{"_id":"59dbc1234f1c1bda538b6714","slug":"101507574051-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसल अवशेषों को जलाने पर पर भड़के किसान, जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसल अवशेषों को जलाने पर पर भड़के किसान, जताया रोष
Updated Tue, 10 Oct 2017 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा।
धान के बचे हुए अवशेष जलाने वाले किसानों पर सरकार और प्रशासन द्वारा जुर्माना करने के विरोध मेें सोमवार को लाडवा में भारतीय किसान यूनियन ने किसानों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन कर विरोध किया। उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और रोष मार्च निकाला। रोष मार्च कुरुक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग पर धरना स्थल से शुरू होकर इंद्री चौक से होते हुए वापस धरना स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुआ। स दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए थाना प्रभारी निर्मल सिंह की अगुवाई में पुलिस बल तैनात रहा। फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ तैनात रही।
धरने की अगुवाई भाकियू की लाडवा ब्लाक कार्यकारिणी ने की। इसमें भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन सिंह मान मुख्य अतिथ थे। धरना कुरुक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग पर बंसल अस्पताल के पास सड़क किनारे दिया गया। रोष मार्च के बाद भाकियू ने तहसीलदार हरीश कालड़ा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। मांग पत्र में भाकियू ने मुख्यमंत्री से किसानों को फसल अवशेष और पराली न जलाने देने के फैसले वापस लेने, किसानों को अगली फसल का 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देनेे, किसानों को पराली के लिए अपने खर्च पर मशीनरी उपलब्ध करवाने, पराली की समस्या से निपटने के लिए 10 हजार रुपये प्रति एकड़ सहायता राशि देने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, किसानों को संपूर्ण कर्जा मुक्त करने आदि की मांग की गई।
फ्री में भी नहीं खरीदी पराली
रोष मार्च में किसानों ने धान के बचे हुए अवशेष को ट्रॉलियों में भरकर लोगों से फ्री में पराली खरीदने की अपील भी की। पराली फ्री में लेने के लिए चक्कर भी लगाए, मगर किसी ने भी किसानों की पराली नहीं खरीदी। वहीं प्रदेश अध्यक्ष रतन सिंह मान ने कहा कि किसानों पर किसी भी प्रकार की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए वह जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। कहा कि यदि सरकार किसानों को 40 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान दे तो वह अगले छह महीने तक कोई भी फसल नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी किसान पर जुर्माना लगाया गया या उसे तंग किया गया तो किसान कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटेंगे। थाना प्रभारी निर्मल सिह ने बताया कि लाडवा में राम कुंडी, इंद्री चौक, हिनौरी चौक, बन मोड़ सहित पांच पुलिस नाके लगाए थे।
विज्ञापन
धरने में ये लोग रहे शामिल
धरने में कुरुक्षेत्र के जिला प्रधान मैनपाल बूढ़ा, यमुनानगर के जिला प्रधान सुभाष गुर्जर धौडंग़, लाडवा ब्लॉक प्रधान अजीत सिंह भूतमाजरा, मदन पाल बपदा, राजपाल बपदा, माम चंद बदरपुर, राम दिया फतुहपुर, धर्मबीर अमलोहा रादौर, रादौर ब्लॉक के प्रधान सीटू नंबरदार, इंद्री के ब्लॉक प्रधान सुरेश कंबोज, कर्म सिह बूढ़ा, लवली बपदी, अजैब मुरादनगर, फूल सिंह बदरपुर, शेर सिह बडौंदा, जोनी सूरा, जितेंद्र बन, सुरजीत सिंह बपदी प्रदीप बडौंदा, सुखदेव बिलासपुर, प्रदीप नागल सढौरा, स्वीटी भुल्लर, शमेशर सिह अंटेहड़ी, बलबीर शर्मा, प्रेम चंद, बूढ़ा, रामकरण बपदी, जागीर सिंह बन सहित कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, कैथल, पानीपत जिले के भाकियू कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
विज्ञापन
लाडवा।
धान के बचे हुए अवशेष जलाने वाले किसानों पर सरकार और प्रशासन द्वारा जुर्माना करने के विरोध मेें सोमवार को लाडवा में भारतीय किसान यूनियन ने किसानों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन कर विरोध किया। उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और रोष मार्च निकाला। रोष मार्च कुरुक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग पर धरना स्थल से शुरू होकर इंद्री चौक से होते हुए वापस धरना स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुआ। स दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए थाना प्रभारी निर्मल सिंह की अगुवाई में पुलिस बल तैनात रहा। फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ तैनात रही।
धरने की अगुवाई भाकियू की लाडवा ब्लाक कार्यकारिणी ने की। इसमें भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतन सिंह मान मुख्य अतिथ थे। धरना कुरुक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग पर बंसल अस्पताल के पास सड़क किनारे दिया गया। रोष मार्च के बाद भाकियू ने तहसीलदार हरीश कालड़ा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। मांग पत्र में भाकियू ने मुख्यमंत्री से किसानों को फसल अवशेष और पराली न जलाने देने के फैसले वापस लेने, किसानों को अगली फसल का 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देनेे, किसानों को पराली के लिए अपने खर्च पर मशीनरी उपलब्ध करवाने, पराली की समस्या से निपटने के लिए 10 हजार रुपये प्रति एकड़ सहायता राशि देने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, किसानों को संपूर्ण कर्जा मुक्त करने आदि की मांग की गई।
विज्ञापन
फ्री में भी नहीं खरीदी पराली
रोष मार्च में किसानों ने धान के बचे हुए अवशेष को ट्रॉलियों में भरकर लोगों से फ्री में पराली खरीदने की अपील भी की। पराली फ्री में लेने के लिए चक्कर भी लगाए, मगर किसी ने भी किसानों की पराली नहीं खरीदी। वहीं प्रदेश अध्यक्ष रतन सिंह मान ने कहा कि किसानों पर किसी भी प्रकार की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए वह जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। कहा कि यदि सरकार किसानों को 40 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान दे तो वह अगले छह महीने तक कोई भी फसल नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक भी किसान पर जुर्माना लगाया गया या उसे तंग किया गया तो किसान कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटेंगे। थाना प्रभारी निर्मल सिह ने बताया कि लाडवा में राम कुंडी, इंद्री चौक, हिनौरी चौक, बन मोड़ सहित पांच पुलिस नाके लगाए थे।
विज्ञापन
धरने में ये लोग रहे शामिल
धरने में कुरुक्षेत्र के जिला प्रधान मैनपाल बूढ़ा, यमुनानगर के जिला प्रधान सुभाष गुर्जर धौडंग़, लाडवा ब्लॉक प्रधान अजीत सिंह भूतमाजरा, मदन पाल बपदा, राजपाल बपदा, माम चंद बदरपुर, राम दिया फतुहपुर, धर्मबीर अमलोहा रादौर, रादौर ब्लॉक के प्रधान सीटू नंबरदार, इंद्री के ब्लॉक प्रधान सुरेश कंबोज, कर्म सिह बूढ़ा, लवली बपदी, अजैब मुरादनगर, फूल सिंह बदरपुर, शेर सिह बडौंदा, जोनी सूरा, जितेंद्र बन, सुरजीत सिंह बपदी प्रदीप बडौंदा, सुखदेव बिलासपुर, प्रदीप नागल सढौरा, स्वीटी भुल्लर, शमेशर सिह अंटेहड़ी, बलबीर शर्मा, प्रेम चंद, बूढ़ा, रामकरण बपदी, जागीर सिंह बन सहित कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, कैथल, पानीपत जिले के भाकियू कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।