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रागों ने झंकृत की श्रोताओं की रग-रग

Sun, 08 Oct 2017 11:59 PM IST
Updated Sun, 08 Oct 2017 11:59 PM IST
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रागों ने झंकृत की श्रोताओं की रग-रग
अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र।
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
आकाशवाणी कुरुक्षेत्र ने संस्कृतिभवन विद्या भारती में आकाशवाणी संगीत सम्मलेन आयोजित किया। इस संगीत सम्मलेन में राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज संगीत साधकों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियां दी। सहायक निदेशक राजेंद्र नागपाल ने बताया कि शास्त्रीय संगीत की परंपरा को जीवंत रखने और युवावर्ग को संगीत की इस विधा के प्रति आकर्षित करने के लिए आकाशवाणी ने यह कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें कटक से पहुंचे प्रख्यात संगीतज्ञ और शास्त्रीय गायक पंडित डॉ. दामोदर होता ने राग मारवाह और राग जोग कोंस पेश किया।
उनके साथ संगत में भोपाल से सारंगी वादक आबिद हुसैन, तबले पर संगत आकाशवाणी भोपाल के स्टाफ कलाकार सलीम अल्लाहवाले, हारमोनियम पर आकाशवाणी दिल्ली से अनुमोदित कलाकार प्रोमिता मुख़र्जी और तानपुरे पर स्थानीय कलाकार गुरजीत सिंह शामिल रहे। गायन विधा की प्रस्तुति के बाद इंदौर से आए ‘ए’ ग्रेड के कलाकार अरुण मोरोणे ने सितार पर राग बिहाग और राग देस प्रस्तुत किया। उनके साथ तबले पर संगत आकाशवाणी केंद्र इंदौर के स्टाफ कलाकार उल्ल्हास राजहंस ने की। इन कलाकारों के गायन और वादन को सुनकर उपस्थित दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
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मंच संचालन सुनील आशु और दीप्ति अग्रवाल ने किया। इस कार्यक्रम में डॉ. हिम्मत सिंह सिन्हा, डॉ. रामेन्द्र, पूर्व निदेशक टीएन कौशल, डॉ. मोहित गुप्ता, प्रो. ईश्वर मित्तल, डॉ. शशि मित्तल, निदेशक आरसेटी कृष्ण लाल, जयभगवान सिंगला, सहायक अभियंता पीएस चौहान, रजत कुमार, दीपक प्रकाश, गुरिंदर सिंह, अनिल भटनागर, विपिन सहगल, प्रदीप कुमार, रचना, राजीव धीमान, नैब सिंह, एसपी सिंह, सुनीता ढुल, जितेंद्र, आकाश, रोहित, डॉ. अशोक, डॉ. पुरुषोत्तम, डॉ. विकास मुदगिल, नवीन, बृजकिशोर शर्मा, विनोद मोरवाल, शशिबाला, विकास ,कपिल बत्तरा, प्रीतम, बनारसी दास आदि उपस्थित थे।
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जीवन का हर पहलु जुड़ा है संगीत से : बाली
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी संजय बाली ने कहा कि संगीत हमारे जीवन के हर पहलु से जुड़ा है। शास्त्रीय संगीत सभी प्रकार के पुरातन संगीत का आधार है। उन्होंने कहा कि ये हमारे केंद्र के लिए गौरव की बात है कि महानिदेशालय ने इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का आयोजन करने का अवसर हमें प्रदान किया। इस विधा को सहेजने और प्रसार के लिए आकाशवाणी प्रयासरत है। इसी कड़ी में कुरुक्षेत्र, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता सहित देशभर के 24 आकाशवाणी केंद्रों पर एकसाथ इस शास्त्रीय संगीत महासम्मेलन का आयोजन किया गया है। इन कार्यक्रमों का प्रसारण चार नवंबर से रात्रि दस बजे से राष्ट्रीय स्तर पर होगा।
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