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स्वच्छता की परीक्षा ने कड़ाके की ठंड में छुड़ाए अधिकारियों के पसीने
Updated Fri, 05 Jan 2018 12:15 AM IST
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स्वच्छता : तैयारियां आधी-अधूरी, उम्मीदें पूरी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
स्वच्छता परीक्षा में दो बार बुरी तरह फेल हो चुके कुरुक्षेत्र को इस बार सफल बनाने के लिए नगर परिषद के कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक कड़ाके की ठंड में पसीना बहा रहे हैं। इसके बाद भी नौ और दस जनवरी को होने वाली इस बार की परीक्षा में सफल होने पर संशय है। हालांकि, नगर परिषद ने पिछले चार दिनों से अपने अन्य सभी कार्य भूला कर शहर को केवल साफ-सुथरा बनाने पर ध्यान केंद्रित कर लिया है। इसी के चलते सेक्टर 2, सुभाष मंडी, शेख चेहली का मकबला, दीदार नगर आदि क्षेत्रों में वर्षों से जमे गंदगी के ढेरों को साफ कर दिया गया है, लेकिन अभी भी परीक्षा की दृष्टि से शहर को पूरी तरह स्वच्छ बनाया जाना नगर परिषद से लेकर जिला प्रशासन तक के लिए कड़ी चुनौती है। नगर परिषद प्रशासन दो बार स्वच्छ शहरों की दौड़ में बुरी तरह पिछड़ चुका है। इसके बावजूद वह समय रहते सफाई अभियान नहीं चला सका है। इस बार चार जनवरी से शुरू हुए स्वच्छता सर्वे को देख कर आधी अधूरी तैयारियों के साथ सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। हालांकि, इसका असर शहर में दिखाई देने लगा है, लेकिन अभी भी शहर के मोहन नगर, वशिष्ठ कॉलोनी, अनाज मंडी, दीदार नगर, कीर्ति नगर सहित अनेक क्षेत्रों में लंबे समय तक ऐसा अभियान चलाए जाने की जरूरत है।
खाली प्लॉट बने स्वच्छता में रोड़ा
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान में शहर भर में खाली पड़े हजारों प्लॉट रोड़ा बने हुए हैं। अधिकतर प्लाट कूड़ादान का रूप ले चुके हैं तो अधिकतर में बारिश आदि का दूषित पानी जमा है। इससे शहर की स्वच्छता पर दाग लग रहा है। साथ ही लोगों का जीना भी मुहाल हो चुका है। नगर परिषद इन प्लॉट धारकों के खिलाफ भी कार्रवाई की योजना बना रही है।
अब तक ये रही धर्मनगरी की स्थिति
वर्ष 2016 में हुए स्वच्छता सर्वे में थानेसर शहर का 463वां स्थान रहा, जबकि 2017 में 253वां स्थान रहा। इस बार फिर स्वच्छता सर्वे 9 और 10 जनवरी को होना है। 100 स्वच्छ शहरों की श्रेणी में शहर आएगा या नहीं, यह परिणाम जारी होने के बाद ही पता चल पाएगा।
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10 जनवरी तक सभी सफाई कर्मियों की छुट्टी रद्द
शहर में 9 और 10 जनवरी को स्वच्छता सर्वे के लिए केंद्र की ओर से टीम निरीक्षण करने पहुंचेंगी। इससे पहले शहर को चकाचक करने के लिए नगर परिषद ने अपना पूरा अमला धरातल पर उतार दिया है। यहां तक कि सभी सफाई कर्मियों की 10 जनवरी तक छुट्टियां रद्द कर दी हैं। देर शाम तक सफाई अभियान चलाया जा रहा है। नगर परिषद चेयरमैन उमा सुधा और ईओ बीएन भारती स्वयं इस अभियान को सफल बनाने के लिए सफाई कर्मियों के साथ खड़े रहते हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए आठ अधिकारियों को निगरानी सौंपी गई है।
यह है नप के पास सफाई व्यवस्था के लिए संसाधन
नगर परिषद के पास 98 स्थाई और 317 अस्थाई सफाई कर्मचारी हैं। घर-घर से कूड़ा उठाने वाले 81 डंपर, सात ट्रैक्टर और दो जेसीबी हैं। दर्जनों सफाई कर्मचारी निजी ठेकेदारों के अंडर में भी सफाई अभियान में जुटे हैं।
