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एक बार गिरा, एक बार साइकिल में हुआ पंक्चर, फिर भी जीता साइकिलिंग में गोल्ड
Updated Wed, 28 Mar 2018 12:20 AM IST
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एक बार गिरा, साइकिल भी हुई पंक्चर, फिर भी जीता साइक्लिंग में सोना
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। रेस शुरू हुई तो साइकिल पंक्टर हो गई। उसे ठीक करने के बाद कुछ दूरी तय किया ही था कि साइकिल लेकर गिर गया। हल्की चोटें भी आईं, लेकिन हौसला नहीं हारा। दोबारा उठा और मुंबई से पुणे तक 170 किलोमीटर की दूरी तक हुई साइक्लिंग रेस में जीतने के जज्बे से फिर चल दिया। हौसले की बदौलत ही मंजिल तक ही नहीं पहुंचा बल्कि गोल्ड जीतने में कामयाब रहा। यह कहना है गांव तिगरी के बेटे दिलावर पुत्र धर्म सिंह का। दिलावर साइक्लिंग में गोल्ड जीतकर लौटे तो गांव व आसपास के लोगों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेडल लेकर पहुंचे दिलावर का गांववासियों ने जोरदार स्वागत किया। यह रेस 25 मार्च को हुई थी, जिसमें 250 प्रतिभागियों ने भाग लिया था। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीए करने के बाद दो वर्ष पहले रेलवे में टीटी के तौर पर नियुक्त हुए दिलावर ने बताया कि रेस शुरू हुई तो उनकी साइकिल में एक बार पंकचर हुआ, लेकित तत्काल ही अपनी साइकिल दुरूस्त की तो कुछ दूरी पर चलते ही अचानक साइकिल गिर गई, जिसमें उसे हल्की चोटें भी आई, इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने इरादे बुलंद करते हुए साइक्लिंग प्रतियोगिता पर कब्जा कर लिया। गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही उसे मुंबई में आयोजित एक समारोह में एक लाख 41 हजार रुपये इनाम के रूप में दिए गए। इससे पहले भी दिलावर ने वर्ष 2016 में यह प्रतियोगिता जीती थी।
दिलावर ने बताया कि उसे बचपन से ही साइक्लिंग का शौक था, लेकिन कुरुक्षेत्र में साइक्लिंग ट्रैक न होने के बावजूद भी इसी क्षेत्र में उसने एक दिन अपने माता-पिता व प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने का लक्ष्य रखा। इसी के चलते अपना अभ्यास पढ़ाई करते समय लगातार जारी रखा। वर्ष 2013 में थाईलैंड में हुई प्रतियोगिता में भी उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। गांव के सरपंच संदीप कुमार, ग्रामीण प्रेम कुमार, राकेश कुमार, सुरेश कुमार व कर्मवीर सिंह सहित अन्य लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि दिलावर ने गांव का नाम रोशन किया है और पूरे गांव को उन पर नाज है।
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। रेस शुरू हुई तो साइकिल पंक्टर हो गई। उसे ठीक करने के बाद कुछ दूरी तय किया ही था कि साइकिल लेकर गिर गया। हल्की चोटें भी आईं, लेकिन हौसला नहीं हारा। दोबारा उठा और मुंबई से पुणे तक 170 किलोमीटर की दूरी तक हुई साइक्लिंग रेस में जीतने के जज्बे से फिर चल दिया। हौसले की बदौलत ही मंजिल तक ही नहीं पहुंचा बल्कि गोल्ड जीतने में कामयाब रहा। यह कहना है गांव तिगरी के बेटे दिलावर पुत्र धर्म सिंह का। दिलावर साइक्लिंग में गोल्ड जीतकर लौटे तो गांव व आसपास के लोगों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेडल लेकर पहुंचे दिलावर का गांववासियों ने जोरदार स्वागत किया। यह रेस 25 मार्च को हुई थी, जिसमें 250 प्रतिभागियों ने भाग लिया था। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीए करने के बाद दो वर्ष पहले रेलवे में टीटी के तौर पर नियुक्त हुए दिलावर ने बताया कि रेस शुरू हुई तो उनकी साइकिल में एक बार पंकचर हुआ, लेकित तत्काल ही अपनी साइकिल दुरूस्त की तो कुछ दूरी पर चलते ही अचानक साइकिल गिर गई, जिसमें उसे हल्की चोटें भी आई, इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने इरादे बुलंद करते हुए साइक्लिंग प्रतियोगिता पर कब्जा कर लिया। गोल्ड मेडल जीतने के साथ ही उसे मुंबई में आयोजित एक समारोह में एक लाख 41 हजार रुपये इनाम के रूप में दिए गए। इससे पहले भी दिलावर ने वर्ष 2016 में यह प्रतियोगिता जीती थी।
दिलावर ने बताया कि उसे बचपन से ही साइक्लिंग का शौक था, लेकिन कुरुक्षेत्र में साइक्लिंग ट्रैक न होने के बावजूद भी इसी क्षेत्र में उसने एक दिन अपने माता-पिता व प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने का लक्ष्य रखा। इसी के चलते अपना अभ्यास पढ़ाई करते समय लगातार जारी रखा। वर्ष 2013 में थाईलैंड में हुई प्रतियोगिता में भी उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। गांव के सरपंच संदीप कुमार, ग्रामीण प्रेम कुमार, राकेश कुमार, सुरेश कुमार व कर्मवीर सिंह सहित अन्य लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि दिलावर ने गांव का नाम रोशन किया है और पूरे गांव को उन पर नाज है।
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