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रूक-रूक कर हुई बूंदाबांदी, बढ़ी ठिठुरन
Updated Tue, 12 Dec 2017 01:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद।
जिले भर में सोमवार को उस समय एकाएक ही ठंडक बढ़ गई जब रुक-रुक कर बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी के साथ ही ठंडी हवाएं भी चली, जिससे लोगों को ठंड का एहसास हुआ और पारा लुढ़क कर 16 डिग्री तक पहुंच गया। सुबह ही मौसम बदला हुआ मिला तो दिन भर बूंदाबांदी के साथ-साथ आसमान में बादल छाए रहे। पूरा दिन सूर्य देवता नजर नहीं आए, जिससे ठंड में ओर भी इजाफा हुआ। हालात यह रहे कि सायं करीब 4 बजे ही कोहरा पड़ने लगा, जिससे भी ठंड बढ़ी और लोगों ने अपने घरों में ही रहना मुनासिब समझा। बता दें कि लगभग आधा दिसंबर बीत जाने के बाद भी ज्यादा ठंड महसूस नहीं की जा रही थी, लेकिन सर्दी में पहली बूंदाबांदी के चलते अब ठंड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। उधर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है बूंदाबांदी गेहूं की अगेती फसल में फायदा होगा।
वहीं मंगलवार को भी दिन भर बादल छाए रहने की संभावना है। उधर इस्माईलाबाद कस्बा व आसपास के क्षेत्र में सुबह से ही रुक रुक कर हो रही बूंदाबांदी से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम में ठिठुरन बढ़ जाने से लोग अपने घरों में दुबके रहे। बूंदाबांदी के चलते अनाजमंडी में बारीक किस्म के धान की आवक कम रही। वहीं ठंड बढ़ने से गेहूं का उत्पादन करने वाले किसानों के चेहरों पर खुशी छाई रही। किसानों ने कहा कि बूंदाबांदी से गेहूं का पौधा फुटाव करेगा जिसका असर गेहूं की पैदावार पर पड़ेगा।
पशु चिकित्सक विशाल सिंधवानी ने कहा कि मौसम में ठिठुरन बढ़ जाने से दुधारू पशुओं को ठंड से बचा कर रखें। इसके लिए पशुओं को अंदर ही रखें तथा पशुओं को ताजा पानी ही पिलाएं, दुधारू पशुओं को गुड़ भी खिलाएं। इससे पशुओं को ठंड सहन करने की शक्ति प्राप्त होती है। एडीओ सुशील कुमार ने बताया कि खराब मौसम के चलते किसान गेहूं में सिंचाई न करें अगले 24 घंटों में बरसात होने की संभावना है।
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कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद।
जिले भर में सोमवार को उस समय एकाएक ही ठंडक बढ़ गई जब रुक-रुक कर बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी के साथ ही ठंडी हवाएं भी चली, जिससे लोगों को ठंड का एहसास हुआ और पारा लुढ़क कर 16 डिग्री तक पहुंच गया। सुबह ही मौसम बदला हुआ मिला तो दिन भर बूंदाबांदी के साथ-साथ आसमान में बादल छाए रहे। पूरा दिन सूर्य देवता नजर नहीं आए, जिससे ठंड में ओर भी इजाफा हुआ। हालात यह रहे कि सायं करीब 4 बजे ही कोहरा पड़ने लगा, जिससे भी ठंड बढ़ी और लोगों ने अपने घरों में ही रहना मुनासिब समझा। बता दें कि लगभग आधा दिसंबर बीत जाने के बाद भी ज्यादा ठंड महसूस नहीं की जा रही थी, लेकिन सर्दी में पहली बूंदाबांदी के चलते अब ठंड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। उधर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है बूंदाबांदी गेहूं की अगेती फसल में फायदा होगा।
वहीं मंगलवार को भी दिन भर बादल छाए रहने की संभावना है। उधर इस्माईलाबाद कस्बा व आसपास के क्षेत्र में सुबह से ही रुक रुक कर हो रही बूंदाबांदी से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम में ठिठुरन बढ़ जाने से लोग अपने घरों में दुबके रहे। बूंदाबांदी के चलते अनाजमंडी में बारीक किस्म के धान की आवक कम रही। वहीं ठंड बढ़ने से गेहूं का उत्पादन करने वाले किसानों के चेहरों पर खुशी छाई रही। किसानों ने कहा कि बूंदाबांदी से गेहूं का पौधा फुटाव करेगा जिसका असर गेहूं की पैदावार पर पड़ेगा।
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पशु चिकित्सक विशाल सिंधवानी ने कहा कि मौसम में ठिठुरन बढ़ जाने से दुधारू पशुओं को ठंड से बचा कर रखें। इसके लिए पशुओं को अंदर ही रखें तथा पशुओं को ताजा पानी ही पिलाएं, दुधारू पशुओं को गुड़ भी खिलाएं। इससे पशुओं को ठंड सहन करने की शक्ति प्राप्त होती है। एडीओ सुशील कुमार ने बताया कि खराब मौसम के चलते किसान गेहूं में सिंचाई न करें अगले 24 घंटों में बरसात होने की संभावना है।
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