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शनिश्चरी अमावस के स्नान चैत्र चौदस मेला पूर्ण
Updated Sun, 18 Mar 2018 12:20 AM IST
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शनिश्चरी अमावस के स्नान चैत्र चौदस मेला पूर्ण
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र-पिहोवा
पिहोवा का तीन दिवसीय चैत्र चौदस मेला शनिश्चरी अमावस के आखिरी स्नान के साथ पूर्ण हो गया। कुरुक्षेत्र के सन्निहित सरोवर और ब्रह्मसरोवर पर भी शनिश्चरी अमावस पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अगला चैत्र चौदस मेला अप्रैल 2019 को होगा। प्रशासन ने मेले में करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के आने का दावा किया है। मेले के आखिरी दिन शनिश्चरी अमावस पर हजारों श्रद्धालुओं ने पावन सरस्वती तीर्थ में स्नान किया। सभी ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। दोपहर तक यात्रियों का आगमन होता रहा। मेले के आखिरी दिन दिल्ली से हजारों श्रद्धालु सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे।
तीर्थ पुरोहित विनोद पंचौली ने बताया कि अमावस का दिन पितरों को ही समर्पित है। अमावस के दिन मृतक पूर्वजों के निमित्त पिंडदान, गति और नारायण बलि करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। यदि किसी मृतक परिजन की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं हो तो अमावस पर उस परिजन के निमित्त कर्म कराया जाता है। चौदस पर पंजाब सहित कई अन्य राज्यों से श्रद्धालु यहां आते है। बता दें कि पिहोवा का तीन दिवसीय चैत्र चौदस मेला 15 मार्च से आरंभ हुआ था। डीसी डॉ. एसएस फुलिसा ने इसका उद्घाटन किया था।
पीपल पर परिक्रमा कर बांधा धागा
मेले पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रसिद्ध प्रेत पीपल पर जल चढ़ाकर अपने पूर्वजों की अक्षय तृप्ति की कामना की। श्रद्धालुओं ने प्रेत पीपल की परिक्रमा कर सूत बांधा। मान्यता है कि परिक्रमा कर सूत बांधने से आत्मा इस पीपल पर निवास करने लगती है। श्रद्धालु पिंडदान करवाने के बाद परिक्रमा करते हुए पीपल पर सूत बांधते हैं और जल चढ़ाते हैं।
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कई लोगों की कटी जेब
मेले के दौरान कई लोगों की जेब कटी। जांच अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि पंजाब से आए नछत्र सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि किसी व्यक्ति ने जेब से उसका पर्स निकाल लिया। उसमें करीब तीन हजार रुपये और कागजात थे। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अगला चैत्र चौदस मेला अप्रैल 2019 में
तीर्थ पुरोहित विनोद पंचौली ने बताया कि बैशाख में आने वाली अमावस सोमवती अमावस होगी। जो कि 16 अप्रैल के दिन पड़ेगी। सोमवती अमावस पर पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्व है। उन्होंने बताया कि अगला चैत्र चौदस मेला अप्रैल 2019 में होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र-पिहोवा
पिहोवा का तीन दिवसीय चैत्र चौदस मेला शनिश्चरी अमावस के आखिरी स्नान के साथ पूर्ण हो गया। कुरुक्षेत्र के सन्निहित सरोवर और ब्रह्मसरोवर पर भी शनिश्चरी अमावस पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अगला चैत्र चौदस मेला अप्रैल 2019 को होगा। प्रशासन ने मेले में करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के आने का दावा किया है। मेले के आखिरी दिन शनिश्चरी अमावस पर हजारों श्रद्धालुओं ने पावन सरस्वती तीर्थ में स्नान किया। सभी ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। दोपहर तक यात्रियों का आगमन होता रहा। मेले के आखिरी दिन दिल्ली से हजारों श्रद्धालु सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे।
तीर्थ पुरोहित विनोद पंचौली ने बताया कि अमावस का दिन पितरों को ही समर्पित है। अमावस के दिन मृतक पूर्वजों के निमित्त पिंडदान, गति और नारायण बलि करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। यदि किसी मृतक परिजन की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं हो तो अमावस पर उस परिजन के निमित्त कर्म कराया जाता है। चौदस पर पंजाब सहित कई अन्य राज्यों से श्रद्धालु यहां आते है। बता दें कि पिहोवा का तीन दिवसीय चैत्र चौदस मेला 15 मार्च से आरंभ हुआ था। डीसी डॉ. एसएस फुलिसा ने इसका उद्घाटन किया था।
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पीपल पर परिक्रमा कर बांधा धागा
मेले पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रसिद्ध प्रेत पीपल पर जल चढ़ाकर अपने पूर्वजों की अक्षय तृप्ति की कामना की। श्रद्धालुओं ने प्रेत पीपल की परिक्रमा कर सूत बांधा। मान्यता है कि परिक्रमा कर सूत बांधने से आत्मा इस पीपल पर निवास करने लगती है। श्रद्धालु पिंडदान करवाने के बाद परिक्रमा करते हुए पीपल पर सूत बांधते हैं और जल चढ़ाते हैं।
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कई लोगों की कटी जेब
मेले के दौरान कई लोगों की जेब कटी। जांच अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि पंजाब से आए नछत्र सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि किसी व्यक्ति ने जेब से उसका पर्स निकाल लिया। उसमें करीब तीन हजार रुपये और कागजात थे। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अगला चैत्र चौदस मेला अप्रैल 2019 में
तीर्थ पुरोहित विनोद पंचौली ने बताया कि बैशाख में आने वाली अमावस सोमवती अमावस होगी। जो कि 16 अप्रैल के दिन पड़ेगी। सोमवती अमावस पर पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्व है। उन्होंने बताया कि अगला चैत्र चौदस मेला अप्रैल 2019 में होगा।