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घर में घुसकर मारपीट करने और मारने की धमकी देने के दोषी को तीन साल की सजा
Updated Fri, 21 Sep 2018 12:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। अदालत ने घर में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में शशिपाल वासी गुलडेहरा को तीन साल कैद की सजा सुनाई है। उप न्यायवादी मेनपाल ने बताया कि थाना पिहोवा में 20 सितंबर 2012 को अनिल वासी गुलडेहरा ने शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि 19 सितंबर 2012 को वह और उसकी मां रात के समय कमरे में सो रहे थे। तभी शशिपाल हाथ में मीट काटने वाला छुरा और मोनू डंडा लेकर दीवार फांद घर में दाखिल हो गए। शशिपाल ने एक मामले में उनके खिलाफ कोर्ट में गवाही देने पर मजा चखाने संबंधी आवाज लगाई। कहा कि इतना कह उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। बचाव के लिए शोर मचाने पर पड़ोसी मौके पर आ गए, जिनको देख शशिपाल, मोनू भाग गए और जाते हुए धमकी दी कि वह उन्हें जान से मार देंगे। इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुरुक्षेत्र राकेश सिंह की अदालत ने नियमित सुनवाई करके शशिपाल को दोषी ठहराया और धारा-324 के तहत 2 साल की सजा, 1000 रुपए जुर्माना लगाया। न भरने पर एक माह की अतिरिक्त सजा, धारा-452 के तहत 2 साल की सजा, 1000 रुपये जुर्माना, धारा-307 के तहत 3 साल की सजा और 2000 रुपये जुर्माना लगाया। साथ ही जुर्माना न भरने की सूरत में 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इसके अलावा धारा-506 के तहत एक साल की सजा, 1000 रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए।
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कुरुक्षेत्र। अदालत ने घर में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में शशिपाल वासी गुलडेहरा को तीन साल कैद की सजा सुनाई है। उप न्यायवादी मेनपाल ने बताया कि थाना पिहोवा में 20 सितंबर 2012 को अनिल वासी गुलडेहरा ने शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि 19 सितंबर 2012 को वह और उसकी मां रात के समय कमरे में सो रहे थे। तभी शशिपाल हाथ में मीट काटने वाला छुरा और मोनू डंडा लेकर दीवार फांद घर में दाखिल हो गए। शशिपाल ने एक मामले में उनके खिलाफ कोर्ट में गवाही देने पर मजा चखाने संबंधी आवाज लगाई। कहा कि इतना कह उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। बचाव के लिए शोर मचाने पर पड़ोसी मौके पर आ गए, जिनको देख शशिपाल, मोनू भाग गए और जाते हुए धमकी दी कि वह उन्हें जान से मार देंगे। इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुरुक्षेत्र राकेश सिंह की अदालत ने नियमित सुनवाई करके शशिपाल को दोषी ठहराया और धारा-324 के तहत 2 साल की सजा, 1000 रुपए जुर्माना लगाया। न भरने पर एक माह की अतिरिक्त सजा, धारा-452 के तहत 2 साल की सजा, 1000 रुपये जुर्माना, धारा-307 के तहत 3 साल की सजा और 2000 रुपये जुर्माना लगाया। साथ ही जुर्माना न भरने की सूरत में 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इसके अलावा धारा-506 के तहत एक साल की सजा, 1000 रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए।