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Karnal News: कर्णनगरी में गंगा दशहरे पर होगी यमुना महाआरती
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- हरियाणा में मनाया जाएगा यमुना दशहरा, प्रदूषण मुक्त रखने का भी लिया जाएगा संकल्प
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब तक लोग गंगा दशहरा पर गंगा स्नान कर महाआरती करते थे, लेकिन अब हरियाणा में पहली बार यमुना दशहरा मनाया जाएगा और गंगा आरती की तरह यमुना महाआरती की जाएगी।
हालांकि हरियाणा में श्रद्धालु गंगा दशहरा पर यमुना घाटों पर जुटते हैं और स्नान कर विधिवत पूजा अर्चना करते आ रहे हैं। कई अन्य त्योहारों पर भी यमुना के तटों पर श्रद्धा उमड़ती है, लेकिन अब हरियाणा में मां गंगा के साथ-साथ जीवनदायिनी मानी जाने वाली मां यमुना को और अधिक सम्मान देने के लिए अब यमुना दशहरा की भी शुरुआत की जा रही है।
हरियाणा में सबसे पहले इसकी शुरुआत 29 मई की शाम से कुंजपुरा के निकट कुंडा घाट से की जाएगी। इसके लिए स्वामी प्रेमपाल सागर के सानिध्य में मां यमुना सेवा समिति का गठन किया गया है। जिसका अध्यक्ष कर्मबीर लाठर को बनाया गया है। वाराणसी की गंगा महाआरती की तर्ज पर यमुना महाआरती की तैयारी की गई है। इसके लिए बड़ी ज्योति भी मंगाई गई है, जिसमें एक साथ कई ज्योति प्रज्वलित होंगी। ब्राह्मण, पुजारियों की ओर से शंखनाद किया जाएगा। यमुना को प्रदूषण मुक्त रखने के संकल्प के साथ समिति कार्य करेगी। 29 मई की शाम सूर्यास्त के समय और 30 मई की सुबह सूर्योदय के समय महाआरती होगी। इसे लेकर क्षेत्र के लोगों में भी उत्साह दिखाई दे रहा है।
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समिति पदाधिकारियों ने बताया कि यमुना दशहरा पर यमुना मैया की महाआरती के समय भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए यहां व्यापक इंतजाम किए गए हैं। महिलाओं के लिए टेंट आदि लगाकर स्नान की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम की सफलता के लिए समिति पदाधिकारियों के साथ कई वालिंयटरों को भी लगाया गया है। इस परंपरा को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा। गंगा दशहरा 29 और 30 मई को मनाई जाएगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब तक लोग गंगा दशहरा पर गंगा स्नान कर महाआरती करते थे, लेकिन अब हरियाणा में पहली बार यमुना दशहरा मनाया जाएगा और गंगा आरती की तरह यमुना महाआरती की जाएगी।
हालांकि हरियाणा में श्रद्धालु गंगा दशहरा पर यमुना घाटों पर जुटते हैं और स्नान कर विधिवत पूजा अर्चना करते आ रहे हैं। कई अन्य त्योहारों पर भी यमुना के तटों पर श्रद्धा उमड़ती है, लेकिन अब हरियाणा में मां गंगा के साथ-साथ जीवनदायिनी मानी जाने वाली मां यमुना को और अधिक सम्मान देने के लिए अब यमुना दशहरा की भी शुरुआत की जा रही है।
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हरियाणा में सबसे पहले इसकी शुरुआत 29 मई की शाम से कुंजपुरा के निकट कुंडा घाट से की जाएगी। इसके लिए स्वामी प्रेमपाल सागर के सानिध्य में मां यमुना सेवा समिति का गठन किया गया है। जिसका अध्यक्ष कर्मबीर लाठर को बनाया गया है। वाराणसी की गंगा महाआरती की तर्ज पर यमुना महाआरती की तैयारी की गई है। इसके लिए बड़ी ज्योति भी मंगाई गई है, जिसमें एक साथ कई ज्योति प्रज्वलित होंगी। ब्राह्मण, पुजारियों की ओर से शंखनाद किया जाएगा। यमुना को प्रदूषण मुक्त रखने के संकल्प के साथ समिति कार्य करेगी। 29 मई की शाम सूर्यास्त के समय और 30 मई की सुबह सूर्योदय के समय महाआरती होगी। इसे लेकर क्षेत्र के लोगों में भी उत्साह दिखाई दे रहा है।
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समिति पदाधिकारियों ने बताया कि यमुना दशहरा पर यमुना मैया की महाआरती के समय भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए यहां व्यापक इंतजाम किए गए हैं। महिलाओं के लिए टेंट आदि लगाकर स्नान की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम की सफलता के लिए समिति पदाधिकारियों के साथ कई वालिंयटरों को भी लगाया गया है। इस परंपरा को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा। गंगा दशहरा 29 और 30 मई को मनाई जाएगी।