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रात भर डेरा प्रमियों को ढोती रही रोडवेज बसें, सुबह होते ही पुलिस के पहरे में थमे पहिये
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:51 AM IST
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सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र।
जिन डेरा प्रेमियों से पिछले तीन दिनों से हरियाणा रोडवेज घबराया हुआ है, उन्हें ही ढोने के लिए रात भर जुटा रहा। शुक्रवार को डेरा मुखी के मामले पर फैसला आने के बाद रात होते ही सड़कों पर बसें सरपट दौड़ने लगीं और सुबह होने पर फिर पुलिस के पहरे में इन बसों के पहिये थम गए।
डेराप्रेमियों से भरे पंचकूला को खाली करवाने के लिए प्रदेश सरकार ने डेरा मुखी पर फैसला आने के बाद देर शाम गहन मंथन किया। इसमें स्पष्ट हुआ कि इतनी संख्या में डेरा प्रेमी रात भर में पंचकूला से नहीं निकल पाएंगे तो इसमें हरियाणा रोडवेज की बसें रात को ही चलाने का निर्णय लिया गया। इसके तत्काल बाद ही प्रदेश भर के सभी डिपो महाप्रबंधक को फरमान जारी कर दिए गए कि वे अपनी-अपनी सीमा से डेरा प्रेमियों को लेकर साथ लगते दूसरे जिले की सीमा तक छोड़ें।
कुरुक्षेत्र की 35 बसें सड़कों पर उतरीं
डेरा प्रेमियों को लाने के लिए कुरुक्षेत्र डिपो की ही 35 बसें सड़कों पर उतारी गईं। रात करीब 10 बजे के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई सुबह होने तक जारी रही तो इसके बाद पिछले दो दिन की तरह फिर से सभी बसों को वर्कशॉप में खड़ा कर दिया गया। बस अड्डा परिसर दिनभर सुनसान पड़ा रहा तो मुख्य गेट पर पुलिस का कड़ा पहरा भी बना रहा। डेरा प्रेमियों को लाने के लिए सड़कों पर निकाली गई कुछ ही बसों में सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस कर्मी भी सवार रहे तो वहीं अधिकतर बसें बिना पुलिस कर्मियों के ही दौड़ती रही।
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सरकार के आदेशों के बाद चलाई गई बसें : जीएम
डिपो महाप्रबंधक रोहताश सिंह का कहना है कि सरकार व उच्चाधिकाािरयों की ओर से आदेश आने के बाद ही रात को बसें चलाई गई। जो सुबह होने तक डेरा प्रेमियों को लाने व अपनी अंतिम सीमा तक छोड़ने में जुटी रही। करीब 35 बसें बार-बार चक्कर लगाती रहीं और अधिकतर डेरा प्रेमियों से किराया भी वसूल किया गया।
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कुरुक्षेत्र।
जिन डेरा प्रेमियों से पिछले तीन दिनों से हरियाणा रोडवेज घबराया हुआ है, उन्हें ही ढोने के लिए रात भर जुटा रहा। शुक्रवार को डेरा मुखी के मामले पर फैसला आने के बाद रात होते ही सड़कों पर बसें सरपट दौड़ने लगीं और सुबह होने पर फिर पुलिस के पहरे में इन बसों के पहिये थम गए।
डेराप्रेमियों से भरे पंचकूला को खाली करवाने के लिए प्रदेश सरकार ने डेरा मुखी पर फैसला आने के बाद देर शाम गहन मंथन किया। इसमें स्पष्ट हुआ कि इतनी संख्या में डेरा प्रेमी रात भर में पंचकूला से नहीं निकल पाएंगे तो इसमें हरियाणा रोडवेज की बसें रात को ही चलाने का निर्णय लिया गया। इसके तत्काल बाद ही प्रदेश भर के सभी डिपो महाप्रबंधक को फरमान जारी कर दिए गए कि वे अपनी-अपनी सीमा से डेरा प्रेमियों को लेकर साथ लगते दूसरे जिले की सीमा तक छोड़ें।
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कुरुक्षेत्र की 35 बसें सड़कों पर उतरीं
डेरा प्रेमियों को लाने के लिए कुरुक्षेत्र डिपो की ही 35 बसें सड़कों पर उतारी गईं। रात करीब 10 बजे के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई सुबह होने तक जारी रही तो इसके बाद पिछले दो दिन की तरह फिर से सभी बसों को वर्कशॉप में खड़ा कर दिया गया। बस अड्डा परिसर दिनभर सुनसान पड़ा रहा तो मुख्य गेट पर पुलिस का कड़ा पहरा भी बना रहा। डेरा प्रेमियों को लाने के लिए सड़कों पर निकाली गई कुछ ही बसों में सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस कर्मी भी सवार रहे तो वहीं अधिकतर बसें बिना पुलिस कर्मियों के ही दौड़ती रही।
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सरकार के आदेशों के बाद चलाई गई बसें : जीएम
डिपो महाप्रबंधक रोहताश सिंह का कहना है कि सरकार व उच्चाधिकाािरयों की ओर से आदेश आने के बाद ही रात को बसें चलाई गई। जो सुबह होने तक डेरा प्रेमियों को लाने व अपनी अंतिम सीमा तक छोड़ने में जुटी रही। करीब 35 बसें बार-बार चक्कर लगाती रहीं और अधिकतर डेरा प्रेमियों से किराया भी वसूल किया गया।