फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   स्कूल प्रिंसीपल पर ग्रामीणों ने लगाए स्कूल का मलबा अपने चहेतों को कम दाम पर देने के आरोप

स्कूल प्रिंसीपल पर ग्रामीणों ने लगाए स्कूल का मलबा अपने चहेतों को कम दाम पर देने के आरोप

Fri, 06 Apr 2018 12:37 AM IST
Updated Fri, 06 Apr 2018 12:37 AM IST
विज्ञापन
स्कूल प्रिंसीपल पर ग्रामीणों ने लगाए स्कूल का मलबा अपने चहेतों को कम दाम पर देने के आरोप
प्रिंसिपल पर लगाया स्कूल से निकला मलबा चहेतों को बेचने का आरोप
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद। गांव झांसा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के कमरों से निकले मलबे को स्कूल प्रिंसिपल द्वारा गुप्त तरीके से बोली करवाकर उसे कम दामों में अपने चहेतों को बचने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मामले की शिकायत डीसी को देकर बोली को रद्द करने की मांग की है। मामले को लेकर गांव में चर्चाओं का माहौल गर्म है। ग्रामीण विनय कुमार, रघुवीर सिंह, नरेश आदि ने स्कूल प्रिंसिपल पर आरोप लगाया कि स्कूल से निकले मलबे को उन्होंने कम दाम में बोली लगाकर अपने चहेतों को बेचा है। बोली तय रकम से 25 प्रतिशत अधिक दाम देकर छोड़ने की बात करने पर भी उन्होंने नहीं सुनी। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पिछले लंबे समय से 6-7 कमरों का मलबा पड़ा हुआ था, लेकिन 3 अप्रैल को उन्हें पता चला कि विभाग ने मलबे की बोली करवा दी है। अंबाला के एक व्यक्ति ने इस मलबे को 1 लाख 53 हजार रुपये में खरीदा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रिंसिपल ने गुप्त तरीके से बाली करवाई है। न ही कुरुक्षेत्र के किसी स्थानीय अखबार में इस बारे में कोई विज्ञापन दिया है, न ही बोली बारे स्कूल के बाहर कोई नोटिस चस्पा किया है। ग्रामीणों ने कहा कि तय रकम से 25 प्रतिशत अधिक पैसे देने की बात की तो उन्होंने मना कर दिया।

बॉक्स
लगाए जा रहे आरोप निराधार: प्रिंसीपल
स्कूल प्रिंसिपल शशि धवन ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उन्होंने बकायदा समाचार पत्रों में बोली का विज्ञापन दिया था। इसके अलावा बोली के वक्त कुछ ग्रामीण भी स्कूल में मौजूद थे। बोली में किसी तरह की कोई धांधली नहीं हुई है। सभी कार्य नियमों के तहत किए गए हैं। न ही बोली देने से किसी भी ग्रामीण को रोका गया है। कुछ लोग बेबुनियादी बातें कर माहौल को बिगाड़ने का कार्य कर रहे हैं। मलबे की बोली एडीसी कार्यालय से एक प्रतिनिधि, एक डीईओ कार्यालय से प्रतिनिधि तथा एसडीओ पंचायती राज की निगरानी में की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed