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Karnal News: युवाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों ने निभाई लोकतांत्रिक जिम्मेदारी
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- सुबह ही मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपनी पसंद के प्रत्याशी को दिया वोट
मानसी मौर्य
करनाल। भले ही मतदान का प्रतिशत कम रह गया, लेकिन जो मतदाता घर से निकले, उनमें जबरदस्त उत्साह दिखा। 18 वर्ष के युवाओं से लेकर शतायु मतदाताओं तक ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र के पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मतदान केंद्रों पर सुबह से मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं।
मतदान करने पहुंचे लोगों में जोश दिखा, उन्होंने अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। कई युवा मतदाताओं ने पहली बार शहर की सरकार बनाने के लिए मतदान किया। बुजुर्गों ने भी पूरी ऊर्जा के साथ मतदान किया। हालांकि लगातार जागरूकता के बाद भी बहुत से मतदाता ऐसे रहे, जो बूथों तक नहीं पहुंचे। संवाद
युवाओं के रोजगार पर दिया जाए ध्यान
22 वर्षीय निशी पहली बार मतदान करने के लिए मतदान केंद्र पर आई। उनका कहना था कि शहर के चुनाव शहरवासियों के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। वह कहती हैं कि वे आने वाले मेयर व पार्षद से चाहती हैं कि उनके शहर में विकास कार्य हों और रोजगार व विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति की व्यवस्था सही से की जाए, जिससे गरीब बच्चे भी कॉलेज में अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें।
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आंगनबाड़ी और राशन की मिले सुविधा
33 वर्षीय मीनाक्षी ने कहा कि उनके मोहल्ले में आंगनबाड़ी तो बना दी गई है, लेकिन वहां अभी तक सरकार की ओर से कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई है। वहीं राशन का सही से वितरण नहीं किया जाता है जिसके लिए सही से व्यवस्था की जानी चाहिए और राशन के लिए एक ही दिन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। वे विजयी होने वाले मेयर व पार्षद से चाहती हैं कि गली-मोहल्लों के विकास पर खास ध्यान दिया जाए।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उठाए कदम
42 वर्षीय सरोज ने कहा कि मतदान करते हुए उनकी शहर की सरकार से उम्मीद है कि अधिकतर बच्चे बेरोजगार हैं, उनके लिए विकास कार्य किए जाएं, क्योंकि बच्चे आत्मनिर्भर रहेंगे तभी वह अपने माता-पिता का मजबूत सहारा बन सकेंगे। वे कहती हैं कि बच्चों को विदेशों में जाने के बजाय अपने ही शहर में रोजगार दिया जाए जिससे देश का विकास हो सके।
शहर के विकास में दे ध्यान
43 वर्षीय विकास शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार देश के विकास के लिए अच्छे कार्य कर रही है जिसे ध्यान में रखते हुए मतदान किया है कि शहर की सरकार भी स्थानीय स्तर पर शहर के विकास के लिए बेहतर कार्य करेंगी। शहर में कई जगहों पर बहुत गंदगी है, जिससे शहर स्मार्ट सिटी प्रतीत नहीं होता है, इसलिए उम्मीद है कि जल्द से जल्द स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा।
समस्याओं का हो समाधान
56 वर्षीय धर्मवीर मान ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शहर की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए और शहर में हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर उनके विकास के लिए कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि शहर की सरकार यदि अच्छे से कार्य करेंगी तो देश भी विकास की ओर बढ़ेगा।
विकलांग वर्ग और गरीबों को समय पर मिले पेंशन
58 वर्षीय गीता विकलांग हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पिछले 18 महीनों से विकलांग की पेंशन नहीं मिल पा रही थी जिसमें सरकार की तरफ से भी कोई मदद नहीं की गई। इसके अलावा गरीब होने के कारण गुलाबी कार्ड भी नहीं बन पा रहा है, इसलिए आने वाली सरकार से उम्मीद है कि उन्हें समय पर विकलांग पेंशन मिले और गुलाबी कार्ड उपलब्ध करवाया जाए वहीं 18 महीने की रुकी पेंशन दिलाई जाए।
बंद नालियों को दुरुस्त किए जाए
60 वर्षीय सुलोचना ने कहा कि उनकी गली में नालियां कई सालों से बंद हैं, जिनसे बदबू आती है। मच्छर पैदा होने से बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। उन्होंने इस उम्मीद से मतदान किया कि शहर की गलियों में बंद नालियों का जल्द समाधान किया जाए। इसके अलावा घरों के ऊपर हाईटेंशन तारों के कारण करंट लगता है इसलिए इन तारों को हटाया जाए।
बुजुर्ग पेंशन समय पर उपलब्ध हो
62 वर्षीय बिंदेश्वर तांती ने कहा कि वह मेयर और पार्षद से चाहते हैं कि उनकी बुजुर्ग पेंशन को शुरू किया जाए। मजदूर किसी तरह अपने परिवार का गुजारा करते हैं, इसलिए उम्मीद है कि शहर की सरकार गरीब वर्ग के लोगों पर ध्यान दे और उन्हें राशन आदि समय पर दिलाया जाए।
जर्जर गलियों में हो सुधार
70 वर्षीय चंद्रकांता ने कहा कि उनकी गलियों की हालत खराब है। गलियों में बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं जिनसे बारिश में हादसे होते हैं, वहीं सीवरेज बंद होने के कारण पानी घर की दीवार में रिस रहा है जिससे दीवारों में सीलन आ चुकी है। इसलिए आने वाली शहर की सरकार से उम्मीद है कि वह गलियों का सुधार करेगी और सिवरेज व्यवस्था दुरुस्त करेगी।
चुनाव में किए वादे निभाए
71 वर्षीय सुभाष शर्मा ने कहा कि चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार वोट लेने के लिए घर-घर आते हैं और अनेक वादे करते हैं, वहीं सरकार बन जाने के बाद पूछते भी नहीं हैं। इसलिए इस बार शहर की सरकार से उम्मीद है कि वह शहरवासियों के लिए बेहतर कार्य करेगी और शहर को विकसित बनाने के लिए विशेष कदम उठागी।
भ्रष्टाचार का हो खात्मा
73 वर्षीय जगत सिंह ने कहा कि स्थानीय स्तर पर आज भी भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ है जिससे शहर के पढ़े-लिखे युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, इसलिए चुने जाने वाले मेयर और पार्षद से उम्मीद है कि शहर में वह बदलाव लाएंगे और विकास के लिए ईमानदारी से कार्य करेंगे।
शहर में विकास की दरकार
83 वर्षीय संतोष ने कहा कि उन्हें शहर की सरकार से उम्मीद है कि सरकार की तरफ से दी जा रही सभी सुविधाओं को हर वर्ग तक पहुंचाया जाए। साथ ही हर वर्ग को ध्यान में रखकर उनके विकास के लिए कार्य किए जाएं जिससे युवा से लेकर बुजुर्ग तक को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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मानसी मौर्य
करनाल। भले ही मतदान का प्रतिशत कम रह गया, लेकिन जो मतदाता घर से निकले, उनमें जबरदस्त उत्साह दिखा। 18 वर्ष के युवाओं से लेकर शतायु मतदाताओं तक ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र के पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मतदान केंद्रों पर सुबह से मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं।
मतदान करने पहुंचे लोगों में जोश दिखा, उन्होंने अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। कई युवा मतदाताओं ने पहली बार शहर की सरकार बनाने के लिए मतदान किया। बुजुर्गों ने भी पूरी ऊर्जा के साथ मतदान किया। हालांकि लगातार जागरूकता के बाद भी बहुत से मतदाता ऐसे रहे, जो बूथों तक नहीं पहुंचे। संवाद
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युवाओं के रोजगार पर दिया जाए ध्यान
22 वर्षीय निशी पहली बार मतदान करने के लिए मतदान केंद्र पर आई। उनका कहना था कि शहर के चुनाव शहरवासियों के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। वह कहती हैं कि वे आने वाले मेयर व पार्षद से चाहती हैं कि उनके शहर में विकास कार्य हों और रोजगार व विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति की व्यवस्था सही से की जाए, जिससे गरीब बच्चे भी कॉलेज में अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें।
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आंगनबाड़ी और राशन की मिले सुविधा
33 वर्षीय मीनाक्षी ने कहा कि उनके मोहल्ले में आंगनबाड़ी तो बना दी गई है, लेकिन वहां अभी तक सरकार की ओर से कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई है। वहीं राशन का सही से वितरण नहीं किया जाता है जिसके लिए सही से व्यवस्था की जानी चाहिए और राशन के लिए एक ही दिन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। वे विजयी होने वाले मेयर व पार्षद से चाहती हैं कि गली-मोहल्लों के विकास पर खास ध्यान दिया जाए।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उठाए कदम
