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गांव खरींडवा की सरपंच को उपायुक्त ने किया सस्पेंड
Updated Tue, 05 Jun 2018 01:08 AM IST
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निशानदेही के समय पति था मौजूद, महिला सरपंच को किया सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
बेशक ,अधिकांश महिला जनप्रतिनिधियों का दायित्व उनके पति,ससुर, पिता या पारिवारिक के लोग संभाल रहे हो, लेकिन डीसी ने ऐसे ही एक मामले में महिला सरपंच को सस्पेंड किया है। डीसी द्वारा सस्पेंड करने की यह कार्रवाई गांव खरींडवा की महिला सरपंच संतरेश पर की गई है। इस सरपंच पर आरोप है कि गांव खरींडवा में एक विवादित भूमि की निशानदेही के समय उनकी जगह पति मौजूद था। हालांकि इस कार्रवाई से अन्य महिला जनप्रतिनिधियों को भी कान आवश्य होंगे, लेकिन सवाल तब जरुर उठेंगे जब भविष्य में भी महिला जन प्रतिनिधियों की जगह उनके परिवार के सदस्य कमान संभालते दिखेंगे। इधर सोमवार देर शाम महिला सरपंच को सस्पेंड करने के लिये उपायुक्त द्वारा जारी आदेशों में कहा कि ग्राम पंचायत खरींडवा में स्थित हरियाणा वक्फ बोर्ड के खसरा नंबर 2598 की निशानदेही के समय पुुलिस प्रशासन और सरपंच खरींडवा पंचायत द्वारा नियुक्त वकील एवं उनके पारिवारिक सदस्यों को जानबूझ कर परेशान करने बारे एक शिकायत 16 जनवरी 2018 को प्राप्त हुई थी। इस शिकायत की जांच का जिम्मा एसडीएम शाहाबाद को सौंपा गया था। एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में सौंप दी है। इस रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि गांव में निशानदेही के समय सरपंच मौके पर मौजूद नहीं थी। इस निशानदेही के समय सरपंच का पति मौके पर मौजूद था। इसलिए सरपंच ने अपने कर्तव्यों का निर्वाह नहीं किया और घोर लापरवाही बरती है। इसके अलावा गांव में सांप्रदायिक भावना खराब हुई है और झगडा भी हुआ है। उपायुक्त ने कहा कि इस घोर लापरवाही को सरपंच द्वारा अपने 6 बयानों में स्वीकार किया है। इसलिए तमाम पहलुओं को जहन में रखते हुए गांव खरींडवा की सरपंच को तुरंत प्रभाव से हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 में प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सस्पेंड किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरपंच पर लगे आरोपों की नियमित जांच करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। इतना ही नहीं गांव की चल अचल संपत्ति व रिकार्ड को गांव के बहुमत वाले पंच को तुरंत प्रभाव से सौंपने के आदेश दिए है।
सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में करीब 80 प्रतिशत नदारद
सरकार द्वारा एचआईआरडी नीलोखेड़ी संस्थान की ओर महिला पंचों सरपंचों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला के बीडीपीओ आफिस में चल रहे इस प्रशिक्षण शिविर में अधिकांश महिला जनप्रतिनिधि नदारद हैं, या उनके परिजन इनकी जगह शामिल हो रहे हैं। बता दें कि थानेसर ब्लाक में चल रहे इस प्रशिक्षिण शिविर में 100 महिला जनप्रतिनिधियों से पहले 20 और दूसरे दिन महज 14 महिला और तीसरे दिन भी करीब यही हालत दिखे थे।
अधिकांश महिला पार्षदों, पंचों, सरपंचों के यही हालात
अधिकांश महिला पार्षदों, पंचों, सरपंचों और जिला परिषद सदस्यों की जगह उनके पति ही बैठकों में शामिल होने की परंपरा निभा रहे हैं। भविष्य मेें यह सवाल अवश्य उठेंगे कि जो दायित्व इन बैठकों में शामिल होकर उक्त महिला जनप्रतिनिधियों को निभाना चाहिये था, उनकी जगह वो परिवार के सदस्य कैसे निभा रहे हैं। वहीं प्रशासन का डंडा भविष्य में ऐसे कितने मामलों में चलेगा, इस पर भी नजर जनता की नजर रहेगी।
