{"_id":"c98406502a1d630747aa8c7d753f0f9f","slug":"women-are-targeting-the-dengue-mosquito","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं को निशाना बना रहे डेंगू के मच्छर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं को निशाना बना रहे डेंगू के मच्छर
अमर उजाला, करनाल
Updated Mon, 14 Oct 2013 09:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल के गांधी नगर की महिला सुदेश की मौत के बाद जिले में अब तक 12 लोगोें की डेंगू से मौत हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग केवल दो की पुष्टि कर रहा है।
अब तक जिले में 479 लोगों के डेंगू के सैंपल लिए जा चुके है, जिनमें 132 को डेंगू होने की पुष्टि हो चुकी है। इसके बावजूद डेंगू के रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ती रही है। गत वर्ष की अपेक्षा डेंगू के अब तक 60 केस अधिक हो चुके हैं। गत वर्ष डेंगू के 72 केस थे, जोकि आज बढ़कर 132 हो चुके हैं, जबकि शहर की निजी अस्पताल में दाखिल डेंगू रोगी दाखिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन आंकड़ों में निजी अस्पतालों के आंकड़ों को शामिल नहीं किया है। अगर उन आंकड़ों को शामिल किया जाए तो जिले में डेंगू रोगियाें की संख्या सात हजार को भी पार कर चुकी है। अभी 5 रोगियों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
विज्ञापन
इन आंकड़ों से जिले में निरंतर बढ़ रहे डेंगू के प्रकोप का अंदाजा लगाया जा सकता है। अभी तक जिले में डेंगू से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि स्वास्थ्य विभाग केवल दो मौत होने की पुष्टि कर रहा है।
पांच अक्तूबर को हुई थी मौत
पांच अक्तूबर को गांधी नगर में रहने वाली करीब 32 वर्षीय महिला की डेंगू से मौत हो गई थी। पिछले कई दिनों से बीमार सुदेश ने कई डाक्टरों से अपना उपचार लिया था, लेकिन आराम नहीं आने पर एक अक्तूबर को सुदेश शहर के निजी अस्पताल में दाखिल हुई थी। जहां पांच अक्तूबर को उसकी मौत हो गई थी। मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी जांच में पाया कि सुदेश की मौत डेंगू के साथ कई अन्य बीमारियों के कारण हुई है।
महिला को था डेंगू
सिविल सर्जन डॉ. वंदना भाटिया ने बताया कि जिला में डेंगू के रोगियों की संख्या 132 हो चुकी है। अब तक दो मौत डेंगू पीड़ित की हुई है, जबकि मरने वाले बाकी सभी लोग संदिग्ध डेंगू पीड़ित बताए गए हैं।
उन्होंने बताया कि गांधी नगर में मरने वाली सुदेश को पिछले तीन सप्ताह से बुखार और डेंगू था। इसके अलावा महिला के मल्टीपन ओरगन फेल व फेफड़ों में सांस लेने की समस्या के अलावा कई बीमारियां थीं।
उन्होेंने बताया कि पिछले तीन सप्ताह से उसे परेशानी थी। एक अक्तूबर को सुदेश के परिजनों ने उसे उपचार के लिए श्रीराम चंद्र मेमोरियल अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां पांच अक्तूबर को उसकी मौत हो गई थी।
विज्ञापन
अब तक जिले में 479 लोगों के डेंगू के सैंपल लिए जा चुके है, जिनमें 132 को डेंगू होने की पुष्टि हो चुकी है। इसके बावजूद डेंगू के रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ती रही है। गत वर्ष की अपेक्षा डेंगू के अब तक 60 केस अधिक हो चुके हैं। गत वर्ष डेंगू के 72 केस थे, जोकि आज बढ़कर 132 हो चुके हैं, जबकि शहर की निजी अस्पताल में दाखिल डेंगू रोगी दाखिल हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन आंकड़ों में निजी अस्पतालों के आंकड़ों को शामिल नहीं किया है। अगर उन आंकड़ों को शामिल किया जाए तो जिले में डेंगू रोगियाें की संख्या सात हजार को भी पार कर चुकी है। अभी 5 रोगियों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
विज्ञापन
इन आंकड़ों से जिले में निरंतर बढ़ रहे डेंगू के प्रकोप का अंदाजा लगाया जा सकता है। अभी तक जिले में डेंगू से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि स्वास्थ्य विभाग केवल दो मौत होने की पुष्टि कर रहा है।
पांच अक्तूबर को हुई थी मौत
पांच अक्तूबर को गांधी नगर में रहने वाली करीब 32 वर्षीय महिला की डेंगू से मौत हो गई थी। पिछले कई दिनों से बीमार सुदेश ने कई डाक्टरों से अपना उपचार लिया था, लेकिन आराम नहीं आने पर एक अक्तूबर को सुदेश शहर के निजी अस्पताल में दाखिल हुई थी। जहां पांच अक्तूबर को उसकी मौत हो गई थी। मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी जांच में पाया कि सुदेश की मौत डेंगू के साथ कई अन्य बीमारियों के कारण हुई है।
महिला को था डेंगू
सिविल सर्जन डॉ. वंदना भाटिया ने बताया कि जिला में डेंगू के रोगियों की संख्या 132 हो चुकी है। अब तक दो मौत डेंगू पीड़ित की हुई है, जबकि मरने वाले बाकी सभी लोग संदिग्ध डेंगू पीड़ित बताए गए हैं।
उन्होंने बताया कि गांधी नगर में मरने वाली सुदेश को पिछले तीन सप्ताह से बुखार और डेंगू था। इसके अलावा महिला के मल्टीपन ओरगन फेल व फेफड़ों में सांस लेने की समस्या के अलावा कई बीमारियां थीं।
उन्होेंने बताया कि पिछले तीन सप्ताह से उसे परेशानी थी। एक अक्तूबर को सुदेश के परिजनों ने उसे उपचार के लिए श्रीराम चंद्र मेमोरियल अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां पांच अक्तूबर को उसकी मौत हो गई थी।