42 वर्षीय सरोज ने कहा कि मतदान करते हुए उनकी शहर की सरकार से उम्मीद है कि अधिकतर बच्चे बेरोजगार हैं, उनके लिए विकास कार्य किए जाएं, क्योंकि बच्चे आत्मनिर्भर रहेंगे तभी वह अपने माता-पिता का मजबूत सहारा बन सकेंगे। वे कहती हैं कि बच्चों को विदेशों में जाने के बजाय अपने ही शहर में रोजगार दिया जाए जिससे देश का विकास हो सके।
शहर के विकास में दे ध्यान
43 वर्षीय विकास शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार देश के विकास के लिए अच्छे कार्य कर रही है जिसे ध्यान में रखते हुए मतदान किया है कि शहर की सरकार भी स्थानीय स्तर पर शहर के विकास के लिए बेहतर कार्य करेंगी। शहर में कई जगहों पर बहुत गंदगी है, जिससे शहर स्मार्ट सिटी प्रतीत नहीं होता है, इसलिए उम्मीद है कि जल्द से जल्द स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा।
समस्याओं का हो समाधान
56 वर्षीय धर्मवीर मान ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शहर की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए और शहर में हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर उनके विकास के लिए कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि शहर की सरकार यदि अच्छे से कार्य करेंगी तो देश भी विकास की ओर बढ़ेगा।
विकलांग वर्ग और गरीबों को समय पर मिले पेंशन
58 वर्षीय गीता विकलांग हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पिछले 18 महीनों से विकलांग की पेंशन नहीं मिल पा रही थी जिसमें सरकार की तरफ से भी कोई मदद नहीं की गई। इसके अलावा गरीब होने के कारण गुलाबी कार्ड भी नहीं बन पा रहा है, इसलिए आने वाली सरकार से उम्मीद है कि उन्हें समय पर विकलांग पेंशन मिले और गुलाबी कार्ड उपलब्ध करवाया जाए वहीं 18 महीने की रुकी पेंशन दिलाई जाए।
बंद नालियों को दुरुस्त किए जाए
60 वर्षीय सुलोचना ने कहा कि उनकी गली में नालियां कई सालों से बंद हैं, जिनसे बदबू आती है। मच्छर पैदा होने से बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। उन्होंने इस उम्मीद से मतदान किया कि शहर की गलियों में बंद नालियों का जल्द समाधान किया जाए। इसके अलावा घरों के ऊपर हाईटेंशन तारों के कारण करंट लगता है इसलिए इन तारों को हटाया जाए।
बुजुर्ग पेंशन समय पर उपलब्ध हो
62 वर्षीय बिंदेश्वर तांती ने कहा कि वह मेयर और पार्षद से चाहते हैं कि उनकी बुजुर्ग पेंशन को शुरू किया जाए। मजदूर किसी तरह अपने परिवार का गुजारा करते हैं, इसलिए उम्मीद है कि शहर की सरकार गरीब वर्ग के लोगों पर ध्यान दे और उन्हें राशन आदि समय पर दिलाया जाए।
जर्जर गलियों में हो सुधार
70 वर्षीय चंद्रकांता ने कहा कि उनकी गलियों की हालत खराब है। गलियों में बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं जिनसे बारिश में हादसे होते हैं, वहीं सीवरेज बंद होने के कारण पानी घर की दीवार में रिस रहा है जिससे दीवारों में सीलन आ चुकी है। इसलिए आने वाली शहर की सरकार से उम्मीद है कि वह गलियों का सुधार करेगी और सिवरेज व्यवस्था दुरुस्त करेगी।
चुनाव में किए वादे निभाए
71 वर्षीय सुभाष शर्मा ने कहा कि चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार वोट लेने के लिए घर-घर आते हैं और अनेक वादे करते हैं, वहीं सरकार बन जाने के बाद पूछते भी नहीं हैं। इसलिए इस बार शहर की सरकार से उम्मीद है कि वह शहरवासियों के लिए बेहतर कार्य करेगी और शहर को विकसित बनाने के लिए विशेष कदम उठागी।
भ्रष्टाचार का हो खात्मा
73 वर्षीय जगत सिंह ने कहा कि स्थानीय स्तर पर आज भी भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ है जिससे शहर के पढ़े-लिखे युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, इसलिए चुने जाने वाले मेयर और पार्षद से उम्मीद है कि शहर में वह बदलाव लाएंगे और विकास के लिए ईमानदारी से कार्य करेंगे।
शहर में विकास की दरकार
83 वर्षीय संतोष ने कहा कि उन्हें शहर की सरकार से उम्मीद है कि सरकार की तरफ से दी जा रही सभी सुविधाओं को हर वर्ग तक पहुंचाया जाए। साथ ही हर वर्ग को ध्यान में रखकर उनके विकास के लिए कार्य किए जाएं जिससे युवा से लेकर बुजुर्ग तक को परेशानी का सामना न करना पड़े।