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भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डीडी के खिलाफ 34 पार्षद लामबद्ध
Updated Wed, 02 May 2018 12:28 AM IST
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पार्षद अपना कर्त्तव्य भूलकर गर्म कर रहे हैं जेबें : डीडी
सात दिन में माफी मांगे वरना वार्ड में नहीं घुसने देंगे : पार्षद
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जय भगवान डीडी द्वारा 60 से 70 प्रतिशत पार्षदों पर अपने कर्त्तव्य का पालन न करने और जेब गरम करने का आरोप लगाया है। डीडी के बयान पर पार्षदों में उबाल पाया जा रहा है। उनके बयान का विरोध करते हुए पार्षदों ने कहा है कि अगर सात दिन के भीतर जय भगवान ने अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो थानेसर नगर परिषद के 34 पार्षद संयुक्त रूप से उनके खिलाफ मानहानि का दावा करेंगे।
थानेसर नगर परिषद के कांफ्रेंस हॉल में लामबद्ध हुए थानेसर नगर परिषद के 31 वार्डों से चयनित पार्षदों के अलावा हरियाणा सरकार द्वारा मनोनित तीन पार्षदों ने इसी के साथ यह भी ऐलान किया है कि वे आने वाले दिनों में डीडी की कोई भी बैठक अपने वार्ड में नहीं होने देंगे। अगर उन्होंने वार्डों में जनसभा की तो वे इसका डटकर विरोध करेंगे। दूसरी तरफ डीडी अभी भी अपने बयान पर कायम हैं। उनका कहना है कि थानेसर नगर परिषद के 60 से 70 प्रतिशत पार्षद ऐसे हैं, जो अपने कर्त्तव्य का पालन नहीं करते और अपनी जेबें गरम करने में लगे हैं। इनमें कई पार्षद तो बकायदा नगर परिषद के ठेकेदार बन चुके हैं। डीडी ने कहा कि इसका पूरा कच्चा चिट्ठा उनके पास आ चुका है, जोकि आने वाले अगले दिनों में वह जनता के सामने रखेंगे।
दरअसल रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जयभगवान शर्मा डीडी ने पार्षदों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिसके खिलाफ मंगलवार को थानेसर नगर परिषद में लगभग सभी पार्षद लामबद्ध हो गए। नगर परिषद के कांफ्रेंस हॉल में गुस्साए पार्षदों ने डीडी के विवादित बयान का कड़े शब्दों में विरोध किया। इसी के साथ चुनौती भी दी कि बयान पर माफी मांगे बगैर अगर डीडी उनके वार्डों में घुसे तो उन्हें अपमान का सामना करना पड़ेगा। गुस्साए पार्षदों ने डीडी से सवाल किया कि पार्षदों को भक्षक और भ्रष्टाचारी बताने वाले जय भगवान सबसे पहले यह बताएं कि खेड़ी मारकंडा गांव में चक्की चलाते-चलाते वे अरबपति कैसे बन गए?
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बता दें कि डीडी 2014 में पिहोवा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं और 2019 में वह थानेसर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए पिछले दो माह से गांव और शहरी क्षेत्र के वार्डों में सिलसिलेवार जनसभाएं कर रहे हैं। ऐसी ही एक जनसभा में डीडी ने पार्षदों पर तीखी प्रतिक्रिया रविवार को दो थी, जिसके कारण पार्षद और डीडी आमने-सामने हैं।
डीडी बताएं कि इस समय वे किस दल में हैं: इनेलो नेता
इनेलो नेता एवं तीन बार पार्षद चुने जा चुके नरेंद्र शर्मा निंदी, पार्षद संदीप कोहली, राधेश्याम वधवा, सुदेश चौधरी, नितिन भारद्वाजस संदीप टेका, विवेक मेहता विक्की ने कहा कि सबसे पहले डीडी यह बताएं कि वह किस दल से हैं? निंदी ने कहा कि डीडी पहले इनेलो में थे। उसके बाद कांग्रेस में गए और 2014 में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा। अब वे कई बार भाजपा के खिलाफ भी विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं। जनता और पार्षद भी यह जानना चाहते हैं कि वह किस पार्टी के हैं। क्योंकि थानेसर में उनकी तमाम जनसभाओं में पार्टी का झंडा और सिंबल दोनों गायब दिखते हैं। वैसे वह कई बार भाजपा पर धोखा देकर पिहोवा की टिकट देने का भी आरोप लगा चुके हैं।
बजट नहीं फिर भी पार्षद ठेकेदारों को कैसे दे रहे एनओसी: डीडी
डीडी ने कहा कि 20 वर्षों से विधायक सुभाष सुधा और उनकी पत्नी उमा सुधा थानेसर नगर परिषद पर काबिज हैं। सबसे पहले 1995 से वर्ष 2000 तक सुभाष सुधा थानेसर नगर परिषद के चेयरमैन रहे। उसके बाद 2005 से लगातार उनकी पत्नी उमा सुधा नप की अध्यक्ष हैं। न तो सड़कों से अतिक्रमण हटा और न ही गंदगी। सफाई, बिजली और सड़कों सहित अन्य विकास कार्यों में 60 से 70 प्रतिशत पार्षदों के साथ मिलीभगत से जनता के हितों को दरकिनार किया जा रहा है। बनी हुई सड़कों को उखाड़ कर उन्हें 3-3 माह यहां तक की कई जगहों पर साल तक अधर में छोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि भले पार्षदों के पास कोई बजट नहीं है, लेकिन इन हालात में भी ये पार्षद ठेकेदारों को एनओसी कैसे और क्यों देते हैं। यह किसी से छुपा नहीं। वार्ड की जनता पार्षद इसलिए चुनती है कि वे उनके हितों की रक्षा करेंगे, लेकिन कई पार्षद निजी स्वार्थ में अपने वार्ड के रक्षक की जगह भक्षक बन जाते हैं।
