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रुपये देकर ही मिलेगी नि:शुल्क साइकिल
Mon, 17 Nov 2025 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 17 Nov 2025 01:39 AM IST
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करनाल। जिन ग्रामीण विद्यार्थियों का स्कूल घर से दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर है, उन्हें सरकार की ओर से नि:शुल्क साइकिल देने की योजना है। इस बार योजना के तहत साइकिल लेने के लिए विद्यार्थियों को रुपये का भुगतान करना होगा। क्योंकि शिक्षा विभाग की ओर से निर्धारित राशि में बाजार में कोई भी साइकिल उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अभिभावकों की जेब हिलने के बाद ही बच्चों को विभाग की योजना में नि:शुल्क साइकिल मिलेगी। अभिभावकों को कम से कम 2000 रुपये से तीन हजार रुपये तक की राशि का भुगतान करना होगा।
शिक्षा विभाग की ओर से 20 इंच की साइकिल 2800 रुपये में और 22 इंच की 3000 रुपये में देने की योजना बनाई है। लेकिन बाजार में 5 हजार रुपये से साइकिल की कीमत शुरू है। इधर, विभाग की राशि के आंकड़ों पर नजर डालें तो साइकिल के लिए निर्धारित बजट महंगाई के साथ बढ़ने के बजाय घट गया है। पिछले 3 साल से विभाग की ओर से 500 रुपये प्रति साइकिल के हिसाब से बजट में कटौती की गई है। वर्ष 2022 तक 20 इंच की साइकिल के लिए 3100 और 22 इंच के लिए 3300 रुपये बजट निर्धारित था।
करनाल जिले के सभी छह खंडों में 500 से ज्यादा विद्यार्थियों को हर वर्ष साइकिल विभाग के मेले में मिलती हैं। इस बार 17 और 18 नवंबर को सेक्टर-13 के राजकीय उच्च विद्यालय के मैदान में मेले का आयोजन होगा। योजना के अनुसार, अनुसूचित जाति के ऐसे विद्यार्थी जिनके गांव में माध्यमिक स्कूल नहीं या गांव से माध्यमिक और उच्च विद्यालय की दूरी 2 किलोमीटर या उससे अधिक है, उन विद्यार्थियों को स्कूल नियमित बनाए रखने के लिए मुफ्त साइकिल दी जाती है।
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बढ़े दाम, बजट में आएगी टॉय साइकिल
साइकिल विक्रेताओं के अनुसार, कोरोना के बाद से साइकिल का चलन बढ़ा है और पिछले तीन वर्ष में दाम में भी तेजी आई है। सामान्य 20 इंच की साइकिल 4500 रुपये और 22 इंच की साइकिल 5000 रुपये की है। इससे अलग रेंजर या फीमेल साइकिल, गियर साइकिल, डिस्क ब्रेक में साइकिल लें तो उसकी कीमत छह हजार रुपये से अधिक है। जबकि विभाग की ओर से जो निर्धारित रेट है, उसमें केवल छोटे बच्चों की टॉय साइकिल ही मिल पाएंगी।
विभाग खाते में करेगा भुगतान
योजना के तहत लाभार्थी विद्यार्थी अपने अभिभावक के साथ जिला स्तरीय मेले में साइकिल खरीदने के लिए आएंगे। यहां उन्हें निर्धारित फार्म भरना होगा। जिस पर बच्चे, स्कूल मुखिया, एसएमसी प्रधान और सदस्य के भी हस्ताक्षर होंगे। साइकिल विक्रेता समय पर बच्चे को पसंद की साइकिल उसके विद्यालय में उपलब्ध कराएगा। साइकिल उपलब्ध होते ही संबंधित स्कूल मुखिया विद्यार्थी के बैंक खाते में राशि जारी करेगा। विद्यार्थी साइकिल प्राप्ति और बैंक खाते में राशि प्राप्ति के तीन दिन के अंदर स्कूल मुखिया के संज्ञान में लाते हुए यह राशि संबंधित फर्म को भुगतान करेगा।
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विभाग की ओर से साइकिल के लिए राशि तय की गई है। यदि साइकिल खरीद में अतिरिक्त खर्च आएगा तो वह अभिभावकों को वहन करना होगा। विभाग केवल निर्धारित राशि पर ही भुगतान कर सकता है। नि:शुल्क साइकिल योजना का लाभ उठाने वाले विद्यार्थियों को विभाग की विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। - ज्योत्सना मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी।
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शिक्षा विभाग की ओर से 20 इंच की साइकिल 2800 रुपये में और 22 इंच की 3000 रुपये में देने की योजना बनाई है। लेकिन बाजार में 5 हजार रुपये से साइकिल की कीमत शुरू है। इधर, विभाग की राशि के आंकड़ों पर नजर डालें तो साइकिल के लिए निर्धारित बजट महंगाई के साथ बढ़ने के बजाय घट गया है। पिछले 3 साल से विभाग की ओर से 500 रुपये प्रति साइकिल के हिसाब से बजट में कटौती की गई है। वर्ष 2022 तक 20 इंच की साइकिल के लिए 3100 और 22 इंच के लिए 3300 रुपये बजट निर्धारित था।
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करनाल जिले के सभी छह खंडों में 500 से ज्यादा विद्यार्थियों को हर वर्ष साइकिल विभाग के मेले में मिलती हैं। इस बार 17 और 18 नवंबर को सेक्टर-13 के राजकीय उच्च विद्यालय के मैदान में मेले का आयोजन होगा। योजना के अनुसार, अनुसूचित जाति के ऐसे विद्यार्थी जिनके गांव में माध्यमिक स्कूल नहीं या गांव से माध्यमिक और उच्च विद्यालय की दूरी 2 किलोमीटर या उससे अधिक है, उन विद्यार्थियों को स्कूल नियमित बनाए रखने के लिए मुफ्त साइकिल दी जाती है।
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बढ़े दाम, बजट में आएगी टॉय साइकिल
साइकिल विक्रेताओं के अनुसार, कोरोना के बाद से साइकिल का चलन बढ़ा है और पिछले तीन वर्ष में दाम में भी तेजी आई है। सामान्य 20 इंच की साइकिल 4500 रुपये और 22 इंच की साइकिल 5000 रुपये की है। इससे अलग रेंजर या फीमेल साइकिल, गियर साइकिल, डिस्क ब्रेक में साइकिल लें तो उसकी कीमत छह हजार रुपये से अधिक है। जबकि विभाग की ओर से जो निर्धारित रेट है, उसमें केवल छोटे बच्चों की टॉय साइकिल ही मिल पाएंगी।
विभाग खाते में करेगा भुगतान
योजना के तहत लाभार्थी विद्यार्थी अपने अभिभावक के साथ जिला स्तरीय मेले में साइकिल खरीदने के लिए आएंगे। यहां उन्हें निर्धारित फार्म भरना होगा। जिस पर बच्चे, स्कूल मुखिया, एसएमसी प्रधान और सदस्य के भी हस्ताक्षर होंगे। साइकिल विक्रेता समय पर बच्चे को पसंद की साइकिल उसके विद्यालय में उपलब्ध कराएगा। साइकिल उपलब्ध होते ही संबंधित स्कूल मुखिया विद्यार्थी के बैंक खाते में राशि जारी करेगा। विद्यार्थी साइकिल प्राप्ति और बैंक खाते में राशि प्राप्ति के तीन दिन के अंदर स्कूल मुखिया के संज्ञान में लाते हुए यह राशि संबंधित फर्म को भुगतान करेगा।
विभाग की ओर से साइकिल के लिए राशि तय की गई है। यदि साइकिल खरीद में अतिरिक्त खर्च आएगा तो वह अभिभावकों को वहन करना होगा। विभाग केवल निर्धारित राशि पर ही भुगतान कर सकता है। नि:शुल्क साइकिल योजना का लाभ उठाने वाले विद्यार्थियों को विभाग की विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। - ज्योत्सना मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी।