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पानी न मिलने पर फूटा महिलाओं का गुस्सा
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
Updated Sat, 10 May 2014 08:41 PM IST
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जुंडला। सरकार की ओर से लोगों को बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं।
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सख्त आदेश जारी भी किए गए हैं कि लोगाेें को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। लेकिन लोगों को कितना लाभ मिल पा रहा है इसका जीता जागता उदाहरण है जुंडला में शिव मंदिर मोहल्ला का। इस क्षेत्र के लोगों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है।
छह माह से इस क्षेत्र में लगाया गया सबमर्सीबल पंप खराब पड़ा है। ऐसे में पानी के लिए इस पंप पर आश्रित करीब डेढ़ सौ घरों में रहने वाले सैकड़ों लोगों को पेयजल के लिए खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि इस समस्या से निजात पाने के लिए लोगों ने आवाज नहीं उठाई।
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ग्राम सरपंच को लोग कई बार इसे दुरुस्त करवाने की मांग कर चुके हैं। बार-बार उन्हें आश्वासन दिया जाता है कि जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन छह महीने का समय बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार की कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। पानी की किल्लत को लेकर महिलाओं ने पंचायत व जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया और मामले में डीसी से हस्तक्षेप करने की मांग की।
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गृहिणी शीलादेवी, बाला रानी, सुमन रानी, राजबाला, सुंदर रानी, जीवन आशा, रोशनी देवी, रेनू बाला, संतोष रानी, माया देवी, बीरो देवी, ओमी देवी, रेखा रानी, सरोज, करेशनी देवी, कृष्णा देवी, मोहन लाल, सोनू, सुखविंद्र, रामदिया, बीरभान, राजेश कुमार, मदन लाल, विजय कुमार, प्रवीन कुमार का कहना है कि मोहल्ले में पानी की किल्लत बनी है।
ऊंचाई वाला क्षेत्र होने के कारण जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाई गई टूंटियों में पानी नहीं चढ़ पाता है। इससे परेशान होकर यहां पर सबमर्सीबल पंप लगवाया गया था।
छह महीने पहले वह भी खराब हो गया और पानी की किल्लत पहले से भी ज्यादा बढ़ गई। पंचायत को इस बारे में समाधान करने की बार-बार अपील की गई, लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने चेताया है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे सड़कोें पर उतरकर आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे।