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पिपली गीता द्वार से केयू थर्ड गेट तक सिक्स लेन रोड प्रोजेक्ट
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:52 PM IST
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कुरुक्षेत्र। पिपली गीता द्वार से लेकर केयू थर्ड गेट तक सिक्स लेन रोड बनाने के लिए नौ दिनों तक करीब 300 पेड़ों की कटाई के बाद दो-दो सरकारी विभागों की नींद खुली है। अब इन विभागों के अधिकारी न केवल पेड़ बचाने के लिए मंथन करने में जुट गए हैं बल्कि पेड़ कटाई कार्य पर भी अचानक ब्रेक लगा दिया गया है। सामाजिक संस्थाओं से लेकर आम लोगों द्वारा भी पेड़ों की कटाई पर आपत्ति जताने के बाद जहां यह मामला सीएम दरबार तक पहुंच चुका है तो वहीं पीडब्ल्यूडी व वन विभाग के उच्च स्तर के अधिकारियों की भी बैठक का दौर शुरू हो गया है। यहां तक कि अब सिक्स लेन रोड प्रोजेक्ट में भी पेड़ बचाने के लिए कुछ बदलाव किए जाने पर विचार किया जा रहा है। पेड़ कटाई कार्य में बाधा पड़ने पर सिक्स लेन रोड प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो पाएगा, इस पर भी अभी से संशय बनने लगा है।
बता दें कि पिपली गीता द्वार से लेकर केयू थर्ड गेट तक सिक्स लेन रोड बनाया जाना प्रस्तावित है, इसके आड़े आ रहे 1601 पेड़ों को काटा जाना भी तय किया गया और गत 18 जून को पिपली से पेड़ कटाई का कार्य शुरू किया गया। 26 जून तक 1200 मीटर के दौरान करीब 300 पेड़ काटे गए तो सामाजिक संस्थाओं व आम लोगों ने भी आपत्ति जताई, जिसके बाद अगले दिन से पेड़ कटाई कार्य रोक दिया गया। इसके बाद वन विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की बैठके हुई तो पेड़ बचाने पर भी विचार किया गया। यहीं नहीं मामला उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचा और वहां भी बैठकों का दौर शुरू हुआ। इसी सिलसिले में पीडब्ल्यूडी विभाग के चीफ इंजीनियर के साथ स्थानीय अधिकारियों की बैठक हुई। इस मामले में जब एक्सईएन पीडब्ल्यूडी जेपी कंबोज से बात कि गई तो उन्होंने ने बताया कि फिलहाल प्रोजेक्ट में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। पर्यावरण से जूड़ी हुई संस्थाओं से सुझाव मांगें जा रहे हैं अगर, कोई अच्छा सुझाव मिलता है तो उसको अमल में लाया जाएगा।
40 करोड़ रुपये की लागत से होना है सिक्स लेन रोड का निर्माण
पिपली गीता द्वार से केयू थर्ड गेट तक करीब 40 करोड़ रुपये से सिक्स लेन रोड बनाया जाना है। इसमें से पीडब्ल्यूडी विभाग ने पेड़ कटाई कार्य के लिए वन विभाग को 1,36,88,152 रुपये दिए है तो वहीं बिजली कार्य पर भी करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए जाने है।
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10 हजार 945 पेड़ लगाए जाएंगे
वन विभाग 1601 पेड़ काटे जाने की एवज में 9700 पेड़ लगाएगा तो वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग की होर्टिकल्चर शाखा 1245 पेड़ लगाएगी। यहीं नहीं उक्त सिक्स लेन रोड के बीचोंबीच 7480 फूल युक्त झाड़ियां भी लगाई जाएंगी।
15 जुलाई तक की जानी है पेड़ों की कटाई
सिक्स लेन रोड प्रोजेक्ट को लेकर पिपली गीता द्वार से केयू थर्ड गेट तक 1601 पेड़ों की कटाई 15 जुलाई तक किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अब कटाई कार्य बंद होने के बाद यह कार्य कब तक पूरा हो पाएगा, किसी अधिकारी के पास जवाब नहीं है।
सामाजिक संस्था हम फाउंडेशन ने दी सीएम विंडो पर शिकायत
सामाजिक संस्था हम फाउंडेशन की ओर से पेड़ काटे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई गई और सीएम विंडो पर भी शिकायत दी गई। संस्था ने पेड़ बचाने का विकल्प खोजे जाने व काटे जाने वाले पेड़ों के बदले पेड़ लगाए जाने की मांग की, ताकि पर्यावरण बना रहे। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए तो पेड़ कटाई कार्य रोका गया। संस्था की ओर से रविवार को काटे गए पेड़ों को श्रद्धांजलि भी दी गई।
एससी और एनजीटी दे चुके हैं कड़े निर्देश
पर्यावरण संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल की ओर से भी अनेकों बार कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं। इसी के चलते फसल अवशेष जलाने पर भी प्रतिबंद लगाया गया तो अनेकों किसानों के खिलाफ फसल अवशेष जलाने पर मामले भी दर्ज कराए गए, लेकिन पेड़ बचाने को लेकर जिला प्रशासन गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है। शायद यही कारण है कि महज 9 दिन में ही करीब 300 पेड़ काटे जाने के बाद अधिकारियों की नींद खुली है।
पेड़ बचाने का किया जा रहा प्रयास : वीरेंद्र गिल
जिला वन अधिकारी वीरेंद्र गिल का कहना है कि सिक्स लेन प्रोजेक्ट के लिए 1601 पेड़ काटे जाने हैं, लेकिन अब प्रयास किया जा रहा है कि इनमें से कम से कम कुछ पेड़ तो बचाए जा सके। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के साथ भी बैठक की जा चुकी है।
