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14 वर्षीय युवतियों को नि:शुल्क लगाया जाएगा टीका
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कुरुक्षेत्र। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए जल्द ही जिले में टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। मार्केट में महंगी कीमत में लगाए जा रहे टीके को स्वास्थ्य विभाग की ओर से 14 से 15 वर्ष के बीच की युवतियों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का टीका नि:शुल्क लगाया जाएगा। परिजन नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में जाकर 14 वर्ष की युवती को वैक्सीन लगवा सकते हैं।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की जिला टास्क फोर्स की बैठक ली। इसमें मीटिंग में पीएमओ डाॅ. सारा अग्रवाल और डीआईओ डाॅ. सैलजा ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की विस्तार से जानकारी दी। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने महिला बाल विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग सहित अन्य विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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एचपीवी के लगातार संक्रमण से सर्वाइकल कैंसर का खतरा
पीएमओ डॉ. सारा अग्रवाल ने कहा कि एचपीवी प्रजनन पथ का सबसे आम वायरल संक्रमण है। एचपीवी संक्रमण के अधिकतर मामले लक्षण हीन होते हैं और स्वत: ठीक हो जाते हैं। एचपीवी के लगातार संक्रमण से सर्वाइकल कैंसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि विश्व की परिकल्पना है कि सर्वाइकल कैंसर एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या को समाप्त किया जाए। सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में उन्मूलन के लिए प्रति 1,00,000 महिला-वर्षों में चार केस की सीमा निर्धारित की गई है। वर्ष 2030 तक सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने की वैश्विक रणनीति तैयार की गई है।
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उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम सर्वाइकल कैंसर है। सर्वाइकल कैंसर के लिए आयु-मानकीकृत अनुमान वर्ष 2022 में तय किया गया। इस दौरान प्रति 1,00,000 महिला में 11.6 घटना दर दर्ज की गई। इनमें से प्रति 1,00,000 महिला वर्ष 5.1 मृत्यु दर दर्ज की गई। इसके साथ ही वर्ष 2022 में सर्वाइकल कैंसर के लगभग 79,103 नए मामले सामने आए और 34,805 मौतें हुईं।
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उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की जिला टास्क फोर्स की बैठक ली। इसमें मीटिंग में पीएमओ डाॅ. सारा अग्रवाल और डीआईओ डाॅ. सैलजा ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की विस्तार से जानकारी दी। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने महिला बाल विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग सहित अन्य विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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एचपीवी के लगातार संक्रमण से सर्वाइकल कैंसर का खतरा
पीएमओ डॉ. सारा अग्रवाल ने कहा कि एचपीवी प्रजनन पथ का सबसे आम वायरल संक्रमण है। एचपीवी संक्रमण के अधिकतर मामले लक्षण हीन होते हैं और स्वत: ठीक हो जाते हैं। एचपीवी के लगातार संक्रमण से सर्वाइकल कैंसर हो सकता है। उन्होंने कहा कि विश्व की परिकल्पना है कि सर्वाइकल कैंसर एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या को समाप्त किया जाए। सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में उन्मूलन के लिए प्रति 1,00,000 महिला-वर्षों में चार केस की सीमा निर्धारित की गई है। वर्ष 2030 तक सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने की वैश्विक रणनीति तैयार की गई है।
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उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम सर्वाइकल कैंसर है। सर्वाइकल कैंसर के लिए आयु-मानकीकृत अनुमान वर्ष 2022 में तय किया गया। इस दौरान प्रति 1,00,000 महिला में 11.6 घटना दर दर्ज की गई। इनमें से प्रति 1,00,000 महिला वर्ष 5.1 मृत्यु दर दर्ज की गई। इसके साथ ही वर्ष 2022 में सर्वाइकल कैंसर के लगभग 79,103 नए मामले सामने आए और 34,805 मौतें हुईं।