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अक्षरधाम मंदिर का भूमि पूजन
Updated Tue, 12 Dec 2017 01:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर के निकट सोमवार को अक्षरधाम मंदिर का भूमि पूजन हुुआ। इस अवसर पर स्वामीनारायण संस्था के संत महात्मा और सरस्वती हैरीटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष सहित शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ब्रह्मसरोवर तट पर निर्माणाधीन तिरुपति मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर अक्षरधाम मंदिर को पांच एकड़ भूमि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने अलाट की थी, जहां उपरोक्त मंदिर का निर्माण कार्य अगले दिनों में शुरू होगा। मंदिर के निर्माण के लिये भूमि पूजन से पहले स्वामी नारायण का पूजन और भजन हुआ है। इस अवसर पर स्वामी नारायण संस्था के मुनि वत्सल और सरस्वती हैरीटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज व संस्था के अन्य कई संत महात्मा मौजूद रहे। इस अवसर पर दिल्ली से आये स्वामी नारायण संस्था के मुनि वत्सल ने कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र का अपना इतिहास है। इसका पौराणिक महत्व है। उन्होंने कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न गुलजारी लालनंदा का सपना था कि कुरुक्षेत्र में अक्षरधाम मंदिर बने। उन्होंने कहा कि उनका यह सपना जल्द पूरा होगा। बता दें कि मंदिर निर्माण के पहले चरण में यहां संत महात्माओं के लिये कक्ष बनेंगे।
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कुरुक्षेत्र।
मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर के निकट सोमवार को अक्षरधाम मंदिर का भूमि पूजन हुुआ। इस अवसर पर स्वामीनारायण संस्था के संत महात्मा और सरस्वती हैरीटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष सहित शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ब्रह्मसरोवर तट पर निर्माणाधीन तिरुपति मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर अक्षरधाम मंदिर को पांच एकड़ भूमि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने अलाट की थी, जहां उपरोक्त मंदिर का निर्माण कार्य अगले दिनों में शुरू होगा। मंदिर के निर्माण के लिये भूमि पूजन से पहले स्वामी नारायण का पूजन और भजन हुआ है। इस अवसर पर स्वामी नारायण संस्था के मुनि वत्सल और सरस्वती हैरीटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज व संस्था के अन्य कई संत महात्मा मौजूद रहे। इस अवसर पर दिल्ली से आये स्वामी नारायण संस्था के मुनि वत्सल ने कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र का अपना इतिहास है। इसका पौराणिक महत्व है। उन्होंने कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न गुलजारी लालनंदा का सपना था कि कुरुक्षेत्र में अक्षरधाम मंदिर बने। उन्होंने कहा कि उनका यह सपना जल्द पूरा होगा। बता दें कि मंदिर निर्माण के पहले चरण में यहां संत महात्माओं के लिये कक्ष बनेंगे।