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सात दिन में माफी मांगे वरना वार्ड में नहीं घुसने देंगे : पार्षद
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जय भगवान डीडी द्वारा 60 से 70 प्रतिशत पार्षदों पर अपने कर्त्तव्य का पालन न करने और जेब गरम करने का आरोप लगाया है। डीडी के बयान पर पार्षदों में उबाल पाया जा रहा है। उनके बयान का विरोध करते हुए पार्षदों ने कहा है कि अगर सात दिन के भीतर जय भगवान ने अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो थानेसर नगर परिषद के 34 पार्षद संयुक्त रूप से उनके खिलाफ मानहानि का दावा करेंगे।
थानेसर नगर परिषद के कांफ्रेंस हॉल में लामबद्ध हुए थानेसर नगर परिषद के 31 वार्डों से चयनित पार्षदों के अलावा हरियाणा सरकार द्वारा मनोनित तीन पार्षदों ने इसी के साथ यह भी ऐलान किया है कि वे आने वाले दिनों में डीडी की कोई भी बैठक अपने वार्ड में नहीं होने देंगे। अगर उन्होंने वार्डों में जनसभा की तो वे इसका डटकर विरोध करेंगे। दूसरी तरफ डीडी अभी भी अपने बयान पर कायम हैं। उनका कहना है कि थानेसर नगर परिषद के 60 से 70 प्रतिशत पार्षद ऐसे हैं, जो अपने कर्त्तव्य का पालन नहीं करते और अपनी जेबें गरम करने में लगे हैं। इनमें कई पार्षद तो बकायदा नगर परिषद के ठेकेदार बन चुके हैं। डीडी ने कहा कि इसका पूरा कच्चा चिट्ठा उनके पास आ चुका है, जोकि आने वाले अगले दिनों में वह जनता के सामने रखेंगे।
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दरअसल रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जयभगवान शर्मा डीडी ने पार्षदों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिसके खिलाफ मंगलवार को थानेसर नगर परिषद में लगभग सभी पार्षद लामबद्ध हो गए। नगर परिषद के कांफ्रेंस हॉल में गुस्साए पार्षदों ने डीडी के विवादित बयान का कड़े शब्दों में विरोध किया। इसी के साथ चुनौती भी दी कि बयान पर माफी मांगे बगैर अगर डीडी उनके वार्डों में घुसे तो उन्हें अपमान का सामना करना पड़ेगा। गुस्साए पार्षदों ने डीडी से सवाल किया कि पार्षदों को भक्षक और भ्रष्टाचारी बताने वाले जय भगवान सबसे पहले यह बताएं कि खेड़ी मारकंडा गांव में चक्की चलाते-चलाते वे अरबपति कैसे बन गए?
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बता दें कि डीडी 2014 में पिहोवा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं और 2019 में वह थानेसर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए पिछले दो माह से गांव और शहरी क्षेत्र के वार्डों में सिलसिलेवार जनसभाएं कर रहे हैं। ऐसी ही एक जनसभा में डीडी ने पार्षदों पर तीखी प्रतिक्रिया रविवार को दो थी, जिसके कारण पार्षद और डीडी आमने-सामने हैं।
डीडी बताएं कि इस समय वे किस दल में हैं: इनेलो नेता
इनेलो नेता एवं तीन बार पार्षद चुने जा चुके नरेंद्र शर्मा निंदी, पार्षद संदीप कोहली, राधेश्याम वधवा, सुदेश चौधरी, नितिन भारद्वाजस संदीप टेका, विवेक मेहता विक्की ने कहा कि सबसे पहले डीडी यह बताएं कि वह किस दल से हैं? निंदी ने कहा कि डीडी पहले इनेलो में थे। उसके बाद कांग्रेस में गए और 2014 में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा। अब वे कई बार भाजपा के खिलाफ भी विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं। जनता और पार्षद भी यह जानना चाहते हैं कि वह किस पार्टी के हैं। क्योंकि थानेसर में उनकी तमाम जनसभाओं में पार्टी का झंडा और सिंबल दोनों गायब दिखते हैं। वैसे वह कई बार भाजपा पर धोखा देकर पिहोवा की टिकट देने का भी आरोप लगा चुके हैं।
बजट नहीं फिर भी पार्षद ठेकेदारों को कैसे दे रहे एनओसी: डीडी
डीडी ने कहा कि 20 वर्षों से विधायक सुभाष सुधा और उनकी पत्नी उमा सुधा थानेसर नगर परिषद पर काबिज हैं। सबसे पहले 1995 से वर्ष 2000 तक सुभाष सुधा थानेसर नगर परिषद के चेयरमैन रहे। उसके बाद 2005 से लगातार उनकी पत्नी उमा सुधा नप की अध्यक्ष हैं। न तो सड़कों से अतिक्रमण हटा और न ही गंदगी। सफाई, बिजली और सड़कों सहित अन्य विकास कार्यों में 60 से 70 प्रतिशत पार्षदों के साथ मिलीभगत से जनता के हितों को दरकिनार किया जा रहा है। बनी हुई सड़कों को उखाड़ कर उन्हें 3-3 माह यहां तक की कई जगहों पर साल तक अधर में छोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि भले पार्षदों के पास कोई बजट नहीं है, लेकिन इन हालात में भी ये पार्षद ठेकेदारों को एनओसी कैसे और क्यों देते हैं। यह किसी से छुपा नहीं। वार्ड की जनता पार्षद इसलिए चुनती है कि वे उनके हितों की रक्षा करेंगे, लेकिन कई पार्षद निजी स्वार्थ में अपने वार्ड के रक्षक की जगह भक्षक बन जाते हैं।