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Kurukshetra News: छात्र संघ चुनाव के आंदोलन से जुड़े मामले में आठ साल बाद 10 छात्र नेता बरी

Tue, 26 May 2026 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Tue, 26 May 2026 03:07 AM IST
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10 student leaders acquitted after eight years in case related to student union election agitation
कुरुक्षेत्र। फैसला आने के बाद अदालत परिसर में खड़े छात्र नेता। स्वयं
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर वर्ष 2018 में हुए आंदोलन से जुडे मामले में अदालत ने आठ साल बाद युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा समेत 10 छात्र नेताओं को बरी कर दिया है। अदालत के फैसले के बाद समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिला। यह मामला उस समय दर्ज हुआ था जब छात्र नेताओं और युवाओं ने राज्य सरकार की ओर से लागू की गई अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव प्रणाली का विरोध करते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के थर्ड गेट के पास प्रदर्शन किया था। आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान कैथल-कुरुक्षेत्र मुख्य मार्ग जाम किया गया और प्रशासनिक कार्य में बाधा डाली गई। इसके बाद पुलिस ने आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
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करीब आठ वर्षों तक चले इस मामले में अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद शिकायत में जसविंदर खैहरा, शाहनवाज, तरसेम, विजेंद्र रंगा, संदीप डरोलिया, दिलबाग पाई, दिव्यांशु बुद्धिराजा, योगेश, राजेश चुसाला सहित 10 छात्र नेताओं को बरी कर दिया। फैसले के बाद दिव्यांशु बुद्धिराजा ने इसे सच और लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि उस समय छात्र प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग कर रहे थे और आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक था। उनके अनुसार आंदोलन को दबाने और युवाओं की आवाज कमजोर करने के लिए गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए।
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उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्ष उनके और उनके साथियों के लिए मानसिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों ने उनकी छवि खराब करने के लिए लगातार दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने संघर्ष नहीं छोड़ा।
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उन्होंने कहा कि जब उन्होंने करनाल लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ चुनाव लड़ा, तब भी राजनीतिक दबाव महसूस किया गया, लेकिन जनता और युवाओं का समर्थन उनके साथ बना रहा। फैसले के बाद उन्होंने न्यायपालिका का आभार जताते हुए कहा कि अदालत के इस निर्णय ने एक बार फिर साबित किया है कि लंबे संघर्ष के बाद भी न्याय मिलता है। उन्होंने अपने साथ जुडे युवाओं, अधिवक्ताओं, समर्थकों और परिवारजनों का भी धन्यवाद किया। संवाद
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