प्रोजेक्ट में कुछ फेरबदल में किया जाएगा विचार : मामचंद
पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ मामचंद का कहना है कि मामला विभाग में उच्च स्तर पर पहुंच चुका है और इसी सिलसिले में ही सोमवार को चीफ इंजीनियर की ओर से बैठक बुलाई गई। प्रयास किया जा रहा है कि कुछ तो पेड़ कटने से बचाए जाए। इसके लिए प्रोजेक्ट में कुछ फेरबदल को लेकर भी उच्च स्तर पर ही विचार किया जाएगा।
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बता दें कि पिपली गीता द्वार से लेकर केयू थर्ड गेट तक सिक्स लेन रोड बनाया जाना प्रस्तावित है, इसके आड़े आ रहे 1601 पेड़ों को काटा जाना भी तय किया गया और गत 18 जून को पिपली से पेड़ कटाई का कार्य शुरू किया गया। 26 जून तक 1200 मीटर के दौरान करीब 300 पेड़ काटे गए तो सामाजिक संस्थाओं व आम लोगों ने भी आपत्ति जताई, जिसके बाद अगले दिन से पेड़ कटाई कार्य रोक दिया गया। इसके बाद वन विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की बैठके हुई तो पेड़ बचाने पर भी विचार किया गया। यहीं नहीं मामला उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचा और वहां भी बैठकों का दौर शुरू हुआ। इसी सिलसिले में पीडब्ल्यूडी विभाग के चीफ इंजीनियर के साथ स्थानीय अधिकारियों की बैठक हुई। इस मामले में जब एक्सईएन पीडब्ल्यूडी जेपी कंबोज से बात कि गई तो उन्होंने ने बताया कि फिलहाल प्रोजेक्ट में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। पर्यावरण से जूड़ी हुई संस्थाओं से सुझाव मांगें जा रहे हैं अगर, कोई अच्छा सुझाव मिलता है तो उसको अमल में लाया जाएगा।
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40 करोड़ रुपये की लागत से होना है सिक्स लेन रोड का निर्माण
पिपली गीता द्वार से केयू थर्ड गेट तक करीब 40 करोड़ रुपये से सिक्स लेन रोड बनाया जाना है। इसमें से पीडब्ल्यूडी विभाग ने पेड़ कटाई कार्य के लिए वन विभाग को 1,36,88,152 रुपये दिए है तो वहीं बिजली कार्य पर भी करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए जाने है।
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10 हजार 945 पेड़ लगाए जाएंगे
वन विभाग 1601 पेड़ काटे जाने की एवज में 9700 पेड़ लगाएगा तो वहीं पीडब्ल्यूडी विभाग की होर्टिकल्चर शाखा 1245 पेड़ लगाएगी। यहीं नहीं उक्त सिक्स लेन रोड के बीचोंबीच 7480 फूल युक्त झाड़ियां भी लगाई जाएंगी।
15 जुलाई तक की जानी है पेड़ों की कटाई
सिक्स लेन रोड प्रोजेक्ट को लेकर पिपली गीता द्वार से केयू थर्ड गेट तक 1601 पेड़ों की कटाई 15 जुलाई तक किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अब कटाई कार्य बंद होने के बाद यह कार्य कब तक पूरा हो पाएगा, किसी अधिकारी के पास जवाब नहीं है।
सामाजिक संस्था हम फाउंडेशन ने दी सीएम विंडो पर शिकायत
सामाजिक संस्था हम फाउंडेशन की ओर से पेड़ काटे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई गई और सीएम विंडो पर भी शिकायत दी गई। संस्था ने पेड़ बचाने का विकल्प खोजे जाने व काटे जाने वाले पेड़ों के बदले पेड़ लगाए जाने की मांग की, ताकि पर्यावरण बना रहे। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए तो पेड़ कटाई कार्य रोका गया। संस्था की ओर से रविवार को काटे गए पेड़ों को श्रद्धांजलि भी दी गई।
एससी और एनजीटी दे चुके हैं कड़े निर्देश
पर्यावरण संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल की ओर से भी अनेकों बार कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं। इसी के चलते फसल अवशेष जलाने पर भी प्रतिबंद लगाया गया तो अनेकों किसानों के खिलाफ फसल अवशेष जलाने पर मामले भी दर्ज कराए गए, लेकिन पेड़ बचाने को लेकर जिला प्रशासन गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है। शायद यही कारण है कि महज 9 दिन में ही करीब 300 पेड़ काटे जाने के बाद अधिकारियों की नींद खुली है।
पेड़ बचाने का किया जा रहा प्रयास : वीरेंद्र गिल
जिला वन अधिकारी वीरेंद्र गिल का कहना है कि सिक्स लेन प्रोजेक्ट के लिए 1601 पेड़ काटे जाने हैं, लेकिन अब प्रयास किया जा रहा है कि इनमें से कम से कम कुछ पेड़ तो बचाए जा सके। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग के साथ भी बैठक की जा चुकी है।
प्रोजेक्ट में कुछ फेरबदल में किया जाएगा विचार : मामचंद
पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ मामचंद का कहना है कि मामला विभाग में उच्च स्तर पर पहुंच चुका है और इसी सिलसिले में ही सोमवार को चीफ इंजीनियर की ओर से बैठक बुलाई गई। प्रयास किया जा रहा है कि कुछ तो पेड़ कटने से बचाए जाए। इसके लिए प्रोजेक्ट में कुछ फेरबदल को लेकर भी उच्च स्तर पर ही विचार किया जाएगा।