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महिलाओं के पास होगी 193 ग्राम पंचायतों की चौधर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Oct 2022 02:21 AM IST
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Women will have Chaudhar of 193 Gram Panchayats
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल/मूनक। पचास फीसदी आरक्षण मिलने के बाद अब ग्रामीण अंचलों में महिलाओं ने भी कमान संभाल ली है। जिलेभर में इस बार 193 महिला प्रधान सरपंची की कुर्सी संभालेंगी। इसे लेकर महिला वर्ग काफी उत्साहित नजर आ रहा है। महिलाओं का कहना है कि अब उनकी बात को पहले की अपेक्षा बेहतर तरीके से सुना जा सकेगा और विकास को भी गति मिलेगी।
करनाल जिले में कुल ग्राम पंचायतों की संख्या 395 हैं। इसमें 395 सरपंच चुने जाएंगे। जबकि पंचों के पद 3901 हैं, इतने ही पंच चुने जाएंगे। जिलेभर में पहली बार पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी राजबीर खुंडिया ने बताया कि जिले में एससीएसटी, बीसी-ए और महिला आरक्षण तय कर दिया गया है। सभी को पूर्व निर्धारण के आधार पर आरक्षण दिया गया है। कुल महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, इसलिए 193 सरपंचों के पदों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। जिसमें 202 पंचायतों में सरपंच पुरुष चुने जाएंगे। इधर, आधी आबादी को पहली बार आधी सीटों पर आरक्षण मिला है तो ग्रामीण अंचलों में महिलाओं ने अपनी रणनीति भी तैयार करनी शुरू कर दी है।
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जिले के मूनक खंड के गांवों में रविवार को कई स्थानों पर महिलाएं गली-चौपालों पर चुनाव पर चर्चा करती नजर आईं। गीता देवी, रीना, फूलो देवी, फुलिया, विमला, महेंद्रु, गीता, सुमन, मीना, बिमला, कैलाश, चंद्रो, सुनीता, राम कौर, चंपा देवी, सुमन देवी, रामकली, कांता देवी ने बताया कि ये बड़े गर्व की बात है कि अब पंचायतों में हमारी आधी हिस्सेदारी होगी। महिलाएं साबित करेंगी कि पुरुषों से कई गुना अच्छा प्रदर्शन महिलाएं कर सकती हैं।
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उन्होंने बताया कि गांव में लगभग 55 प्रतिशत के करीब एससी व 15 प्रतिशत बीसी आबादी है। ज्यादातर लोग खेती किसानी व मजदूरी करते हैं। इस बार ऐसा सरपंच चुनेंगे जो हमारे गांव में बीपीएल कार्ड व प्लॉट गरीब लोगों को देगी जिसमें किसी भी प्रकार की धांधली न करे।
नेतृत्व क्षमता का होगा विकास
रोम देवी का कहना है महिला सरपंच बनने से महिलाएं निसंकोज होकर अपनी बात कह सकेंगी, महिला होने के नाते वह महिलाओं का ध्यान भी रखेगी। नशे पर पाबंदी लगाएगी। महिलाओं की नेतृत्व क्षमता का भी विकास होगा।
युवतियों को मिलेगी प्रेरणा
विमला देवी का कहना है कि कई बातें ऐसी होती हैं जो महिलाएं ही महिलाओं की सुन सकती हैं। महिला अत्याचारों पर रोक लगेगी। महिला सरपंच को देखकर लड़कियों को भी प्रेरणा मिलेगी।
रोजगार की आवश्यकता
चंद्रो का कहना है कि महिलाओं के रोजगार के लिए भी ग्राम पंचायत में कई कार्य होते हैं, लेकिन पुरुष प्रधानता के कारण मिल नहीं पाते हैं। वह गांव की ऐसी महिला को सरपंच चुनेंगी जो महिलाओं को आत्मनिर्भर करें बना सके।

बनाएं आत्मनिर्भर
फूलो देवी का कहना है कि गांव में सैकड़ों भूमि पंचायत के पास है। इसमें गांव की महिलाएं खेती के कार्य में निपुण होती हैं। महिलाओं के छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर खेत में सब्जी उगाने के लिए लीज पर देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
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