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प्रतिबंधित जमीन बेचने के मामले में डेढ़ माह से कार्रवाई की इंतजार में धरना दे रहे हाकम सिंह
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:02 AM IST
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कड़ाके की ठंड हाकम सिंह के हौसले को नहीं कर पाई कम
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
गांव बहादुरपुरा में सरकार द्वारा प्रतिबंधित जमीन बेचे जाने के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर हाकम सिंह पिछले डेढ़ माह से अधिक से उपायुक्त कार्यालय पर धरना दे रहे है। हालांकि उन्हें आज तक किसी भी अधिकारी ने गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन कड़ाके की ठंड भी उनका हौसला कम नहीं कर पाई है। हाकम सिंह ने मामले में आरोपियों पर कार्रवाई न होने तक धरना जारी रखने का एलान किया है। उन्होंने मामले में तहसीलदार सहित गांव की एक महिला को आरोपी बताया है। धरना स्थल पर पत्रकारों को मामले की जानकारी देते हुए हाकम सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने बहादुरपुरा सहित कई गांवों में किसी प्रोजेक्ट के तहत सड़क किनारे जमीन बेचे जाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, इसके बावजूद कुछ दिनों पहले गांव की एक महिला ने तहसीलदार के साथ मिलीभगत कर पांच कनाल से अधिक जमीन तीन महिलाओं को बेच दी और इसकी रजिस्ट्री भी करवा दी। मामला उजागर हुआ तो पुलिस ने जमीन खरीदने वाली महिलाओं के खिलाफ ही 6 दिसंबर को मामला दर्ज कर लिया, जबकि जमीन बेचने वाली महिला व गड़बड़ी कर इस जमीन की रजिस्ट्री करने वाले तहसीलदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि इससे पहले मामले की जांच तत्कालीन एसडीएम ने की थी, जिसमें उन्होंने तहसील कार्यालय द्वारा उक्त जमीन की रजिस्ट्री करने को लेकर भी संदिग्ध भूमिका बताई थी। उन्होंने बताया कि वह इन आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए है, लेकिन अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे, इसके बावजूद वे कार्रवाई किए जाने तक धरना समाप्त नहीं करेंगे। वे गत 6 नवंबर से हर रोज सुबह सात बजे से लेकर सांय पांच बजे तक धरना दे रहे है और छुट्टी के दिन भी धरना जारी रखे हुए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
गांव बहादुरपुरा में सरकार द्वारा प्रतिबंधित जमीन बेचे जाने के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर हाकम सिंह पिछले डेढ़ माह से अधिक से उपायुक्त कार्यालय पर धरना दे रहे है। हालांकि उन्हें आज तक किसी भी अधिकारी ने गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन कड़ाके की ठंड भी उनका हौसला कम नहीं कर पाई है। हाकम सिंह ने मामले में आरोपियों पर कार्रवाई न होने तक धरना जारी रखने का एलान किया है। उन्होंने मामले में तहसीलदार सहित गांव की एक महिला को आरोपी बताया है। धरना स्थल पर पत्रकारों को मामले की जानकारी देते हुए हाकम सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने बहादुरपुरा सहित कई गांवों में किसी प्रोजेक्ट के तहत सड़क किनारे जमीन बेचे जाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, इसके बावजूद कुछ दिनों पहले गांव की एक महिला ने तहसीलदार के साथ मिलीभगत कर पांच कनाल से अधिक जमीन तीन महिलाओं को बेच दी और इसकी रजिस्ट्री भी करवा दी। मामला उजागर हुआ तो पुलिस ने जमीन खरीदने वाली महिलाओं के खिलाफ ही 6 दिसंबर को मामला दर्ज कर लिया, जबकि जमीन बेचने वाली महिला व गड़बड़ी कर इस जमीन की रजिस्ट्री करने वाले तहसीलदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि इससे पहले मामले की जांच तत्कालीन एसडीएम ने की थी, जिसमें उन्होंने तहसील कार्यालय द्वारा उक्त जमीन की रजिस्ट्री करने को लेकर भी संदिग्ध भूमिका बताई थी। उन्होंने बताया कि वह इन आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए है, लेकिन अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे, इसके बावजूद वे कार्रवाई किए जाने तक धरना समाप्त नहीं करेंगे। वे गत 6 नवंबर से हर रोज सुबह सात बजे से लेकर सांय पांच बजे तक धरना दे रहे है और छुट्टी के दिन भी धरना जारी रखे हुए हैं।