वर्ष भर से बाट जो रहे थे 400 डस्टबिन
फायर ब्रिगेड कार्यालय परिसर में नगर परिषद के 400 नीले और हरे छोटे डस्टबिन पिछले एक वर्ष से निर्धारित जगहों पर लगाए जाने की बाट जोह रहे थे। करीब एक वर्ष पहले ही शहर में एक हजार डस्टबिन शहर में बाजारों से लेकर अन्य सार्वजनिक स्थलों पर रखवाए गए। अब इनमें से कुछ ही डस्टबिन सार्वजनिक तौर पर उपयोग में दिखाई पड़ रहे है। फायर ब्रिगेड परिसर में रखे डस्टबिन भी अब निर्धारित जगहों पर लगाए जाने लगे हैं। नगर परिषद की ओर से अभी शहर में 60 बड़े डस्टबिन भी रखे हुए हैं।
40 के काटे चालान, शहर गंदा किया तो बख्शा नहीं जाएगा : भारती
नगर परिषद सफाई अभियान को सफल बनाने में जुटी है। इसी क्रम मेें शहर को गंदा करने में लगे करीब 40 लोगों के चालान किए गए है। नगर परिषद ईओ बीएन भारती ने बताया कि शेख चेहली के मकबरा क्षेत्र, सेक्टर-10, देवीदास पुरा सहित शहर के आदि क्षेत्रों में गोबर, उपले आदि के साथ गंदगी फैलाने वाले करीब 40 लोगों पर यह कार्रवाई की गई है।
अब पार्षद भी उतरे सफाई अभियान में
नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे सफाई अभियान को सफल बनाने के लिए अब पार्षद भी आगे आने लगे है। वीरवार को वार्ड नं-9 की पार्षद सुदेश चौधरी ने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। सफाई कर्मचारियों को कड़े निर्देश भी दिए। इस मौके पर उनके साथ ठेकेदार शिव कुमार, सोनू, रामचंद्र, रघुवीर, राजरानी, कर्मचंद, गौरव आदि मौजूद रहे।
शहर के इन क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
शहर की स्वच्छता और सुंदरता के लिए गीता द्वार, सेक्टर-2 देवीलाल पार्क के सामने का क्षेत्र, गीता द्वार से अंबाला रोड का क्षेत्र, गीता द्वार से मोहन नगर तक का क्षेत्र, सेक्टर 2-5, 5-7 और 7-10 के डिवाइडिंग रोड, सुभाष मंडी, शेख चेहली का मकबरा क्षेत्र, सेक्टर-10 और सेक्टर-17 के साथ ही दीदार नगर, कीर्ति नगर, गांधी नगर, माडल टाउन क्षेत्र की विशेष निगरानी की जा रही है।
गली-गली में पहुंच रहे सफाई कर्मचारी
नप अध्यक्ष उमा सुधा ने कहा कि शहर की हर गली को स्वच्छ बनाने के लिए सफाई कर्मचारी सेक्टरों और वार्डों में पहुंच रहे हैं। सभी सफाई कर्मचारी शहर को स्वच्छता के शिखर पर ले जाने का लक्ष्य जहन में लेकर चल रहे हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आमजन का सहयोग भी जरूरी है। वह वीरवार सुबह शहर में चल रही सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के बाद अधिकारियों को निर्देश दे रही थीं। इससे पहले नप अध्यक्षा ने सेक्टर-3 गुरुद्वारा रोड, सरस्वती के निकट का क्षेत्र, जिंदल पार्क के पीछे मंदिर के पास सहित शहर में चारों तरफ सफाई अभियान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि थानेसर शहर प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार है। इसके बावजूद नगर परिषद का प्रयास है कि थानेसर शहर को प्रदेश का ही नहीं, उत्तर भारत के सबसे स्वच्छ शहरों की श्रेणी में लाया जाए।
क्लीन सिटी एप से मिल रही है जानकारी : उमा
नप अध्यक्ष उमा सुधा का कहना है क्लीन सिटी एप से शहर में अलग-अलग जगहों से गंदगी की जानकारी मिल रही है। इस जानकारी के आधार पर ही सफाई व्यवस्था की जा रही हैं। इस एप से शहर को स्वच्छ बनाने में काफी मदद मिल रही हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद की ओर से कोई लापरवाही नहीं रहेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
