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2016-17 का गोयल पुरस्कार:
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देश के छह वैज्ञानिकों का आज होगा सम्मान
- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में गोयल पुरस्कार एवं राजीव गोयल पुरस्कार वितरण समारोह
- प्रो. लक्ष्मी कांतम, प्रो. संदीप वर्मा प्रो. उमेश वार्ष्णेय के मिलेगा गोयल अवार्ड
- डॉ. पराग गोगेट, डॉ. वंदना भल्ला और डॉ. अरुण के शुक्ला को युवा वैज्ञानिक अवार्ड से किया जाएगा सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। देश के तीन शीर्षस्थ वैज्ञानिकों और तीन युवा वैज्ञानिकों को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गोयल एवं राजीव गोयल अवार्ड से शुक्रवार को सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. डीपी सिंह एक समारोह में सभी को सम्मानित करेंगे। जबकि विश्वविद्यालय के कुलपति एवं अवार्ड समिति के अध्यक्ष डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पिछले 27 वर्षों से प्रत्येक वर्ष विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में बेहतर कार्यकरने वाले देश के तीन प्रमुख वैज्ञानिकों को गोयल अवार्ड से सम्मानित करता है। इस बार मुंबई के इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेकभनालॉजी के प्रो. लक्ष्मी कांतम, कानपुर आईआईटी के प्रो. संदीप वर्मा तथा बंगलूरू के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के प्रो. उमेश वार्ष्णेय को गोयल अवार्ड के लिए चयन किया गया है। इसी प्रकार मुंबई आईसीटी के डॉ. पराग गोगेट, जीएनडीयू अमृतसर की डॉ. वंदना भल्ला तथा कानपुर आईआईटी के डॉ. अरुण के शुक्ला को राजीव गोयल अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। प्रो. लक्ष्मी कांतम का चयन कैटेलिसिस, मैटेरियल तथा रसायन शास्त्र के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए किया गया है। प्रो. संदीप वर्मा को बायो आर्गेनिक कैमेस्ट्री के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए तथा प्रो. वार्ष्णेय का चयन आणविक बायोलॉजी के क्षेत्र में किया गया है। गोयल अवार्ड पाने वाले वैज्ञानिकों को को दो-दो लाख रुपये एवं राजीव गोयल अवार्ड पाने वाले युवा वैज्ञानिकों को एक लाख रुपये की धनराशि के साथ मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। गोयल अवार्ड अमेरिका में रह रहे एक अप्रवासी भारतीय स्व. रामस्वरूप गोयल और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयास से शुरू किया गया। देश के सैकड़ों वैज्ञानिकों को विश्वविद्यालय विगत वर्षों में इस पुरस्कार से सम्मानित कर चुका है।
बाक्स
ऐसे शुरू हुआ गोयल अवार्ड
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गोयल अवार्ड विज्ञान के क्षेत्र में दिया जाने वाला एक ऐसा प्रतिष्ठित अवार्ड है, जो एनआरआई भारतीय स्व. रामएस गोयल का विदेश में रहकर अपने देश के लिए कुछ करने के जज्बे का परिणाम है। अमेरिका में रहते हुए राम एस गोयल की मुलाकात विश्वविद्यालय के प्रो. एसपी सिंह से हुई और उन्होंने भारत की मिट्टी के लिए कुछ करने की इच्छा जताई। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के साथ एक एमओयू पर 1991 में हस्ताक्षर किए और तब से लेकर अबतक इस सम्मान से देश के 94 महान वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों से गोयल शांति पुरस्कार शुरू किए गए हैं। पहला शांति पुरस्कार सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक को दिया गया था। हाल ही में सामाजिक सेवा के लिए एकल फाउंडेशन के संस्थापक श्याम गुप्ता व संत बलबीर सिंह सीचेंवाल को सम्मानित किया गया।
- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में गोयल पुरस्कार एवं राजीव गोयल पुरस्कार वितरण समारोह
- प्रो. लक्ष्मी कांतम, प्रो. संदीप वर्मा प्रो. उमेश वार्ष्णेय के मिलेगा गोयल अवार्ड
- डॉ. पराग गोगेट, डॉ. वंदना भल्ला और डॉ. अरुण के शुक्ला को युवा वैज्ञानिक अवार्ड से किया जाएगा सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। देश के तीन शीर्षस्थ वैज्ञानिकों और तीन युवा वैज्ञानिकों को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गोयल एवं राजीव गोयल अवार्ड से शुक्रवार को सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. डीपी सिंह एक समारोह में सभी को सम्मानित करेंगे। जबकि विश्वविद्यालय के कुलपति एवं अवार्ड समिति के अध्यक्ष डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पिछले 27 वर्षों से प्रत्येक वर्ष विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में बेहतर कार्यकरने वाले देश के तीन प्रमुख वैज्ञानिकों को गोयल अवार्ड से सम्मानित करता है। इस बार मुंबई के इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेकभनालॉजी के प्रो. लक्ष्मी कांतम, कानपुर आईआईटी के प्रो. संदीप वर्मा तथा बंगलूरू के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के प्रो. उमेश वार्ष्णेय को गोयल अवार्ड के लिए चयन किया गया है। इसी प्रकार मुंबई आईसीटी के डॉ. पराग गोगेट, जीएनडीयू अमृतसर की डॉ. वंदना भल्ला तथा कानपुर आईआईटी के डॉ. अरुण के शुक्ला को राजीव गोयल अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। प्रो. लक्ष्मी कांतम का चयन कैटेलिसिस, मैटेरियल तथा रसायन शास्त्र के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए किया गया है। प्रो. संदीप वर्मा को बायो आर्गेनिक कैमेस्ट्री के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए तथा प्रो. वार्ष्णेय का चयन आणविक बायोलॉजी के क्षेत्र में किया गया है। गोयल अवार्ड पाने वाले वैज्ञानिकों को को दो-दो लाख रुपये एवं राजीव गोयल अवार्ड पाने वाले युवा वैज्ञानिकों को एक लाख रुपये की धनराशि के साथ मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। गोयल अवार्ड अमेरिका में रह रहे एक अप्रवासी भारतीय स्व. रामस्वरूप गोयल और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयास से शुरू किया गया। देश के सैकड़ों वैज्ञानिकों को विश्वविद्यालय विगत वर्षों में इस पुरस्कार से सम्मानित कर चुका है।
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ऐसे शुरू हुआ गोयल अवार्ड
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गोयल अवार्ड विज्ञान के क्षेत्र में दिया जाने वाला एक ऐसा प्रतिष्ठित अवार्ड है, जो एनआरआई भारतीय स्व. रामएस गोयल का विदेश में रहकर अपने देश के लिए कुछ करने के जज्बे का परिणाम है। अमेरिका में रहते हुए राम एस गोयल की मुलाकात विश्वविद्यालय के प्रो. एसपी सिंह से हुई और उन्होंने भारत की मिट्टी के लिए कुछ करने की इच्छा जताई। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के साथ एक एमओयू पर 1991 में हस्ताक्षर किए और तब से लेकर अबतक इस सम्मान से देश के 94 महान वैज्ञानिकों को सम्मानित किया जा चुका है। पिछले दो वर्षों से गोयल शांति पुरस्कार शुरू किए गए हैं। पहला शांति पुरस्कार सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक को दिया गया था। हाल ही में सामाजिक सेवा के लिए एकल फाउंडेशन के संस्थापक श्याम गुप्ता व संत बलबीर सिंह सीचेंवाल को सम्मानित किया गया।
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