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अनुसूचित एवं पिछड़ा वर्ग ने 10 प्रतिशत आरक्षण को बताया धोखा
Updated Mon, 05 Feb 2018 12:09 AM IST
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अनुसूचित एवं पिछड़ा वर्ग ने 10 प्रतिशत आरक्षण को बताया धोखा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अनुसूचित और पिछड़ा वर्ग ने इनलो प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा को ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आउटसोर्सिंग और डीसी रेट की नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा को एससी वर्ग के साथ धोखा बताया गया है। प्रदेश में स्थाई नौकरियां न देकर लगभग 50 हजार नियुक्तियां आउटसोर्सिंग या डीसी रेट पर की गई हैं। आरोप लगाया कि इसमें किसी भी तरीके से राज्य आरक्षण पॉलिसी लागू नहीं की गई। इस बात से यह भी जाहिर होता है कि सरकार जान बूझकर आरक्षित वर्गों को लाभ से वंचित रखना चाहती है। जब तक इन वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं की जाती, लोगों का विकास मुश्किल है।
ज्ञापन देने वालों ने कहा कि मुख्यमंत्री को रविदास जयंती पर घोषणा यह करनी चाहिए थी कि वह इन वर्गों का बैकलॉग पूरा करेंगे, लेकिन उन्होंने विधानसभा में कही अपनी बात को भी पूरा नहीं किया। इनेलो प्रदेशाध्य्क्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा उठाया था। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि प्रदेश में आउटसोर्सिंग से होने वाली भर्तियों में आरक्षण पॉलिसी लागू की जाएगी। यह संविधान के उल्लंघन का मामला है। अरोड़ा ने कहा कि अनुसूचित एवं पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय को रोकने के लिए इस मसले को दोबारा विधानसभा और लोकसभा में उठाया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. जीत सिंह शेर, चंद्रभान वाल्मीकि, प्रवीन कश्यप दयालपुर, दीपक फौजी, मास्टर हरी सिंह, शमशेर सिंह, पूर्व पार्षद ओमप्रकाश, मनु कश्यप घरौंडा, बलजीत सिंह, शरेसिंह ढांडा, अमित, अरविंद, गुलशन, सुरेंद्र कश्यप, कुकी, वीरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अनुसूचित और पिछड़ा वर्ग ने इनलो प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा को ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आउटसोर्सिंग और डीसी रेट की नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा को एससी वर्ग के साथ धोखा बताया गया है। प्रदेश में स्थाई नौकरियां न देकर लगभग 50 हजार नियुक्तियां आउटसोर्सिंग या डीसी रेट पर की गई हैं। आरोप लगाया कि इसमें किसी भी तरीके से राज्य आरक्षण पॉलिसी लागू नहीं की गई। इस बात से यह भी जाहिर होता है कि सरकार जान बूझकर आरक्षित वर्गों को लाभ से वंचित रखना चाहती है। जब तक इन वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं की जाती, लोगों का विकास मुश्किल है।
ज्ञापन देने वालों ने कहा कि मुख्यमंत्री को रविदास जयंती पर घोषणा यह करनी चाहिए थी कि वह इन वर्गों का बैकलॉग पूरा करेंगे, लेकिन उन्होंने विधानसभा में कही अपनी बात को भी पूरा नहीं किया। इनेलो प्रदेशाध्य्क्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा उठाया था। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि प्रदेश में आउटसोर्सिंग से होने वाली भर्तियों में आरक्षण पॉलिसी लागू की जाएगी। यह संविधान के उल्लंघन का मामला है। अरोड़ा ने कहा कि अनुसूचित एवं पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय को रोकने के लिए इस मसले को दोबारा विधानसभा और लोकसभा में उठाया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. जीत सिंह शेर, चंद्रभान वाल्मीकि, प्रवीन कश्यप दयालपुर, दीपक फौजी, मास्टर हरी सिंह, शमशेर सिंह, पूर्व पार्षद ओमप्रकाश, मनु कश्यप घरौंडा, बलजीत सिंह, शरेसिंह ढांडा, अमित, अरविंद, गुलशन, सुरेंद्र कश्यप, कुकी, वीरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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