स्वच्छता परीक्षा में दो बार बुरी तरह फेल हो चुके कुरुक्षेत्र को इस बार सफल बनाने के लिए नगर परिषद के कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक कड़ाके की ठंड में पसीना बहा रहे हैं। इसके बाद भी नौ और दस जनवरी को होने वाली इस बार की परीक्षा में सफल होने पर संशय है। हालांकि, नगर परिषद ने पिछले चार दिनों से अपने अन्य सभी कार्य भूला कर शहर को केवल साफ-सुथरा बनाने पर ध्यान केंद्रित कर लिया है। इसी के चलते सेक्टर 2, सुभाष मंडी, शेख चेहली का मकबला, दीदार नगर आदि क्षेत्रों में वर्षों से जमे गंदगी के ढेरों को साफ कर दिया गया है, लेकिन अभी भी परीक्षा की दृष्टि से शहर को पूरी तरह स्वच्छ बनाया जाना नगर परिषद से लेकर जिला प्रशासन तक के लिए कड़ी चुनौती है। नगर परिषद प्रशासन दो बार स्वच्छ शहरों की दौड़ में बुरी तरह पिछड़ चुका है। इसके बावजूद वह समय रहते सफाई अभियान नहीं चला सका है। इस बार चार जनवरी से शुरू हुए स्वच्छता सर्वे को देख कर आधी अधूरी तैयारियों के साथ सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। हालांकि, इसका असर शहर में दिखाई देने लगा है, लेकिन अभी भी शहर के मोहन नगर, वशिष्ठ कॉलोनी, अनाज मंडी, दीदार नगर, कीर्ति नगर सहित अनेक क्षेत्रों में लंबे समय तक ऐसा अभियान चलाए जाने की जरूरत है।
खाली प्लॉट बने स्वच्छता में रोड़ा
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान में शहर भर में खाली पड़े हजारों प्लॉट रोड़ा बने हुए हैं। अधिकतर प्लाट कूड़ादान का रूप ले चुके हैं तो अधिकतर में बारिश आदि का दूषित पानी जमा है। इससे शहर की स्वच्छता पर दाग लग रहा है। साथ ही लोगों का जीना भी मुहाल हो चुका है। नगर परिषद इन प्लॉट धारकों के खिलाफ भी कार्रवाई की योजना बना रही है।
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अब तक ये रही धर्मनगरी की स्थिति
वर्ष 2016 में हुए स्वच्छता सर्वे में थानेसर शहर का 463वां स्थान रहा, जबकि 2017 में 253वां स्थान रहा। इस बार फिर स्वच्छता सर्वे 9 और 10 जनवरी को होना है। 100 स्वच्छ शहरों की श्रेणी में शहर आएगा या नहीं, यह परिणाम जारी होने के बाद ही पता चल पाएगा।
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10 जनवरी तक सभी सफाई कर्मियों की छुट्टी रद्द
शहर में 9 और 10 जनवरी को स्वच्छता सर्वे के लिए केंद्र की ओर से टीम निरीक्षण करने पहुंचेंगी। इससे पहले शहर को चकाचक करने के लिए नगर परिषद ने अपना पूरा अमला धरातल पर उतार दिया है। यहां तक कि सभी सफाई कर्मियों की 10 जनवरी तक छुट्टियां रद्द कर दी हैं। देर शाम तक सफाई अभियान चलाया जा रहा है। नगर परिषद चेयरमैन उमा सुधा और ईओ बीएन भारती स्वयं इस अभियान को सफल बनाने के लिए सफाई कर्मियों के साथ खड़े रहते हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए आठ अधिकारियों को निगरानी सौंपी गई है।
यह है नप के पास सफाई व्यवस्था के लिए संसाधन
नगर परिषद के पास 98 स्थाई और 317 अस्थाई सफाई कर्मचारी हैं। घर-घर से कूड़ा उठाने वाले 81 डंपर, सात ट्रैक्टर और दो जेसीबी हैं। दर्जनों सफाई कर्मचारी निजी ठेकेदारों के अंडर में भी सफाई अभियान में जुटे हैं।
वर्ष भर से बाट जो रहे थे 400 डस्टबिन
