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हाकम सिंह छह जनवरी को दिन-रात और छुट्टियों के दिन भी देंगे धरना
Updated Tue, 02 Jan 2018 12:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
छह नवंबर से जिला सचिवालय परिसर में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे हाकम सिंह ने अपना संघर्ष और भी कड़ा कर दिया है। अपने धरने के दो माह पूरे होने पर छह जनवरी से वह दिन-रात धरना देंगे। यहीं नहीं वे छुट्टियों के दिन भी यहीं पर जमे रहेंगे। न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रखेंगे। अमर उजाला से बातचीत करते हुए हाकम सिंह ने कहा कि वह सरकार द्वारा प्रतिबंधित जमीन बेचे जाने के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर यह संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने मामले में आरोपियों पर कार्रवाई न होने तक धरना जारी रखने का एलान किया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने बहादुरपुरा सहित 44 गांवों में किसी प्रोजेक्ट के तहत सड़क किनारे की जमीन बेचने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद कुछ दिनों पहले गांव की एक महिला ने तहसीलदार के साथ मिलीभगत कर पांच कनाल से अधिक जमीन तीन महिलाओं को बेच दी। इसकी रजिस्ट्री भी करवा दी। मामला उजागर हुआ तो पुलिस ने जमीन खरीदने वाली महिलाओं के खिलाफ ही छह दिसंबर को केस दर्ज कर लिया। जबकि, जमीन बेचने वाली महिला और गड़बड़ी कर इस जमीन की रजिस्ट्री करने वाले तहसीलदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि इससे पहले मामले की जांच तत्कालीन एसडीएम ने की थी। इसमें उन्होंने तहसील कार्यालय द्वारा उस जमीन की रजिस्ट्री करने को लेकर भी संदिग्ध भूमिका बताई थी। उन्होंने बताया कि वह इन आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए है। लेकिन, अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे, इसके बावजूद वे कार्रवाई किए जाने तक धरना समाप्त नहीं करेंगे।
अमर उजाला में समाचार प्रकाशित हुआ तो पहुंचे एसएचओ
26 दिसंबर के अंक में अमर उजाला ने हाकम सिंह द्वारा दिए जा रहे धरने और मामले को उजागर करते हुए प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। उसी दिन ही एसएचओ सिटी उन्हें धरना समाप्त करने के लिए अपील करने पहुंचे। हाकम सिंह ने बताया कि वे सभी आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन नहीं दे पाए, जिसके चलते उन्होंने एसएचओ की अपील स्वीकार नहीं की। अब वे छह जनवरी से धरना लगातार जारी रखेंगे।
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कुरुक्षेत्र।
छह नवंबर से जिला सचिवालय परिसर में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे हाकम सिंह ने अपना संघर्ष और भी कड़ा कर दिया है। अपने धरने के दो माह पूरे होने पर छह जनवरी से वह दिन-रात धरना देंगे। यहीं नहीं वे छुट्टियों के दिन भी यहीं पर जमे रहेंगे। न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रखेंगे। अमर उजाला से बातचीत करते हुए हाकम सिंह ने कहा कि वह सरकार द्वारा प्रतिबंधित जमीन बेचे जाने के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर यह संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने मामले में आरोपियों पर कार्रवाई न होने तक धरना जारी रखने का एलान किया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने बहादुरपुरा सहित 44 गांवों में किसी प्रोजेक्ट के तहत सड़क किनारे की जमीन बेचने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद कुछ दिनों पहले गांव की एक महिला ने तहसीलदार के साथ मिलीभगत कर पांच कनाल से अधिक जमीन तीन महिलाओं को बेच दी। इसकी रजिस्ट्री भी करवा दी। मामला उजागर हुआ तो पुलिस ने जमीन खरीदने वाली महिलाओं के खिलाफ ही छह दिसंबर को केस दर्ज कर लिया। जबकि, जमीन बेचने वाली महिला और गड़बड़ी कर इस जमीन की रजिस्ट्री करने वाले तहसीलदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि इससे पहले मामले की जांच तत्कालीन एसडीएम ने की थी। इसमें उन्होंने तहसील कार्यालय द्वारा उस जमीन की रजिस्ट्री करने को लेकर भी संदिग्ध भूमिका बताई थी। उन्होंने बताया कि वह इन आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए है। लेकिन, अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे, इसके बावजूद वे कार्रवाई किए जाने तक धरना समाप्त नहीं करेंगे।
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अमर उजाला में समाचार प्रकाशित हुआ तो पहुंचे एसएचओ
26 दिसंबर के अंक में अमर उजाला ने हाकम सिंह द्वारा दिए जा रहे धरने और मामले को उजागर करते हुए प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। उसी दिन ही एसएचओ सिटी उन्हें धरना समाप्त करने के लिए अपील करने पहुंचे। हाकम सिंह ने बताया कि वे सभी आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन नहीं दे पाए, जिसके चलते उन्होंने एसएचओ की अपील स्वीकार नहीं की। अब वे छह जनवरी से धरना लगातार जारी रखेंगे।
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