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पिपली को नगर परिषद में शामिल करने का मामला
Updated Mon, 16 Apr 2018 12:20 AM IST
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दो बार आश्वासन के बाद नहीं हो पाई पहल तो फिर लगाई सीएम से गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
पिपली । पिपली को नगर परिषद थानेसर में शामिल किए जाने की ग्रामीणों की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। स्थानीय विधायक से लेकर दो बार मुख्यमंत्री से भी लोग इसके लिए गुहार लगा चुके हैं। सीएम ने भी इस मांग को जायज करार देते हुए आश्वासन दिया, लेकिन आज तक इसमें कोई पहल नहीं हो पाई। शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल डॉ. बीआर आंबेडकर जयंती समारोह में शामिल होने पहुंचे तो पिपली वासियों ने उन्हें फिर से पिपली सोशल वेलफेयर सोसायटी की ओर ज्ञापन सौंपा और पिपली गांव को नगर परिषद में शामिल करने की फरियाद की। इस बार भी मुख्यमंत्री ने मांग को जायज ठहराया और फिर से उन्हें आश्वासन दिया कि यह कार्य जल्द किया जाएगा। पिपली सोशल वेलफेयर सोसायटी के प्रधान प्रवीण शर्मा ने बताया कि पिपली गांव की आबादी करीब 30,000 के पास पहुंच गई हैं, लेकिन पिपली गांव में दिन-प्रति दिन समस्याओं के अंबार लगते जा रहे हैं। पंचायत के पास आमदनी न होने के कारण पंचायत इन समस्याओं को दूर करने लाचार नजर आ रही है। शहर से सटा होने के बावजूद गांव में सीवरेज की व्यवस्था न होना, सफाई समय पर न होने, गलियों में लगे गंदगी के ढेर, टॉयलेट के गड्ढों से आने वाला दूषित पानी ग्रामीणों के लिए का जंजाल बनता जा रहा है, जिससे गांव निवासी घरों में नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी आबादी होने के बावजदू पिपली की सफाई व्यवस्था भी राम भरोसे चल रही है।
पिपली वासियों को आज भी वार्ड बंदी का न होना, इंतकालों का न चढ़ना जैसी गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने सीएम से मांग करते हुए कहा कि पिपली को नगर परिषद का दर्जा दिलाकर पिपली के गांव की वार्डबंदी व इंतकाल की समस्या का भी समाधान करवाया जाए, ताकि पिपली गांव के लोग घरों में स्वच्छता से अपना जीवन व्यतीत सकें। प्रवीण शर्मा के साथ-साथ राजबीर सिंह, अशोक कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि इस बार भी मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है, लेकिन यह कब पूरा होगा यह समय आने पर ही पता चल पाएगा। इससे पहले चिट्टा मंदिर में भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया था तो वहीं कुछ माह पहले पिपली पैराकिट में ही लगाए खुुले दरबार के दौरान भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था।
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अमर उजाला ब्यूरो
पिपली । पिपली को नगर परिषद थानेसर में शामिल किए जाने की ग्रामीणों की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। स्थानीय विधायक से लेकर दो बार मुख्यमंत्री से भी लोग इसके लिए गुहार लगा चुके हैं। सीएम ने भी इस मांग को जायज करार देते हुए आश्वासन दिया, लेकिन आज तक इसमें कोई पहल नहीं हो पाई। शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल डॉ. बीआर आंबेडकर जयंती समारोह में शामिल होने पहुंचे तो पिपली वासियों ने उन्हें फिर से पिपली सोशल वेलफेयर सोसायटी की ओर ज्ञापन सौंपा और पिपली गांव को नगर परिषद में शामिल करने की फरियाद की। इस बार भी मुख्यमंत्री ने मांग को जायज ठहराया और फिर से उन्हें आश्वासन दिया कि यह कार्य जल्द किया जाएगा। पिपली सोशल वेलफेयर सोसायटी के प्रधान प्रवीण शर्मा ने बताया कि पिपली गांव की आबादी करीब 30,000 के पास पहुंच गई हैं, लेकिन पिपली गांव में दिन-प्रति दिन समस्याओं के अंबार लगते जा रहे हैं। पंचायत के पास आमदनी न होने के कारण पंचायत इन समस्याओं को दूर करने लाचार नजर आ रही है। शहर से सटा होने के बावजूद गांव में सीवरेज की व्यवस्था न होना, सफाई समय पर न होने, गलियों में लगे गंदगी के ढेर, टॉयलेट के गड्ढों से आने वाला दूषित पानी ग्रामीणों के लिए का जंजाल बनता जा रहा है, जिससे गांव निवासी घरों में नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी आबादी होने के बावजदू पिपली की सफाई व्यवस्था भी राम भरोसे चल रही है।
पिपली वासियों को आज भी वार्ड बंदी का न होना, इंतकालों का न चढ़ना जैसी गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने सीएम से मांग करते हुए कहा कि पिपली को नगर परिषद का दर्जा दिलाकर पिपली के गांव की वार्डबंदी व इंतकाल की समस्या का भी समाधान करवाया जाए, ताकि पिपली गांव के लोग घरों में स्वच्छता से अपना जीवन व्यतीत सकें। प्रवीण शर्मा के साथ-साथ राजबीर सिंह, अशोक कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि इस बार भी मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है, लेकिन यह कब पूरा होगा यह समय आने पर ही पता चल पाएगा। इससे पहले चिट्टा मंदिर में भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया था तो वहीं कुछ माह पहले पिपली पैराकिट में ही लगाए खुुले दरबार के दौरान भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था।
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