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शहीद ऊधम सिंह संकल्प सिद्ध क्रांतिकारी थे: मिश्र
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:49 AM IST
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शहीद ऊधम सिंह संकल्प सिद्ध क्रांतिकारी थे : मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
भारतमाता के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर अंग्रेजों की दासता से मुक्ति दिलवाने में शहीद ऊधम सिंह की अभूतपूर्व भूमिका रही है। 13 अप्रैल 1919 के जालियांवाला बाग हत्याकांड ने शहीद ऊधम सिंह को झकझोर दिया था। उन्होंने इस कांड का बदला जनरल डायर की हत्या करके लिया था। ऊधम सिंह एक राष्ट्रवादी भारतीय क्रांतिकारी थे। उनका बाल्यकाल आनाथालय में बीता। ऊधम सिंह का जीवन उतार चढ़ाव का जीवन था।
यह विचार मातृभूमि सेवा मिशन के संयोजक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने सरदार ऊधम सिंह जयंती पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि उनकी वीरता, अदम्य साहस के कारण उन्हें शहीद-ए-आजम सरदार ऊधमसिंह के नाम से भी जाना जाता हैं। वे संकल्प सिद्ध क्रांतिकारी थे। प्रत्येक भारतवासी को शहीद ऊधम सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों पर सदैव गर्व रहेगा। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, सुखदेव और भगतसिंह जैसे क्रांतिकारियों के साथ मिलकर ब्रिटिश शासन को ऐसे घाव दिए, जिन्हें ब्रिटिश शासक बहुत दिनों तक नहीं भुला पाए। ऊधम सिंह समतामूलक समाज के समर्थक थे। वे सर्वधर्म समभाव के प्रतीक थे। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद ऊधम सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्चना से हुआ। कार्यक्रम में मिशन के सदस्य, विद्यार्थी आदि उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
भारतमाता के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर अंग्रेजों की दासता से मुक्ति दिलवाने में शहीद ऊधम सिंह की अभूतपूर्व भूमिका रही है। 13 अप्रैल 1919 के जालियांवाला बाग हत्याकांड ने शहीद ऊधम सिंह को झकझोर दिया था। उन्होंने इस कांड का बदला जनरल डायर की हत्या करके लिया था। ऊधम सिंह एक राष्ट्रवादी भारतीय क्रांतिकारी थे। उनका बाल्यकाल आनाथालय में बीता। ऊधम सिंह का जीवन उतार चढ़ाव का जीवन था।
यह विचार मातृभूमि सेवा मिशन के संयोजक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने सरदार ऊधम सिंह जयंती पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि उनकी वीरता, अदम्य साहस के कारण उन्हें शहीद-ए-आजम सरदार ऊधमसिंह के नाम से भी जाना जाता हैं। वे संकल्प सिद्ध क्रांतिकारी थे। प्रत्येक भारतवासी को शहीद ऊधम सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों पर सदैव गर्व रहेगा। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, सुखदेव और भगतसिंह जैसे क्रांतिकारियों के साथ मिलकर ब्रिटिश शासन को ऐसे घाव दिए, जिन्हें ब्रिटिश शासक बहुत दिनों तक नहीं भुला पाए। ऊधम सिंह समतामूलक समाज के समर्थक थे। वे सर्वधर्म समभाव के प्रतीक थे। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद ऊधम सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्चना से हुआ। कार्यक्रम में मिशन के सदस्य, विद्यार्थी आदि उपस्थित रहे।
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