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अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर जनसंघर्ष मंच ने मांगो को लेकर निकाला रोष प्रदर्शन
Updated Wed, 02 May 2018 12:25 AM IST
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अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर जनसंघर्ष मंच ने निकाला रोष मार्च
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र ।
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर कुरुक्षेत्र में नए बस अड्डे के नजदीक पार्क में जन संघर्ष मंच हरियाणा, निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन, मनरेगा मजदूर यूनियन के बैनर तले जनसभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता मंच की महासचिव सुदेश कुमारी ने की। मंच संचालन निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन के प्रधान कामरेड करनैल सिंह ने किया। कामरेड करनैल सिंह ने कहा कि मई दिवस मजदूर वर्ग के लंबे संघर्षों का प्रतीक है। अथाह संघर्षों व कुर्बानियों के जरिए ही मजदूरों ने 8 घंटे के कार्य दिवस का अधिकार प्राप्त किया था। आज पूंजीपतियों के हितों में श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव किया जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री अपने आपको मजदूर हितैषी, मजदूर नंबर वन घोषित करते हैं, लेकिन मोदी सरकार मजदूर अधिकारों पर लगातार हमला कर रही है।
जन संघर्ष मंच हरियाणा के जिला प्रधान संसार चंद्र ने कहा कि ठेका प्रथा, निजीकरण के जरिए मजदूरों का शोषण, उत्पीड़न जारी है। जन संघर्ष मंच हरियाणा की महासचिव सुदेश कुमारी ने कहा कि आज मजदूर वर्ग की दशा अत्यंत दयनीय है। मजदूर दाने-दाने को मोहताज हैं। न तो शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार का कोई प्रबंध है और न ही काम करने की जगह पर मजदूरों की जानें सुरक्षित हैं। कारखानों के मालिक, सरकार व श्रम विभाग के गठजोड़ के चलते सरेआम श्रम कानूनों व सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया जाता है, जिसका खामियाजा मजदूरों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। बवाना, लुधियाना, सुल्तानपुरी आदि में फैक्ट्रियों में आग लगने से मजदूरों का जिंदा जलकर मर जाना हाल की घटनाएं हैं। बार-बार आंदोलन के बावजूद हरियाणा में आंगनबाड़ी, मिड-डे मील वर्कर्स, आशा वर्कर जैसी स्कीमों में काम करने वाली लाखों महिलाओं को न तो सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा है, न ही सरकारी कर्मचारी के बराबर वेतन। दलितों-महिलाओं पर हमले जारी हैं। महिलाओं-बच्चियों की सुरक्षा में नाकाम भाजपा सरकार का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का ढोंग जारी है।
उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग की मुक्ति शहीद भगत सिंह के इंकलाब के रास्ते संघर्ष द्वारा ही संभव है। मजदूरों को इस दिशा में अपने संघर्षों को तेज करना होगा। यही मई दिवस का संदेश है। जनसभा को मंच की नेता उषा कुमारी, चंद्र रेखा, छात्र संगठन एसओएसडी संयोजिका कविता विद्रोही, रामचंद्र आदि ने भी संबोधित किया। जनसभा के बाद शहर में प्रदर्शन किया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र ।
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर कुरुक्षेत्र में नए बस अड्डे के नजदीक पार्क में जन संघर्ष मंच हरियाणा, निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन, मनरेगा मजदूर यूनियन के बैनर तले जनसभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता मंच की महासचिव सुदेश कुमारी ने की। मंच संचालन निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन के प्रधान कामरेड करनैल सिंह ने किया। कामरेड करनैल सिंह ने कहा कि मई दिवस मजदूर वर्ग के लंबे संघर्षों का प्रतीक है। अथाह संघर्षों व कुर्बानियों के जरिए ही मजदूरों ने 8 घंटे के कार्य दिवस का अधिकार प्राप्त किया था। आज पूंजीपतियों के हितों में श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव किया जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री अपने आपको मजदूर हितैषी, मजदूर नंबर वन घोषित करते हैं, लेकिन मोदी सरकार मजदूर अधिकारों पर लगातार हमला कर रही है।
जन संघर्ष मंच हरियाणा के जिला प्रधान संसार चंद्र ने कहा कि ठेका प्रथा, निजीकरण के जरिए मजदूरों का शोषण, उत्पीड़न जारी है। जन संघर्ष मंच हरियाणा की महासचिव सुदेश कुमारी ने कहा कि आज मजदूर वर्ग की दशा अत्यंत दयनीय है। मजदूर दाने-दाने को मोहताज हैं। न तो शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार का कोई प्रबंध है और न ही काम करने की जगह पर मजदूरों की जानें सुरक्षित हैं। कारखानों के मालिक, सरकार व श्रम विभाग के गठजोड़ के चलते सरेआम श्रम कानूनों व सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया जाता है, जिसका खामियाजा मजदूरों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। बवाना, लुधियाना, सुल्तानपुरी आदि में फैक्ट्रियों में आग लगने से मजदूरों का जिंदा जलकर मर जाना हाल की घटनाएं हैं। बार-बार आंदोलन के बावजूद हरियाणा में आंगनबाड़ी, मिड-डे मील वर्कर्स, आशा वर्कर जैसी स्कीमों में काम करने वाली लाखों महिलाओं को न तो सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा है, न ही सरकारी कर्मचारी के बराबर वेतन। दलितों-महिलाओं पर हमले जारी हैं। महिलाओं-बच्चियों की सुरक्षा में नाकाम भाजपा सरकार का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का ढोंग जारी है।
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उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग की मुक्ति शहीद भगत सिंह के इंकलाब के रास्ते संघर्ष द्वारा ही संभव है। मजदूरों को इस दिशा में अपने संघर्षों को तेज करना होगा। यही मई दिवस का संदेश है। जनसभा को मंच की नेता उषा कुमारी, चंद्र रेखा, छात्र संगठन एसओएसडी संयोजिका कविता विद्रोही, रामचंद्र आदि ने भी संबोधित किया। जनसभा के बाद शहर में प्रदर्शन किया गया।
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