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घास काट कर घर लौट रही सैनिक को रोडवेज की बस ने कुचला,जाम,पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:47 PM IST
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हादसे में महिला की मौत के बाद भड़के ग्रामीण, ग्रामीणों का पथराव और पुलिस का लाठीचार्ज
-महिला थाना की एसएचओ, सीआईए प्रभारी सहित छह पुलिस कर्मी जख्मी
पलवल डिपो की बस का चालक गिरफ्तार, मामला दर्ज,
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
यहां शुक्रवार को रोडवेज की बस से कुचलकर एक सैनिक की माता की मौत के बाद ग्रामीण भड़क गए। गुस्साए लोगों ने जीटी रोड जाम कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों के पथराव से महिला थाना की एसएचओ सहित छह पुलिस कर्मी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। पुलिस ने भी जमकर लाठीचार्ज किया। इस घटनाक्रम के दौरान करीब करीब एक घंटे तक जीटी रोड पर ट्रैफिक बाधित रहा और राहगीरों को खासी परेशानी हुई। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद ट्रैफिक सामान्य हुआ। इधर घायल पुलिस वालों को कुरुक्षेत्र के लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में दाखिल कराया गया। घायलों में महिला थाना की एसएचओ परवीन कौर की बाजू में फ्रैक्चर बताया गया है।
गांव झिरबड़ी निवासी एक सैनिक की माता संतरो देवी (47) पत्नी ईशम सिंह खेत में पशुओं के लिए चारा लेने के लिए गई थी। घर लौटते समय संतरो देवी को पलवल डिपो की बस ने चपेट में ले लिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में उबाल आ गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से जीटी रोड पर पुल की मांग कर रहे हैं। पुल न होने की वजह से सड़क पर करते समय यहां कई हादसे हो चुके हैं। शुक्रवार को सैनिक की माता मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा उबल पड़ा। उन्होंने घटना के कुछ देर बाद जीटी रोड पर जाम लगा दिया। जीटी रोड जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी राज सिंह, एसडीएम नरेंद्रपाल मलिक, डीडीपी प्रताप सिंह, ट्रैफिक प्रभारी देवेंद्र कुमार, महिला थाना की एसएचओ परवीन कौर, अपराध शाखा के प्रभारी दीपेंद्र सिंह सहित पिपली थाना के एसएचओ सुरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को जीटी रोड खाली करने की अपील की, लेकिन वाले नहीं हटे। पुलिस का आरोप है कि पहले ग्रामीणों ने पथराव किया। इसके कारण लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने की नौबत आई।
पीड़ित परिवार का पक्ष
मृतका संतरो देवी के परिवार के सदस्य राजेश कुमार, रिंकू और गौरव ने बताया कि ग्रामीण काफी समय से पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। पिछले काफी समय से यहां सड़क हादसे हो रहे हैं। इन्होंने बताया कि ग्रामीण अपनी इस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई ग्रामीण जख्मी हुए हैं।
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साजिश रचकर किया पथराव : एसएचओ
थाना सदर के एसएचओ सुरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि पथराव प्लानिंग से हुआ। जीटी रोड पर जाम लगाने वाले ग्रामीणों को काफी समझाया गया, लेकिन इन्होंने पुलिस पर ही पथराव कर दिया। इसमें महिला थाना की एसएचओ परवीन कौर की बाजू में फ्रैक्चर है,जबकि अपराध शाखा के प्रभारी दीपेंद्र सिंह की टांग में टांके लगे हैं। इनके अलावा हवलदार अशोक कुमार को भी काफी चोट आई हैं। थाना प्रभारी के मुताबिक पुलिस इनके अलावा उन्हें भी एक पत्थर लगा, जबकि अन्य कई पुलिस वाले जख्मी हुए हैं।
हेलमेट ना होता तो भी अस्पताल में होता
ट्रैफिक पुलिस के प्रभारी देवेंद्र कुमार के मुताबिक ग्रामीणों की पहली मांग थी कि बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ट्रैफिक प्रभारी के अनुसार ग्रामीणों को यह कई बार बताया गया कि बस चालक के खिलाफ ठोस कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया है, लेकिन वे फिर भी नहीं माने और पुल बनाने की मांग करने लगे। इसके बाद पुलिस पर पथराव कर दिया। उन्होंने बताया कि अगर उन्होंने हेलमेट नहीं डाला होता तो शायद वह भी अस्पताल में दाखिल होते, क्योंकि एक पत्थर उनके सिर पर भी आकर लगा था।
