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Karnal News: वर्षों पुराने राज्य वृक्ष पीपल पर चला दी कुल्हाड़ी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jun 2023 02:52 AM IST
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Years old state tree Peepal fired ax
- मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम, लोगों में नाराजगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पर्यावरण दिवस के अगले दिन ही जिले के गांव बरास में मंगलवार को एक पुराने पीपल के पेड़ पर कुल्हाड़ी चला दी गई। पेड़ की उम्र करीब 100 साल बताई जा रही है। जब तक वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच पाते पेड़ का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से कट चुका था। मौके पर पहुंचे दारोगा ने तना बचवाया।
पेड़ को काट कर जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड किया जा रहा था। सोमवार को जिले में जहां जोर शोर से पर्यावरण दिवस मनाया गया। हर जगह पौधे रोपित और आवंटित किए गए वहीं शायद कुछ लोगों पर इसका फर्क नहीं पड़ता। इस संदर्भ में सरपंच विनोद का कहना है कि पेड़ निजी जमीन में है, उसमें वह कुछ नहीं कह सकते।
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दो महीने पहले भी कटवाया था वृक्ष
करीब दो महीने पहले भी गांव बरास में पंचायती जमीन पर खड़े वृक्ष पर कुल्हाड़ी चलवाई गई थी। तर्क दिया था कि पेड़ ऊपर से गुजर रही हाइटेंशन तारों को छू रहा है। मामला गर्माया तो तने को छोड़ दिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पेड़ काटने की बजाए बिजली की लाइन को थोड़ा शिफ्ट करके पेड़ काे बचाया जा सकता है लेकिन सरपंच ने लाइन की बजाया पेड़ काटना ज्यादा उचित समझा। 31 मई को भी करनाल के प्रेमनगर स्थित अपना पार्क के गेट पर खड़ा वर्षों पुराना पीपल का पेड़ काट कर तना वहीं पर फेंक दिया गया था।
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विभाग करे कार्रवाई

ग्रीन अर्थ एनजीओ के संस्थापक डाॅ. नरेश भारद्वाज का कहना कि क्योंकि पीपल का वृक्ष तो बिना वन विभाग की परमिशन के काटा नहीं जा सकता। चाहे पेड़ निजी भूमि पर हो या फिर सरकारी जमीन पर। उनकी संस्था 2006 से लेकर अब तक करीब पांच हजार पेड़ों का जीवन बचा चुकी है। पेड़ों के मामले को लेकर वन विभाग और जिला प्रशासन का दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लानी चाहिए।

पीपल का पेड़ राज्य वृक्ष है, इससे काटा नहीं जा सकता। लेकिन निजी भूमि पर खड़े पेड़ के काटने पर उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पेड़ क्योंकि निजी जमीन में है तो उसे लेकर जांच पड़ताल की जाएगी कि इस पर क्या कार्रवाई हो सकती है।
जय कुमार नरवाल, जिला वन अधिकारी, करनाल
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