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थिरकती नजर आई महिलाएं, कहीं बुजुर्गों से लिया आशीर्वाद, मंदिरों में की पूजा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में जिला परिषद के 25 वार्डों में सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे 239 प्रत्याशियों तथा ब्लॉक समिति के 200 सदस्य पदों पर भाग्य आजमा रहे 7500 प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार सोमवार शाम पांच बजे थम गया। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अनोखे अंदाज में मतदाताओं को रिझाया गया। कहीं महिलाएं अपने प्रत्याशी के समर्थन में थिरकती दिखी तो कहीं प्रत्याशी बुजुर्गों से पैर छूकर सिर पर हाथ रखवा आशीर्वाद लेते दिखे। वहीं, कुछ प्रत्याशी देवी-देवताओं के मंदिरों में पहुंचे तो कुछ हवन यज्ञ करा अपनी जीत की कामना करते दिखे। आलम ये दिखा कि लोगों ने दीवारों से लेकर कुछ छोटे पेड़ों पर फैली बेल पर लगे बड़ी लौकी के ऊपर तक अपना पोस्टर चिपका दिया।
जिला परिषद सदस्य पद और ब्लॉक समिति सदस्य पद के लिए नौ नवंबर को मतदान होना है। जिसकी तैयारियां जिला प्रशासन ने भी पूरी कर ली हैं, वहीं बीते कई दिनों से लगातार शोरशराबे के साथ चल रहा चुनाव प्रचार सोमवार शाम को थम गया। हालांकि दूर दरदराज क्षेत्रों में छह से सात बजे तक लाउड स्पीकरों पर चुनावी शोर सुनाई देता रहा। क्योंकि चुनाव प्रचार का अंतिम दिन होने के कारण प्रत्याशियों ने कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी। नए-नए अंदाज में प्रचार प्रसार किया। मंदिरों से लेकर चौपालों तक हवन पूजन किया गया तो मतदाताओं के लिए चौबीस घंटे के भंडारे शुरू कर दिए गए। आलम ये रहा कि कहीं भी मतदाता दिखा तो भारी थकान के बावजूद प्रत्याशियों ने दौड़कर उसे गले लगा लिया। उम्र अधिक दिखी तो सीधे पैरों को पकड़ लिया और अपने सिर पर हाथ रखवाकर आशीर्वाद लिया। रात को प्रत्याशियों के दफ्तरों में भीड़भाड़ जुटी। रात को भी मध्यरात्रि तक लोगों के घरों की कुंडियां खटकती रही। लोग घर-घर जाकर संपर्क स्थापित करते दिखे।
बाहर रह रहे मतदाताओं को बुलाने के लिए भेजी गाड़ियां
गांव से लेकर जिला परिषद सदस्य तक का चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशियों की एक-एक मतदाता पर नजर है। जिले में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं, जिनका नाम तो गांव की वोटर लिस्ट में शामिल हैं लेकिन वह बाहर रह कर नौकरी करते हैं या फिर व्यवसाय करते हैं। प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों के माध्यम से बाकायदा सूची तैयार कराई है। उसका रूट प्लान तैयार किया है। इसके लिए गाड़ियों की बुकिंग कर दी गई है। मतदाताओं की संख्या के आधार पर लग्जरी गाड़ियों का इंतजाम किया गया है। चालकों को समझा दिया गया है कि उन्हें किस समय कहां पहुंचना हैं, किस किस को गाड़ी में लेकर आना है। वोटिंग के बाद उन्हें वापस छोड़कर भी आना है। इनका खर्च प्रत्याशियों द्वारा वहन किया जाएगा।
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करनाल। जिले में जिला परिषद के 25 वार्डों में सदस्य पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे 239 प्रत्याशियों तथा ब्लॉक समिति के 200 सदस्य पदों पर भाग्य आजमा रहे 7500 प्रत्याशियों का चुनाव प्रचार सोमवार शाम पांच बजे थम गया। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अनोखे अंदाज में मतदाताओं को रिझाया गया। कहीं महिलाएं अपने प्रत्याशी के समर्थन में थिरकती दिखी तो कहीं प्रत्याशी बुजुर्गों से पैर छूकर सिर पर हाथ रखवा आशीर्वाद लेते दिखे। वहीं, कुछ प्रत्याशी देवी-देवताओं के मंदिरों में पहुंचे तो कुछ हवन यज्ञ करा अपनी जीत की कामना करते दिखे। आलम ये दिखा कि लोगों ने दीवारों से लेकर कुछ छोटे पेड़ों पर फैली बेल पर लगे बड़ी लौकी के ऊपर तक अपना पोस्टर चिपका दिया।
जिला परिषद सदस्य पद और ब्लॉक समिति सदस्य पद के लिए नौ नवंबर को मतदान होना है। जिसकी तैयारियां जिला प्रशासन ने भी पूरी कर ली हैं, वहीं बीते कई दिनों से लगातार शोरशराबे के साथ चल रहा चुनाव प्रचार सोमवार शाम को थम गया। हालांकि दूर दरदराज क्षेत्रों में छह से सात बजे तक लाउड स्पीकरों पर चुनावी शोर सुनाई देता रहा। क्योंकि चुनाव प्रचार का अंतिम दिन होने के कारण प्रत्याशियों ने कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी। नए-नए अंदाज में प्रचार प्रसार किया। मंदिरों से लेकर चौपालों तक हवन पूजन किया गया तो मतदाताओं के लिए चौबीस घंटे के भंडारे शुरू कर दिए गए। आलम ये रहा कि कहीं भी मतदाता दिखा तो भारी थकान के बावजूद प्रत्याशियों ने दौड़कर उसे गले लगा लिया। उम्र अधिक दिखी तो सीधे पैरों को पकड़ लिया और अपने सिर पर हाथ रखवाकर आशीर्वाद लिया। रात को प्रत्याशियों के दफ्तरों में भीड़भाड़ जुटी। रात को भी मध्यरात्रि तक लोगों के घरों की कुंडियां खटकती रही। लोग घर-घर जाकर संपर्क स्थापित करते दिखे।
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बाहर रह रहे मतदाताओं को बुलाने के लिए भेजी गाड़ियां
गांव से लेकर जिला परिषद सदस्य तक का चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशियों की एक-एक मतदाता पर नजर है। जिले में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं, जिनका नाम तो गांव की वोटर लिस्ट में शामिल हैं लेकिन वह बाहर रह कर नौकरी करते हैं या फिर व्यवसाय करते हैं। प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों के माध्यम से बाकायदा सूची तैयार कराई है। उसका रूट प्लान तैयार किया है। इसके लिए गाड़ियों की बुकिंग कर दी गई है। मतदाताओं की संख्या के आधार पर लग्जरी गाड़ियों का इंतजाम किया गया है। चालकों को समझा दिया गया है कि उन्हें किस समय कहां पहुंचना हैं, किस किस को गाड़ी में लेकर आना है। वोटिंग के बाद उन्हें वापस छोड़कर भी आना है। इनका खर्च प्रत्याशियों द्वारा वहन किया जाएगा।

जिला परिषद के वार्ड 15 में नलवी पार गांव में बुजुर्ग मतदाता के पैर छूकर सिर पर आशीर्वाद का हाथ रखवा?
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