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संविधान और कानून के खिलाफ है दादूपुर नहर को डी-नोटिफाई करने का निर्णय
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:22 AM IST
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संविधान और कानून के खिलाफ है दादूपुर नहर को डी-नोटिफाई करने का निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
शाहाबाद के मार्केट कार्यालय में पूर्व विधायक अनिल धंतौड़ी के नेतृत्व में दादूपुर नलवी नहर के निर्माण की मांग को लेकर शुरू किए गए क्रमिक अनशन को किसानों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इसके चलते प्रतिदिन किसान इस संघर्ष में जुड़ते जा रहे हैं। भाकियू और भाकपा पहले से ही इस लड़ाई में डट कर सहयोग करने का ऐलान कर चुके हैं।
33वें दिन के क्रमिक अनशन की शुरुआत किसान नेता प्रदीप शर्मा और भरत सिंह बीबीपुर ने की। देवेंद्र शर्मा खेड़ा, बलवान सिंह, गुरनाम सिंह, सुमित कुमार, गरीब दास, गुरुदेव सिंह, बलवान कतलाहरी, ऋषिपाल, निरंजन सिंह, सुखविंद्र, राजेंद्र सिंह धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों को संबोधन करते प्रदीप शर्मा ने कहा कि दादूपुर नहर को डी-नोटिफाई किए जाने का निर्णय संविधान और कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वकील की तरह किसानों की लड़ाई लड़ेगी। भरत बीबपुर ने कहा कि खट्टर सरकार को कोई हक नहीं कि वह दादूपुर नहर को बंद कर दे। कांग्रेस वर्करों ने कहा कि भाजपा सरकार ने इस निर्णय को तुरंत प्रभाव से वापस नहीं लिया तो यह आंदोलन कोई भी रूप धारण कर सकता है। इस अवसर पर सुरेंद्र कश्यप, चंदा खेड़ा, ओमप्रकाश, नीतिश कुमार अधिवक्ता, गुलजार सिंह, संजोत सिंह, कर्म सिंह दाऊमाजरा, सतविंद्र सिंह बिट्टू हबाना, रवि शर्मा मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
शाहाबाद के मार्केट कार्यालय में पूर्व विधायक अनिल धंतौड़ी के नेतृत्व में दादूपुर नलवी नहर के निर्माण की मांग को लेकर शुरू किए गए क्रमिक अनशन को किसानों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। इसके चलते प्रतिदिन किसान इस संघर्ष में जुड़ते जा रहे हैं। भाकियू और भाकपा पहले से ही इस लड़ाई में डट कर सहयोग करने का ऐलान कर चुके हैं।
33वें दिन के क्रमिक अनशन की शुरुआत किसान नेता प्रदीप शर्मा और भरत सिंह बीबीपुर ने की। देवेंद्र शर्मा खेड़ा, बलवान सिंह, गुरनाम सिंह, सुमित कुमार, गरीब दास, गुरुदेव सिंह, बलवान कतलाहरी, ऋषिपाल, निरंजन सिंह, सुखविंद्र, राजेंद्र सिंह धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों को संबोधन करते प्रदीप शर्मा ने कहा कि दादूपुर नहर को डी-नोटिफाई किए जाने का निर्णय संविधान और कानून के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वकील की तरह किसानों की लड़ाई लड़ेगी। भरत बीबपुर ने कहा कि खट्टर सरकार को कोई हक नहीं कि वह दादूपुर नहर को बंद कर दे। कांग्रेस वर्करों ने कहा कि भाजपा सरकार ने इस निर्णय को तुरंत प्रभाव से वापस नहीं लिया तो यह आंदोलन कोई भी रूप धारण कर सकता है। इस अवसर पर सुरेंद्र कश्यप, चंदा खेड़ा, ओमप्रकाश, नीतिश कुमार अधिवक्ता, गुलजार सिंह, संजोत सिंह, कर्म सिंह दाऊमाजरा, सतविंद्र सिंह बिट्टू हबाना, रवि शर्मा मौजूद रहे।
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