{"_id":"5a7c9fec4f1c1bd34b8b796e","slug":"141518116844-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेस वर्करों की हड़ताल में शामिल हुई एसएफआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेस वर्करों की हड़ताल में शामिल हुई एसएफआई
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेस वर्करों की हड़ताल में शामिल हुई एसएफआई
अमर उजाला ब्यूूरो
कुरुक्षेत्र। केयू के एसएफआई छात्रों ने मैस वर्करों की मांगो को लेकर एक दिवसीय भूख हड़ताल को समर्थन दिया। एसएफआई छात्र संघ सदस्यों ने इसकी शुरुआत कला विभाग के सामने एक प्रदर्शनी लगाकर की। इसके बाद तमाम विद्यार्थी एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए मेस कर्मचारियों के पास धरना स्थल पहुंचे। एसएफआई की प्रधान सुमन ने कहा कि पिछले 82 दिनों से मेस कर्मचारी डीसी रेट के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। कहा कि इन कर्मचारियों को विश्विद्यालय का कर्मचारी माना जाए। उन्होंने बताया कि मेस वर्कर धरने से जाकर 12-14 घंटे काम करते हैं और उन्हें काम के बदले मात्र पांच हजार रुपये वेतन मिलता है। इससे घर चलाना मुश्किल होता है। इस मौके पर मानव, रजत, सुमन, रितु, ज्योति, किरणा, रिंपी, प्रियंका, गोल्डी, जस्सी, उज्ज्वल, चमन, मनीषा, गुरि, गगन, मोहित, गुरदीप आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूूरो
कुरुक्षेत्र। केयू के एसएफआई छात्रों ने मैस वर्करों की मांगो को लेकर एक दिवसीय भूख हड़ताल को समर्थन दिया। एसएफआई छात्र संघ सदस्यों ने इसकी शुरुआत कला विभाग के सामने एक प्रदर्शनी लगाकर की। इसके बाद तमाम विद्यार्थी एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए मेस कर्मचारियों के पास धरना स्थल पहुंचे। एसएफआई की प्रधान सुमन ने कहा कि पिछले 82 दिनों से मेस कर्मचारी डीसी रेट के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। कहा कि इन कर्मचारियों को विश्विद्यालय का कर्मचारी माना जाए। उन्होंने बताया कि मेस वर्कर धरने से जाकर 12-14 घंटे काम करते हैं और उन्हें काम के बदले मात्र पांच हजार रुपये वेतन मिलता है। इससे घर चलाना मुश्किल होता है। इस मौके पर मानव, रजत, सुमन, रितु, ज्योति, किरणा, रिंपी, प्रियंका, गोल्डी, जस्सी, उज्ज्वल, चमन, मनीषा, गुरि, गगन, मोहित, गुरदीप आदि मौजूद रहे।