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अब केयू में रैगिंग करना पड़ेगा भारी
Updated Fri, 30 Jun 2017 12:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
केयू प्रशासन ने सत्र 2017-18 में रैगिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने स्तर पर उचित कदम उठाएं। निर्देशों में कहा गया कि यदि कोई छात्र रैगिंग करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय से निष्कासित भी किया जा सकता है। चीफ वार्डन यह सुनिश्चित करेंगे कि पहले दो महीने तक हॉस्टल में किसी भी छात्र का कोई अतिथि या बाहरी व्यक्ति नहीं रूकेगा। विशेष निगरानी के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी हॉस्टलों के कॉमन रूम एवं कैंटीनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा के निर्देशानुसार गठित एंटी रैगिंग कमेटी की हाल ही में बैठक विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. प्रवीण कुमार सैनी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, अधिष्ठाता महाविद्यालय, निदेशक जनसंचार संस्थान, डिप्टी प्रॉक्टर आदि ने भाग लिया। बैठक में यूजीसी द्वारा एंटी रैगिंग पर दिए गए दिशा निर्देशों पर विचार-विमर्श किया गया। नए सत्र के अवांछित तत्वों को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश को रोकने के लिए पेट्रोलिंग का प्रबंध किया जाएगा। इसके साथ हीं एंटी रैगिंग के पोस्टर एवं होर्डिंग लगाने के लिए निर्देश किए गए। यूजीसी टोल फ्री एंटी रैगिंग हेल्प लाइन नंबर 1800-180-5522, ई-मेल हेल्प लाइन, विश्वविद्यालय की एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों के फोन नंबर विभिन्न स्थानों पर लगे बैनर एवं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिव की यूनिवर्सिटी ई-मेल भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर होंगे ताकि किसी भी तरह की शिकायत पर विद्यार्थी सीधे अधिकारियों से संपर्क कर सकें।
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कुरुक्षेत्र।
केयू प्रशासन ने सत्र 2017-18 में रैगिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने स्तर पर उचित कदम उठाएं। निर्देशों में कहा गया कि यदि कोई छात्र रैगिंग करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय से निष्कासित भी किया जा सकता है। चीफ वार्डन यह सुनिश्चित करेंगे कि पहले दो महीने तक हॉस्टल में किसी भी छात्र का कोई अतिथि या बाहरी व्यक्ति नहीं रूकेगा। विशेष निगरानी के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी हॉस्टलों के कॉमन रूम एवं कैंटीनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा के निर्देशानुसार गठित एंटी रैगिंग कमेटी की हाल ही में बैठक विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. प्रवीण कुमार सैनी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, अधिष्ठाता महाविद्यालय, निदेशक जनसंचार संस्थान, डिप्टी प्रॉक्टर आदि ने भाग लिया। बैठक में यूजीसी द्वारा एंटी रैगिंग पर दिए गए दिशा निर्देशों पर विचार-विमर्श किया गया। नए सत्र के अवांछित तत्वों को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश को रोकने के लिए पेट्रोलिंग का प्रबंध किया जाएगा। इसके साथ हीं एंटी रैगिंग के पोस्टर एवं होर्डिंग लगाने के लिए निर्देश किए गए। यूजीसी टोल फ्री एंटी रैगिंग हेल्प लाइन नंबर 1800-180-5522, ई-मेल हेल्प लाइन, विश्वविद्यालय की एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों के फोन नंबर विभिन्न स्थानों पर लगे बैनर एवं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिव की यूनिवर्सिटी ई-मेल भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर होंगे ताकि किसी भी तरह की शिकायत पर विद्यार्थी सीधे अधिकारियों से संपर्क कर सकें।
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