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-बारिश व तेज हवाओं से खेतों में गिरी फसल तो मंडियों में भीगा हजारों किवंटल गेहूं
Updated Tue, 10 Apr 2018 12:48 AM IST
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दो घंटे में 20 एमएम हुई बारिश, मंडियों में भीगा गेहूं, 20 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चली हवा से खेतों में बिछीं फसलें
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। सोमवार की सुबह जिलाभर में करीब दो घंटे में 20 एमएम बारिश हुई। 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली तेज हावाओं की वजह से खेतों में गेहूं की फसल बिछ गई। वहीं आढ़तियों व किसानों की मान तो जिलाभर की मंडियों में हजारों क्विंटल गेहूं भी गया। अनाज मंडियों में गेहूं को पानी से भीगने से बचाने व पानी निकासी के प्रबंधों को लेकर किए जा रहे दावों की भी पोल खुलती दिखी। दो घंटे की बारिश से मंडियों गेहूं की ढेरियां जहां भीग गईं वहीं विभाग की लापरवाही की सामने आई। हालांकि बाद में मौसम ठीक हो गया, मगर अब दो से तीन दिन तक कटाई नहीं की जा सकती है। बारिश होने के साथ तेज हवा चलने से किसानों का काफी नुकसान होने का अनुमान है। मंडियों में जो गेहूं बिक चुका है उसे उठाने के लिए आढ़तियों के पास तिरपाल की भी व्यवस्था नहीं है तो आढ़तियों के पास बारदाने की भी पूरी व्यवस्था नहीं है।
खरीद शुरू होने के 9वें दिन नोडल अधिकारी ने की आढ़तियों से बैठक ली
अनाज मंडियों में प्रबंध कितने अच्छे होंगे इसका अंदाजा इसी बात से लागाया जा सकता है कि गेहूं खरीद के 9वें दिन नोडल अधिकारी नियुक्त एसडीएम ने आढ़तियों के साथ पहली बैठक की, जिसमें आढ़तियों ने मंडी के हालात के बारे में बताया। एसोसिएशन प्रधान वीरभान सिंह, शिशपाल के अलावा दर्जनों आढ़तियों के अलावा डीएफएसी, खरीद व उठान एजेंसियों के अधिकारी, मार्केट कमेटी के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। इस दौरान आढ़तियों ने समस्याओं का अंबार लगाया तो एसडीएम ने मंगलवार को मंडी में ही बैठक करने का निर्णय लिया और कहा कि वे अपनी आंखों से मंडी के हालात देखेंगे। इस दौरान सभी अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
आधे घंटे तक नहीं आया उठान एजेंसी का रिकार्ड
उठान एजेंसी को लेकर एसडीएम के समक्ष आढ़तियों ने मामला उठाया तो एसडीएम ने डीएफएससी से रिकार्ड मांगा। यह रिकार्ड करीब आधा घंटा तक भी नहीं पहुंचा तो डीएफएससी ने मंगलवार को मंडी में होने वाली बैठक में लेकर आने का आश्वासन दिया।
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अभी तक नहीं कोई व्यवस्था: बलविंद्र
अनाज मंडी एसोसिएशन के पूर्व प्रधान बलविंद्र सिंह ने कहा कि मंडी में बारदाने से लेकर खरीद व उठान को लेकर भी कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए जा सके हैं। खामियाजा आढ़तियों व किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। प्रशासन गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है।
फसल बिछी, किसान पर पड़ी मार : कर्म सिंह
गांव कमोदा निवासी किसान कर्म सिंह का कहना है कि बारिश व तेज हवाओं से गेहूं की फसल बिछ गई है तो वहीं मंडी में भी फसल भीग गई है। यह सब मार किसान पर पड़ी है और हर बार ही किसानों को यह भुगतना पड़ता है।
किसानों को नहीं होने देंगे नुकसान : एसडीएम
मंडी के नोडल अधिकारी एवं थानेसर के एसडीएम प्रद्युम्मन सिंह का कहना है कि वे मंगलवार को मंडी में पहुंचकर हालात का जायजा लेंगे और किसानों व आढ़तियों के साथ अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक लेंगे। अधिकारियों की लापरवाही से किसानों को नुकसान नहीं होने देंगे। बारिश में गेहूं कितना खराब हुआ और उसकी खरीद की क्या स्थिति रहेगी, यह मौके पर ही देखा जाएगा, लेकिन लापरवाह अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
ब्लॉक अनुसार बारिश
ब्लॉक बारिश (एमएम में)
थानेसर- 21
लाडवा-15
बाबैन-20
पिहोवा-22
इस्माईलाबाद-22
शाहाबाद-20
कई जगह भरा पानी, उपमंडल कार्यालय के सामने बनी झील
लाडवा। सोमवार सुबह हुई बारिश व आंधी से लाडवा उपमंडल के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान होने का अंदेशा है। बरसात के बाद आंधी से गेहूं की फसल खेतों में पलट गई तो सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है। वहीं अनाज मंडी में बिकने के लिए आया गेहूं भीग गया। सोमवार सुबह पांच बजे कुछ देर तेज बरसात के बाद तेज आंधी चली। बारिश और तेज हवा चलने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछ गई। आंधी से कई पेड़ गिरने से साथ होर्डिंग्स व बोर्ड्स उड़ गए। नए उपमंडल के लिए बनाए गए कार्यालय के बाहर बरसात का पानी भरने से रोड झील बन गया।
पीला सोना बर्बाद होने की कगार पर
