मवीर
नवनियुक्त प्रधान कर्मवीर घराड़सी का कहना है कि 25 जुलाई को एसडीएम अनिल यादव को प्रशासक लगाया गया था। वे इतने दिनों में भी सही मतदाता सूची तक जारी नहीं कर सके। चुनाव कराने की उनकी जिम्मेदारी है, इसके बावजूद चुनाव को लेकर एक कदम भी वे आगे नहीं बढ़ पाए। वे समाज को गुमराह भी कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें बताया गया कि पूरा मामला स्टेट रजिस्ट्रार को भेज दिया गया है जबकि स्टेट रजिस्ट्रार से भी प्रतिनिधिमंडल मिल चुका है, जहां उन्हें बताया गया कि उनके पास कोई जानकारी नहीं भेजी गई और न ही जरूरत है। प्रशासक व जिला रजिस्ट्रार पूरी कार्रवाई करवा सकते हैं। सोमवार को वे अजीब सी स्थिति में पुलिस बल के साथ पहुंचे, जिससे समाज के लोगों ने उनके समक्ष रोष जाहिर किया और उन्हें बैरंग लौटा दिया। अब 19 अगस्त को समाज की अहम बैठक होगी, जिसमें अगली रणनीति तय की जाएगी।
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सिविल अस्पताल में नहीं मिल रहा सही उपचार
आमरण अनशन के चलते हालत खराब होने पर अस्पताल में दाखिल कराए गए जाट समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें सही व पूरा इलाज नहीं मिल रहा है। चिकित्सकों से बार-बार प्रार्थना करनी पड़ रही है। वहीं नवनियुक्त प्रधान कर्मवीर सिंह का कहना है कि अब अस्पताल परिसर में भी धरना देने को मजबूर किया जा रहा है।

17 को अंग्रेज सिंह ने बुलाई धर्मशाला में बैठक
पुरानी कमेटी के प्रधान अंग्रेज सिंह ने भी 17 अगस्त को धर्मशाला में प्रदेश स्तरीय बैठक करने का ऐलान किया हुआ है। इसके लिए वे तैयारियों में जुटे हुए है तो प्रशासन को भी अवगत करवा दिया गया है। वहीं नवनियुक्त प्रधान कर्मवीर घराड़सी का कहना है कि ऐसे हालात से निपटने की जिम्मेदारी प्रशासक की है और किसी प्रकार की कोई घटना होती है तो वे ही पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे।


अटैच करने के बावजूद सहयोग नहीं मिल रहा : यादव
प्रशासक अनिल यादव का कहना है कि 15 सदस्य उनके साथ अटैच किए जा चुके है, इसके बावजूद भी उनका इन सदस्यों की ओर से सहयोग नहीं किया जा रहा। ऐसी ही स्थिति उनके सामने सोमवार को धर्मशाला में जाने पर हुई। वे नियमानुसार ही चुनावी प्रक्रिया पूरी कराएंगे, लेकिन आज तक भी जिला रजिस्ट्रार से उनके पास मतदाता सूची नहीं पहुंची है।
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