फायर ब्रिगेड कार्यालय परिसर में नगर परिषद के 400 नीले और हरे छोटे डस्टबिन पिछले एक वर्ष से निर्धारित जगहों पर लगाए जाने की बाट जोह रहे थे। करीब एक वर्ष पहले ही शहर में एक हजार डस्टबिन शहर में बाजारों से लेकर अन्य सार्वजनिक स्थलों पर रखवाए गए। अब इनमें से कुछ ही डस्टबिन सार्वजनिक तौर पर उपयोग में दिखाई पड़ रहे है। फायर ब्रिगेड परिसर में रखे डस्टबिन भी अब निर्धारित जगहों पर लगाए जाने लगे हैं। नगर परिषद की ओर से अभी शहर में 60 बड़े डस्टबिन भी रखे हुए हैं।
40 के काटे चालान, शहर गंदा किया तो बख्शा नहीं जाएगा : भारती
नगर परिषद सफाई अभियान को सफल बनाने में जुटी है। इसी क्रम मेें शहर को गंदा करने में लगे करीब 40 लोगों के चालान किए गए है। नगर परिषद ईओ बीएन भारती ने बताया कि शेख चेहली के मकबरा क्षेत्र, सेक्टर-10, देवीदास पुरा सहित शहर के आदि क्षेत्रों में गोबर, उपले आदि के साथ गंदगी फैलाने वाले करीब 40 लोगों पर यह कार्रवाई की गई है।
अब पार्षद भी उतरे सफाई अभियान में
नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे सफाई अभियान को सफल बनाने के लिए अब पार्षद भी आगे आने लगे है। वीरवार को वार्ड नं-9 की पार्षद सुदेश चौधरी ने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। सफाई कर्मचारियों को कड़े निर्देश भी दिए। इस मौके पर उनके साथ ठेकेदार शिव कुमार, सोनू, रामचंद्र, रघुवीर, राजरानी, कर्मचंद, गौरव आदि मौजूद रहे।
शहर के इन क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
शहर की स्वच्छता और सुंदरता के लिए गीता द्वार, सेक्टर-2 देवीलाल पार्क के सामने का क्षेत्र, गीता द्वार से अंबाला रोड का क्षेत्र, गीता द्वार से मोहन नगर तक का क्षेत्र, सेक्टर 2-5, 5-7 और 7-10 के डिवाइडिंग रोड, सुभाष मंडी, शेख चेहली का मकबरा क्षेत्र, सेक्टर-10 और सेक्टर-17 के साथ ही दीदार नगर, कीर्ति नगर, गांधी नगर, माडल टाउन क्षेत्र की विशेष निगरानी की जा रही है।
गली-गली में पहुंच रहे सफाई कर्मचारी
नप अध्यक्ष उमा सुधा ने कहा कि शहर की हर गली को स्वच्छ बनाने के लिए सफाई कर्मचारी सेक्टरों और वार्डों में पहुंच रहे हैं। सभी सफाई कर्मचारी शहर को स्वच्छता के शिखर पर ले जाने का लक्ष्य जहन में लेकर चल रहे हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आमजन का सहयोग भी जरूरी है। वह वीरवार सुबह शहर में चल रही सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के बाद अधिकारियों को निर्देश दे रही थीं। इससे पहले नप अध्यक्षा ने सेक्टर-3 गुरुद्वारा रोड, सरस्वती के निकट का क्षेत्र, जिंदल पार्क के पीछे मंदिर के पास सहित शहर में चारों तरफ सफाई अभियान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि थानेसर शहर प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार है। इसके बावजूद नगर परिषद का प्रयास है कि थानेसर शहर को प्रदेश का ही नहीं, उत्तर भारत के सबसे स्वच्छ शहरों की श्रेणी में लाया जाए।
क्लीन सिटी एप से मिल रही है जानकारी : उमा
नप अध्यक्ष उमा सुधा का कहना है क्लीन सिटी एप से शहर में अलग-अलग जगहों से गंदगी की जानकारी मिल रही है। इस जानकारी के आधार पर ही सफाई व्यवस्था की जा रही हैं। इस एप से शहर को स्वच्छ बनाने में काफी मदद मिल रही हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद की ओर से कोई लापरवाही नहीं रहेगी।