इस्माईलाबाद । बारिश की वजह से इस्माईलाबाद में भी फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसान धर्मपाल धगडौली, विष्णु शर्मा, सौरव, तरसेम, संजीव आदि ने बताया कि बारिश होने व तेज हवा चलने से उनकी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। सोमवार की सुबह जिलाभर में करीब दो घंटे में 20 एमएम बारिश हुई। 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली तेज हावाओं की वजह से खेतों में गेहूं की फसल बिछ गई। वहीं आढ़तियों व किसानों की मान तो जिलाभर की मंडियों में हजारों क्विंटल गेहूं भी गया। अनाज मंडियों में गेहूं को पानी से भीगने से बचाने व पानी निकासी के प्रबंधों को लेकर किए जा रहे दावों की भी पोल खुलती दिखी। दो घंटे की बारिश से मंडियों गेहूं की ढेरियां जहां भीग गईं वहीं विभाग की लापरवाही की सामने आई। हालांकि बाद में मौसम ठीक हो गया, मगर अब दो से तीन दिन तक कटाई नहीं की जा सकती है। बारिश होने के साथ तेज हवा चलने से किसानों का काफी नुकसान होने का अनुमान है। मंडियों में जो गेहूं बिक चुका है उसे उठाने के लिए आढ़तियों के पास तिरपाल की भी व्यवस्था नहीं है तो आढ़तियों के पास बारदाने की भी पूरी व्यवस्था नहीं है।
खरीद शुरू होने के 9वें दिन नोडल अधिकारी ने की आढ़तियों से बैठक ली
अनाज मंडियों में प्रबंध कितने अच्छे होंगे इसका अंदाजा इसी बात से लागाया जा सकता है कि गेहूं खरीद के 9वें दिन नोडल अधिकारी नियुक्त एसडीएम ने आढ़तियों के साथ पहली बैठक की, जिसमें आढ़तियों ने मंडी के हालात के बारे में बताया। एसोसिएशन प्रधान वीरभान सिंह, शिशपाल के अलावा दर्जनों आढ़तियों के अलावा डीएफएसी, खरीद व उठान एजेंसियों के अधिकारी, मार्केट कमेटी के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। इस दौरान आढ़तियों ने समस्याओं का अंबार लगाया तो एसडीएम ने मंगलवार को मंडी में ही बैठक करने का निर्णय लिया और कहा कि वे अपनी आंखों से मंडी के हालात देखेंगे। इस दौरान सभी अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
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आधे घंटे तक नहीं आया उठान एजेंसी का रिकार्ड
उठान एजेंसी को लेकर एसडीएम के समक्ष आढ़तियों ने मामला उठाया तो एसडीएम ने डीएफएससी से रिकार्ड मांगा। यह रिकार्ड करीब आधा घंटा तक भी नहीं पहुंचा तो डीएफएससी ने मंगलवार को मंडी में होने वाली बैठक में लेकर आने का आश्वासन दिया।
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अभी तक नहीं कोई व्यवस्था: बलविंद्र
अनाज मंडी एसोसिएशन के पूर्व प्रधान बलविंद्र सिंह ने कहा कि मंडी में बारदाने से लेकर खरीद व उठान को लेकर भी कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए जा सके हैं। खामियाजा आढ़तियों व किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। प्रशासन गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है।
फसल बिछी, किसान पर पड़ी मार : कर्म सिंह
गांव कमोदा निवासी किसान कर्म सिंह का कहना है कि बारिश व तेज हवाओं से गेहूं की फसल बिछ गई है तो वहीं मंडी में भी फसल भीग गई है। यह सब मार किसान पर पड़ी है और हर बार ही किसानों को यह भुगतना पड़ता है।
किसानों को नहीं होने देंगे नुकसान : एसडीएम
मंडी के नोडल अधिकारी एवं थानेसर के एसडीएम प्रद्युम्मन सिंह का कहना है कि वे मंगलवार को मंडी में पहुंचकर हालात का जायजा लेंगे और किसानों व आढ़तियों के साथ अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक लेंगे। अधिकारियों की लापरवाही से किसानों को नुकसान नहीं होने देंगे। बारिश में गेहूं कितना खराब हुआ और उसकी खरीद की क्या स्थिति रहेगी, यह मौके पर ही देखा जाएगा, लेकिन लापरवाह अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
ब्लॉक अनुसार बारिश
ब्लॉक बारिश (एमएम में)
थानेसर- 21
लाडवा-15
बाबैन-20
पिहोवा-22
इस्माईलाबाद-22
शाहाबाद-20
कई जगह भरा पानी, उपमंडल कार्यालय के सामने बनी झील
लाडवा। सोमवार सुबह हुई बारिश व आंधी से लाडवा उपमंडल के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान होने का अंदेशा है। बरसात के बाद आंधी से गेहूं की फसल खेतों में पलट गई तो सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है। वहीं अनाज मंडी में बिकने के लिए आया गेहूं भीग गया। सोमवार सुबह पांच बजे कुछ देर तेज बरसात के बाद तेज आंधी चली। बारिश और तेज हवा चलने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछ गई। आंधी से कई पेड़ गिरने से साथ होर्डिंग्स व बोर्ड्स उड़ गए। नए उपमंडल के लिए बनाए गए कार्यालय के बाहर बरसात का पानी भरने से रोड झील बन गया।
पीला सोना बर्बाद होने की कगार पर
इस्माईलाबाद । बारिश की वजह से इस्माईलाबाद में भी फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसान धर्मपाल धगडौली, विष्णु शर्मा, सौरव, तरसेम, संजीव आदि ने बताया कि बारिश होने व तेज हवा चलने से उनकी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।