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ये खापें किस तरह रोकेंगी ऑनर किलिंग

Sat, 21 Sep 2013 11:47 PM IST
रोहतक/ब्यूरो
रोहतक/ब्यूरो Updated Sat, 21 Sep 2013 11:47 PM IST
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Khapen against honor killings
रोहतक के गरनावठी गांव में बुधवार को हुई ऑनर किलिंग के बाद खाप पंचायतें हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव की मांग को लेकर फिर एकजुट होने लगी हैं।
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खाप पंचायतों ने रविवार को रोहतक के छोटूराम भवन में बैठक बुलाई है। इस बैठक में 20 से अधिक खापों के पहुंचने की संभावना है। इनकेे द्वारा ऑनर किलिंग की घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। खाप प्रतिनिधियों का कहना है कि अगर हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव किया जाए तो ऑनर किलिंग खुद रुक जाएगी। इस अधिनियम में बदलाव को लेकर खाप पंचायतें तीन साल से संघर्ष कर रही हैं। गौरतलब है कि गरनावठी में ऑनर किलिंग का शिकार हुए निधि और धर्मेंद्र भी एक ही गोत्र के थे।


गठवाल खाप के कॉर्डिनेटर जसबीर मलिक ने कहा कि बेवजह जाट समाज और खापों को विभिन्न मीडिया चैनलों द्वारा तालिबानी और अपशब्द कहकर बदनाम किया जा रहा है, जबकि खापें किसी की हत्या करने के पक्ष में कभी नहीं रही। उन्होंने बताया कि ऑनर किलिंग के लिए सीधे रूप में सरकार दोषी है क्योंकि वह हिंदू मैरिज एक्ट-1955 में बदलाव नहीं कर रही है। इसकी वजह से सम गोत्र में विवाह रोकने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके चलते ऑनर किलिंग की घटनाएं हो रही हैं। जसबीर मलिक ने बताया कि इसके अलावा मनोरंजन के साधनों और इंटरनेट पर अश्लीलता रोकने के लिए कोई निगरानी तंत्री मौजूद नहीं है। इस कारण बच्चे बिगड़ रहे हैं। ऑनर किलिंग रोकने और युवाओं को सही मार्ग दिखाने के लिए बैठक में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
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राष्ट्रपति को लिखा जा चुका है पत्र  
हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव को लेकर खाप पंचायतें राष्ट्रपति को भी पत्र लिख चुकी हैं। इस मामले को लेकर जींद में हुई अंतिम पंचायत में हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव का मसौदा तैयार करके केंद्र सरकार और राष्ट्रपति को भेजा था, परंतु न तो राज्य सरकार ने इस बारे में कोई कदम उठाया और न ही केंद्र सरकार ने। इसे लेकर प्रदेशस्तरीय कमेटी भी बनी थी और कमेटी ने कई प्रस्ताव पास किए थे।
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कुरुक्षेत्र में जुटे थे हजारों लोग
हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव के लिए 2010 में खापों द्वारा महापंचायत का आयोजन किया गया था। पंचायत में यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि मां व पिता के रिश्ते को छोड़कर उन्हें शादियों में कोई एतराज नहीं है और ऑनर किलिंग की भी निंदा की थी। इसके बाद जींद व पाई में इसी तरह पंचायतों का आयोजन किया था, परंतु अभी तक एक्ट में बदलाव को लेकर सरकार ने कोई भी सहमति नहीं दिखाई है।  

ये हो सकते हैं शामिल
रविवार को खापों द्वारा बुलाई गई पंचायत मेें बीस से अधिक खापों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसमें मलिक, गठवाल, अहलावत, 84 खाप और अन्य खापें शामिल होंगी।


हिंदू मैरिज एक्ट में बदलाव को खापों ने भरी हुंकार
झज्जर। गरनावठी में हुई ऑनर किलिंग की घटना के बाद कुछ खापों के प्रतिनिधि झज्जर में छोटूराम धर्मशाला में एकत्रित हुए और अपनी मांग दोहराई। हरियाणा धनखड़ सभा के प्रधान ने कहा कि खापें पहले भी यह मांग कर चुकी हैं कि दूध और खून के रिश्ते में शादी संभव नहीं है और न ही सम गोत्र विवाह संभव है इसलिए हिंदू मैरिज एक्ट 1955 में बदलाव आवश्यक है। धनखड़ ने कहा कि कोई भी माता-पिता अपने बच्चों का कत्ल करने के लिए उन्हें पालता पोसता नहीं है। सामाजिक मर्यादा का ध्यान रखे बिना गांव के लड़के-लड़की के प्रेम संबंध को कानून भले ही मान्तया देता हो, मगर समाज मान्यता नहीं देता। धनखड़ ने कहा कि हालांकि हत्या करना पाप है, मगर सरकार द्वारा हिंदू विवाह अधिनियम 1955 में बदलाव नहीं किया जाना भी चिंता का विषय है। इस अधिनियम में बदलाव किया जाए तो इसके सकारात्मक परिणाम छह महीने में दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि इस विषय में सीएम को भी ज्ञापन दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस विषय में रोहतक में भी बैठक बुलाई गई है।


इस अवरस पर किताब सिंह श्योकंद जींद, कैप्टन दिलबाग सिंह कादयान बेरी, अनिल रोहण, जयसिंह अहलावत, जगदेव कुमार, दीपचंद, जगबीर सिंह राठी, हेडमास्टर ताराचंद जाखड़, ज्ञानीराम, राजेश झामरी, कैप्टन गंगा राम, मा. सुमेर सिंह, प्रकाश माजरा, महेंद्र सिंह सहरावत और अजीत प्रधान आदि मौजूद थे।

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