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हादसे में महिला की मौत के बाद भड़के ग्रामीण, ग्रामीणों का पथराव और पुलिस का लाठीचार्ज
-महिला थाना की एसएचओ, सीआईए प्रभारी सहित छह पुलिस कर्मी जख्मी
पलवल डिपो की बस का चालक गिरफ्तार, मामला दर्ज,
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
यहां शुक्रवार को रोडवेज की बस से कुचलकर एक सैनिक की माता की मौत के बाद ग्रामीण भड़क गए। गुस्साए लोगों ने जीटी रोड जाम कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों के पथराव से महिला थाना की एसएचओ सहित छह पुलिस कर्मी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। पुलिस ने भी जमकर लाठीचार्ज किया। इस घटनाक्रम के दौरान करीब करीब एक घंटे तक जीटी रोड पर ट्रैफिक बाधित रहा और राहगीरों को खासी परेशानी हुई। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद ट्रैफिक सामान्य हुआ। इधर घायल पुलिस वालों को कुरुक्षेत्र के लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में दाखिल कराया गया। घायलों में महिला थाना की एसएचओ परवीन कौर की बाजू में फ्रैक्चर बताया गया है।
गांव झिरबड़ी निवासी एक सैनिक की माता संतरो देवी (47) पत्नी ईशम सिंह खेत में पशुओं के लिए चारा लेने के लिए गई थी। घर लौटते समय संतरो देवी को पलवल डिपो की बस ने चपेट में ले लिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में उबाल आ गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से जीटी रोड पर पुल की मांग कर रहे हैं। पुल न होने की वजह से सड़क पर करते समय यहां कई हादसे हो चुके हैं। शुक्रवार को सैनिक की माता मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा उबल पड़ा। उन्होंने घटना के कुछ देर बाद जीटी रोड पर जाम लगा दिया। जीटी रोड जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी राज सिंह, एसडीएम नरेंद्रपाल मलिक, डीडीपी प्रताप सिंह, ट्रैफिक प्रभारी देवेंद्र कुमार, महिला थाना की एसएचओ परवीन कौर, अपराध शाखा के प्रभारी दीपेंद्र सिंह सहित पिपली थाना के एसएचओ सुरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को जीटी रोड खाली करने की अपील की, लेकिन वाले नहीं हटे। पुलिस का आरोप है कि पहले ग्रामीणों ने पथराव किया। इसके कारण लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने की नौबत आई।
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पीड़ित परिवार का पक्ष
मृतका संतरो देवी के परिवार के सदस्य राजेश कुमार, रिंकू और गौरव ने बताया कि ग्रामीण काफी समय से पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। पिछले काफी समय से यहां सड़क हादसे हो रहे हैं। इन्होंने बताया कि ग्रामीण अपनी इस मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई ग्रामीण जख्मी हुए हैं।
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साजिश रचकर किया पथराव : एसएचओ
थाना सदर के एसएचओ सुरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि पथराव प्लानिंग से हुआ। जीटी रोड पर जाम लगाने वाले ग्रामीणों को काफी समझाया गया, लेकिन इन्होंने पुलिस पर ही पथराव कर दिया। इसमें महिला थाना की एसएचओ परवीन कौर की बाजू में फ्रैक्चर है,जबकि अपराध शाखा के प्रभारी दीपेंद्र सिंह की टांग में टांके लगे हैं। इनके अलावा हवलदार अशोक कुमार को भी काफी चोट आई हैं। थाना प्रभारी के मुताबिक पुलिस इनके अलावा उन्हें भी एक पत्थर लगा, जबकि अन्य कई पुलिस वाले जख्मी हुए हैं।
हेलमेट ना होता तो भी अस्पताल में होता
ट्रैफिक पुलिस के प्रभारी देवेंद्र कुमार के मुताबिक ग्रामीणों की पहली मांग थी कि बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ट्रैफिक प्रभारी के अनुसार ग्रामीणों को यह कई बार बताया गया कि बस चालक के खिलाफ ठोस कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया है, लेकिन वे फिर भी नहीं माने और पुल बनाने की मांग करने लगे। इसके बाद पुलिस पर पथराव कर दिया। उन्होंने बताया कि अगर उन्होंने हेलमेट नहीं डाला होता तो शायद वह भी अस्पताल में दाखिल होते, क्योंकि एक पत्थर उनके सिर पर भी आकर लगा था।