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
बेशक ,अधिकांश महिला जनप्रतिनिधियों का दायित्व उनके पति,ससुर, पिता या पारिवारिक के लोग संभाल रहे हो, लेकिन डीसी ने ऐसे ही एक मामले में महिला सरपंच को सस्पेंड किया है। डीसी द्वारा सस्पेंड करने की यह कार्रवाई गांव खरींडवा की महिला सरपंच संतरेश पर की गई है। इस सरपंच पर आरोप है कि गांव खरींडवा में एक विवादित भूमि की निशानदेही के समय उनकी जगह पति मौजूद था। हालांकि इस कार्रवाई से अन्य महिला जनप्रतिनिधियों को भी कान आवश्य होंगे, लेकिन सवाल तब जरुर उठेंगे जब भविष्य में भी महिला जन प्रतिनिधियों की जगह उनके परिवार के सदस्य कमान संभालते दिखेंगे। इधर सोमवार देर शाम महिला सरपंच को सस्पेंड करने के लिये उपायुक्त द्वारा जारी आदेशों में कहा कि ग्राम पंचायत खरींडवा में स्थित हरियाणा वक्फ बोर्ड के खसरा नंबर 2598 की निशानदेही के समय पुुलिस प्रशासन और सरपंच खरींडवा पंचायत द्वारा नियुक्त वकील एवं उनके पारिवारिक सदस्यों को जानबूझ कर परेशान करने बारे एक शिकायत 16 जनवरी 2018 को प्राप्त हुई थी। इस शिकायत की जांच का जिम्मा एसडीएम शाहाबाद को सौंपा गया था। एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में सौंप दी है। इस रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि गांव में निशानदेही के समय सरपंच मौके पर मौजूद नहीं थी। इस निशानदेही के समय सरपंच का पति मौके पर मौजूद था। इसलिए सरपंच ने अपने कर्तव्यों का निर्वाह नहीं किया और घोर लापरवाही बरती है। इसके अलावा गांव में सांप्रदायिक भावना खराब हुई है और झगडा भी हुआ है। उपायुक्त ने कहा कि इस घोर लापरवाही को सरपंच द्वारा अपने 6 बयानों में स्वीकार किया है। इसलिए तमाम पहलुओं को जहन में रखते हुए गांव खरींडवा की सरपंच को तुरंत प्रभाव से हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 में प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सस्पेंड किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरपंच पर लगे आरोपों की नियमित जांच करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। इतना ही नहीं गांव की चल अचल संपत्ति व रिकार्ड को गांव के बहुमत वाले पंच को तुरंत प्रभाव से सौंपने के आदेश दिए है।
सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में करीब 80 प्रतिशत नदारद
सरकार द्वारा एचआईआरडी नीलोखेड़ी संस्थान की ओर महिला पंचों सरपंचों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला के बीडीपीओ आफिस में चल रहे इस प्रशिक्षण शिविर में अधिकांश महिला जनप्रतिनिधि नदारद हैं, या उनके परिजन इनकी जगह शामिल हो रहे हैं। बता दें कि थानेसर ब्लाक में चल रहे इस प्रशिक्षिण शिविर में 100 महिला जनप्रतिनिधियों से पहले 20 और दूसरे दिन महज 14 महिला और तीसरे दिन भी करीब यही हालत दिखे थे।
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अधिकांश महिला पार्षदों, पंचों, सरपंचों के यही हालात
अधिकांश महिला पार्षदों, पंचों, सरपंचों और जिला परिषद सदस्यों की जगह उनके पति ही बैठकों में शामिल होने की परंपरा निभा रहे हैं। भविष्य मेें यह सवाल अवश्य उठेंगे कि जो दायित्व इन बैठकों में शामिल होकर उक्त महिला जनप्रतिनिधियों को निभाना चाहिये था, उनकी जगह वो परिवार के सदस्य कैसे निभा रहे हैं। वहीं प्रशासन का डंडा भविष्य में ऐसे कितने मामलों में चलेगा, इस पर भी नजर जनता की नजर रहेगी।
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