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बिना तैयारी के तस्करों को पकड़ने गई पुलिस खाली हाथ लौटी
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
Updated Mon, 17 Oct 2016 12:21 AM IST
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इस जगह से होकर जाते हैं पशु तस्कर
- फोटो : amar ujala
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गौ तस्करों को पकड़ने के लिए करनाल पुलिस बिना तैयारी के ही पहुंच गई। नतीजा, तस्कर पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग करके फरार हो गए और पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। पुलिस ने इस मामले में कुंजपुरा थाने में केस दर्ज किया है। अब पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही है।
दरअसल, शुक्रवार रात पुलिस को सूचना मिली कि रात को 40 से 50 तस्कर यूपी से गाड़ियों में सवार होकर हरियाणा में आएंगे और फिर यहां से गोवंश को लेकर वापस यूपी जाएगी। सूचना मिलने पर आनन-फानन में सीआईए टू की करीब 14 कर्मचारियों की टीम यूपी बॉर्डर पर यमुना के पास पहुंच गई और जड़ौली और शेरगढ़ टाबू के बीच के यमुना घाट पर नाका लगा लिया। पुल पर पुलिस कर्मचारी नाका लगाकर तैनात हो गए। हालांकि, पुलिस को जिस तरह से बड़ी सूचना मिली थी, पुलिस ने उस तरह की बड़ी तैयारी नहीं की। केवल 14 पुलिस कर्मचारी इतने तस्करों को पकड़ने के लिए चले गए।
पुलिस को अंदाजा था तस्कर यूपी से खाली गाड़ियां लेकर आ रहे हैं, ऐसे में वे गोलियां आदि नहीं चलाएंगे, पुलिस का तजुर्बा था कि हमेशा तस्कर तभी गोलियां चलाते हैं जब गाड़ियों में गौवंश हो और पुलिस उनको पकड़ने की कोशिश करती हो। पुलिस टीम यहीं पर गच्चा खा गई। रात करीब 12 बजे जैसे ही तस्करों की गाड़ियां यूपी की तरफ से आई तो पुल पर पुलिस को देखकर तस्कर वहीं पर रुक गए। कुछ देर तक दोनों तरफ से माहौल शांत रहा। बाद में जैसे ही पुलिस कर्मचारी तस्करों को पकड़ने के लिए आगे बढ़े तो अचानक तस्करों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
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बदमाशों के पास ऐसे हथियार थे जो दूर तक मार कर रहे थे। अचानक हुए हमले में पुलिस कर्मचारी भौचक रह गए और उन्होंने गन्नें के खेत में छुपकर मोर्चा संभाला और दोनों तरफ से फायरिंग हुई। हालांकि, तस्करों की संख्या ज्यादा होने के कारण पुलिस कर्मचारियों पर तस्कर भारी पड़े और वे ताबड़तोड़ फायरिंग करते रहे। इस पर पुलिस कर्मचारियों ने मोर्चा नहीं छोड़ा। काफी देर तक आमना-सामना होने के बाद आखिरकार बदमाश वापस यूपी की ओर फरार हो गए।
इस दौरान गनीमत रही कि तस्करों की गोलियां किसी पुलिस कर्मचारी को नहीं लगी, हालांकि टीम की गाड़ी पर जरूर गोलियों के निशान हैं। इसके बाद टीम ने आला अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। मौके पर एफएसएल की टीम ने करीब 60 खोल बरामद किए हैं। सीआईटू के इंचार्ज आजाद सिंह ने बताया कि पुलिस की तरफ से करीब 60 फायर किए गए, जबकि बदमाशों ने करीब 100 से ज्यादा फायर किए थे। पुलिस की दोनों गाड़ियों पर गोलियों के 20 से ज्यादा निशान हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी पुलिस और तस्करों में फायरिंग की कई घटनाएं हो चुकी हैं। बता दें कि इसमें कई पुलिस कर्मचारियों क चोटें भी आ चुकी हैं।
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दरअसल, शुक्रवार रात पुलिस को सूचना मिली कि रात को 40 से 50 तस्कर यूपी से गाड़ियों में सवार होकर हरियाणा में आएंगे और फिर यहां से गोवंश को लेकर वापस यूपी जाएगी। सूचना मिलने पर आनन-फानन में सीआईए टू की करीब 14 कर्मचारियों की टीम यूपी बॉर्डर पर यमुना के पास पहुंच गई और जड़ौली और शेरगढ़ टाबू के बीच के यमुना घाट पर नाका लगा लिया। पुल पर पुलिस कर्मचारी नाका लगाकर तैनात हो गए। हालांकि, पुलिस को जिस तरह से बड़ी सूचना मिली थी, पुलिस ने उस तरह की बड़ी तैयारी नहीं की। केवल 14 पुलिस कर्मचारी इतने तस्करों को पकड़ने के लिए चले गए।
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पुलिस को अंदाजा था तस्कर यूपी से खाली गाड़ियां लेकर आ रहे हैं, ऐसे में वे गोलियां आदि नहीं चलाएंगे, पुलिस का तजुर्बा था कि हमेशा तस्कर तभी गोलियां चलाते हैं जब गाड़ियों में गौवंश हो और पुलिस उनको पकड़ने की कोशिश करती हो। पुलिस टीम यहीं पर गच्चा खा गई। रात करीब 12 बजे जैसे ही तस्करों की गाड़ियां यूपी की तरफ से आई तो पुल पर पुलिस को देखकर तस्कर वहीं पर रुक गए। कुछ देर तक दोनों तरफ से माहौल शांत रहा। बाद में जैसे ही पुलिस कर्मचारी तस्करों को पकड़ने के लिए आगे बढ़े तो अचानक तस्करों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
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बदमाशों के पास ऐसे हथियार थे जो दूर तक मार कर रहे थे। अचानक हुए हमले में पुलिस कर्मचारी भौचक रह गए और उन्होंने गन्नें के खेत में छुपकर मोर्चा संभाला और दोनों तरफ से फायरिंग हुई। हालांकि, तस्करों की संख्या ज्यादा होने के कारण पुलिस कर्मचारियों पर तस्कर भारी पड़े और वे ताबड़तोड़ फायरिंग करते रहे। इस पर पुलिस कर्मचारियों ने मोर्चा नहीं छोड़ा। काफी देर तक आमना-सामना होने के बाद आखिरकार बदमाश वापस यूपी की ओर फरार हो गए।
इस दौरान गनीमत रही कि तस्करों की गोलियां किसी पुलिस कर्मचारी को नहीं लगी, हालांकि टीम की गाड़ी पर जरूर गोलियों के निशान हैं। इसके बाद टीम ने आला अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। मौके पर एफएसएल की टीम ने करीब 60 खोल बरामद किए हैं। सीआईटू के इंचार्ज आजाद सिंह ने बताया कि पुलिस की तरफ से करीब 60 फायर किए गए, जबकि बदमाशों ने करीब 100 से ज्यादा फायर किए थे। पुलिस की दोनों गाड़ियों पर गोलियों के 20 से ज्यादा निशान हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी पुलिस और तस्करों में फायरिंग की कई घटनाएं हो चुकी हैं। बता दें कि इसमें कई पुलिस कर्मचारियों क चोटें भी आ चुकी हैं।